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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और सार्वभौमिक डिजाइन (Universal Design for Learning - UDL)' के संदर्भ में, डेविड रोज़ (David Rose) और सेंटर फॉर अप्लाइड स्पेशल टेक्नोलॉजी (CAST) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के लिए सार्वभौमिक रूपरेखा' के तीन मुख्य सिद्धांतों—'प्रस्तुति के बहुविध साधन' (Multiple Means of Representation), 'अभिव्यक्ति और कार्रवाई के बहुविध साधन' (Multiple Means of Action and Expression), और 'संलग्नता के बहुविध साधन' (Multiple Means of Engagement)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मान्यता नेटवर्क' (Recognition Networks), 'रणनीतिक नेटवर्क' (Strategic Networks), और 'भावात्मक नेटवर्क' (Affective Networks) की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'अंतःक्रियात्मक जोन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ पाठ्यचर्या निर्माण और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक अभिगम्यता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सही उत्तर विकल्प (b) है। 'अधिगम के लिए सार्वभौमिक रूपरेखा' (Universal Design for Learning - UDL) डेविड रोज़ और CAST द्वारा विकसित एक ऐसा ढांचा है जो कक्षा में सभी छात्रों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। UDL के तीन प्रमुख सिद्धांत मस्तिष्क के तीन प्रमुख न्यूरो-संज्ञानात्मक नेटवर्क से सीधे जुड़े हैं: 1. प्रस्तुति के बहुविध साधन (Recognition Networks - 'क्या' सीखना है), 2. अभिव्यक्ति और कार्रवाई के बहुविध साधन (Strategic Networks - 'कैसे' सीखना है), और 3. संलग्नता के बहुविध साधन (Affective Networks - 'क्यों' सीखना है)। यह आधुनिक समावेशी शिक्षा में एक लचीला और सुलभ वातावरण तैयार करने में अत्यंत सहायक है।
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प्राथमिक स्तर पर गणितीय शिक्षण और बाल विकास के अधिगम सिद्धांतों के संदर्भ में, जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage, लगभग 7 से 11 वर्ष) के दौरान बालकों में विकसित होने वाली किस तार्किक क्षमता के कारण वे 'संरक्षण' (Conservation) और 'वर्गीकरण' (Classification) की अवधारणाओं को भली-भांति समझ पाते हैं?
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बच्चों के सामाजिक विकास (Social Development) के संदर्भ में, 'जीन पियाजे' और 'लेव वायगोत्स्की' के सिद्धांतों के बीच निम्नलिखित में से कौन सा मुख्य अंतर स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'भाबर क्षेत्र' (Bhabar Region) की विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भाबर क्षेत्र हिमालय के गिरिपद (Foot Hills) में शिवालिक श्रेणी के ठीक दक्षिण में एक संकीर्ण (लगभग 8 से 16 किमी चौड़ी) पेटी के रूप में सहारनपुर से लेकर कुशीनगर तक पश्चिम से पूर्व फैला हुआ है।
2. इस क्षेत्र में नदियाँ ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों से उतरते समय अपने साथ भारी मात्रा में बड़े-बड़े बोल्डर, कंकड़ और पत्थर बहाकर लाती हैं और उन्हें यहाँ निक्षेप कर देती हैं, जिसके परिणामस्वरूप इस अत्यधिक पारगम्य (Permeable) क्षेत्र में अधिकांश छोटी नदियाँ धरातल के नीचे विलुप्त (गायब) होकर प्रवाहित होती हैं।
3. अत्यधिक पथरीली और कंकड़-पत्थर युक्त मृदा होने के कारण भाबर क्षेत्र कृषि के लिए अत्यधिक उपयुक्त माना जाता है, जहाँ गेحूँ और गन्ने की सघन खेती की जाती है, जबकि यहाँ बड़े पैमाने पर सघन वन भी पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भावनात्मक बुद्धि और सामाजिक-संवेगात्मक अधिगम (SEL)' के संदर्भ में, डैनियल गोलमैन (Daniel Goleman) द्वारा प्रतिपादित 'भावनात्मक बुद्धि मॉडल' (Emotional Intelligence Model) के पाँच मुख्य घटकों—आत्म-जागरूकता (Self-Awareness), आत्म-नियमन (Self-Regulation), प्रेरणा (Motivation), सहानुभूति (Empathy), और सामाजिक कौशल (Social Skills)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System जिसमें अमिग्डाला शामिल है) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) की तर्कसंगत नियंत्रण और आवेग प्रबंधन की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा जॉन मेयर (John Mayer) और पीटर सैलोवे (Peter Salovey) द्वारा प्रतिपादित 'योग्यता आधारित मॉडल' (Ability-Based Model) के चार शाखाओं के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सकारात्मक सहकर्मी संबंधों के निर्माण और विद्यार्थियों में लचीलेपन (Resilience) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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समावेशी कक्षा कक्ष (Inclusive Classroom) में विभिन्न अधिगम शैलियों वाले बालकों और विशिष्ट आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की शिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की अवधारणा के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. विभेदीकृत अनुदेशन का तात्पर्य यह है कि शिक्षक एक ही पाठ योजना को बिना किसी परिवर्तन के पूरी कक्षा पर समान रूप से लागू करे, ताकि सभी विद्यार्थियों को बिना किसी भेदभाव के एक ही प्रकार की शिक्षण सामग्री प्राप्त हो सके।
2. इसके अंतर्गत शिक्षक विद्यार्थियों की वर्तमान क्षमताओं, रुचियों और तत्परता स्तर के आधार पर विषयवस्तु (Content), प्रक्रिया (Process), उत्पाद (Product) और सीखने के पर्यावरणीय परिवेश में लचीलापन और संशोधन करते हैं।
3. यह दृष्टिकोण जॉन डेवी के 'करके सीखने' (Learning by Doing) और प्रगतिशील शिक्षा (Progressive Education) के सिद्धांतों पर आधारित है, जो प्रत्येक बच्चे की व्यक्तिगत भिन्नताओं (Individual Differences) का सम्मान करते हुए उनकी अद्वितीय क्षमता का विकास करने पर बल देता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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