BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
5 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'मूल्यांकन और मापन (Evaluation and Measurement) के आधुनिक मनोवैज्ञानिक सिद्धांतों' के संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण' (Taxonomy of Educational Objectives) के 'संज्ञानात्मक पक्ष' (Cognitive Domain) के अंतर्गत सर्वोच्च स्तरों—'संश्लेषण' (Synthesis / सृजन) और 'मूल्यांकन' (Evaluation)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) की आलोचनात्मक चिंतन और निर्णय लेने की सक्रियण प्रक्रिया, तथा नॉर्मन ग्रोनलुंड (Norman Gronlund) और रॉबर्ट ग्लेसर (Robert Glaser) द्वारा प्रतिपादित 'मानदंड-संदर्भित परीक्षण' (Criterion-Referenced Testing) और 'निदानात्मक एवं रचनात्मक मूल्यांकन' (Diagnostic and Formative Assessment) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक दक्षताओं तथा स्व-नियमन (Self-Regulation) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

यह प्रश्न उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के उन्नत बाल विकास और शिक्षाशास्त्र पाठ्यक्रम के अंतर्गत मूल्यांकन, मापन, संज्ञानात्मक विकास के उच्च स्तरों और उनके न्यूरो-मनोवैज्ञानिक आधारों का गहन परीक्षण करता है। बेंजामिन ब्लूम के संज्ञानात्मक पक्ष (Cognitive Domain) के शीर्ष स्तरों—जैसे संश्लेषण (Creation) और मूल्यांकन (Evaluation)—के लिए मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) और 'एंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (ACC) की आवश्यकता होती है, जो कार्यकारी कार्यों, त्रुटि पहचान (Error detection) और जटिल निर्णय लेने में सक्रिय होते हैं। जब इसे नॉर्मन ग्रोनलुंड के रचनात्मक और निदानात्मक मूल्यांकन तथा सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के साथ जोड़ा जाता है, तो यह विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय आलोचनात्मक चिंतन और स्व-नियमन (Self-Regulation) को बढ़ावा देता है। अतः विकल्प (b) इस जटिल अंतर्संबंध को पूर्णतः और वैज्ञानिक रूप से सही ढंग से परिभाषित करता है।
Share:

Related Questions

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ' (Learning Styles) के संदर्भ में, शिक्षा मनोवैज्ञानिक डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अनुसार, जब कोई अधिगमकर्ता ठोस अनुभवों (Concrete Experience) को प्राप्त करने के बाद उनका चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation) करता है, तत्पश्चात अमूर्त अवधारणाओं (Abstract Conceptualization) का निर्माण करते हुए सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) की ओर बढ़ता है, तो कोब के वर्गीकरण के अनुसार इस प्रक्रिया में 'अभिसारी अधिगम शैली' (Convergent Learning Style) वाले बालक की मुख्य बौद्धिक प्रवृत्ति निम्नलिखित में से कौन सी होगी? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, कृषि-जलवायु प्रदेशों और प्रमुख फसलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश को कृषि योजना आयोग द्वारा कुल 9 (नौ) विशिष्ट कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) में विभाजित किया गया है, जो राज्य की मृदा, वर्षा और तापमान की भिन्नता पर आधारित हैं। 2. उत्तर प्रदेश के 'बुंदेलखंड क्षेत्र' में मुख्य रूप से लाल और परवा मृदा पाई जाती है, जहाँ सिंचाई के साधनों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण धान और गन्ने की खेती राज्य में सर्वाधिक होती है। 3. उत्तर प्रदेश का 'पूर्वी मैदानी क्षेत्र' (Eastern Plain Zone) अधिक वर्षा और जलोढ़ मृदा की उपस्थिति के कारण धान के उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, मृदा प्रकार और जलवायुिक विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश का मैदानी भाग मुख्यतः गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी से निर्मित है, जिसे स्थानीय रूप से 'बांगर' (पुरानी जलोढ़ मृदा) और 'खादर' (नई जलोढ़ मृदा) में विभाजित किया जाता है। खादर क्षेत्र में बाढ़ का पानी प्रतिवर्ष पहुँचता है जिसके कारण यह अधिक उपजाऊ होती है। 2. उत्तर प्रदेश के दक्षिण का पठारी क्षेत्र प्रायद्वीपीय पठार का उत्तर-पूर्वी विस्तार है, जिसके अंतर्गत ललितपुर, झाँसी, महोबा, बाँबा और सोनभद्र जिले आते हैं। इस क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मार' और 'काबर' मृदाएँ चिकनी और काली प्रकृति की होती हैं, जिनमें नमी धारण करने की अत्यधिक क्षमता होती है। 3. राज्य में ग्रीष्म ऋतु के दौरान बुंदेलखंड क्षेत्र में चलने वाली अत्यंत गर्म और शुष्क हवाओं को 'लू' कहा जाता है, तथा उत्तर प्रदेश में होने वाली कुल वार्षिक वर्षा का लगभग 75% से 80% भाग दक्षिण-पश्चिम मानसून की अरब सागर शाखा से प्राप्त होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में, 'लेव वायगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अनुसार 'स्केफोल्डिंग' (Scaffolding) और 'ज़ोन ऑफ़ प्रॉक्सिमल डेवलपमेंट' (ZPD) की अवधारणाओं का वास्तविक शैक्षिक निहितार्थ निम्नलिखित में से किस शिक्षण तकनीक में सबसे अधिक स्पष्ट रूप से झलकता है? पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'क्षेत्र भ्रमण' (Field Trip) के आयोजन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन इसके सबसे महत्वपूर्ण तार्किक एवं शैक्षणिक उद्देश्य को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.