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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड टोलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत वर्णित 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) और 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) की संकल्पनाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा वुल्फगैंग कोहलर (Wolfgang Köhler) द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के अंतर्गत 'गेस्टाल्ट' (Gestalt) दृष्टिकोण यानी 'संपूर्णता के प्रत्यक्षीकरण' (Perception of Whole) और 'सहसा मानसिक पुनर्गठन' (Sudden Cognitive Restructuring) की प्रक्रियों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक समस्या-समाधान आधारित कक्षा-कक्ष शिक्षण और विद्यार्थियों में उच्च-स्तरीय तार्किक क्षमताओं के विकास में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड टोलमैन के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Purposive Behaviorism) के अनुसार, जीव अपने पर्यावरण का एक आंतरिक मानसिक प्रारूप या 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) तैयार करता है। 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) यह दर्शाता है कि अधिगम आंतरिक रूप से होता रहता है और तब तक प्रकट नहीं होता जब तक कि कोई प्रेरणा या पुरस्कार न मिले, जिसका अर्थ है कि अधिगम के लिए प्रबलन अनिवार्य नहीं है। वहीं, वुल्फगैंग कोहलर के 'अंतर्दृष्टि सिद्धांत' (Insight Theory) के अनुसार, चिम्पैंजी (सुल्तान) पर किए गए प्रयोगों ने यह सिद्ध किया कि कठिन समस्याओं का समाधान यांत्रिक प्रयासों से नहीं, बल्कि परिस्थिति के विभिन्न घटकों को एक समग्र रूप में देखकर अचानक होने वाले मानसिक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) या 'सूझ' (Insight) द्वारा होता है। ये दोनों सिद्धांत पारंपरिक यांत्रिक व्यवहारवाद को चुनौती देते हैं और आधुनिक संज्ञानात्मक व समस्या-समाधान शिक्षण रणनीतियों की नींव रखते हैं।
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उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध मेलों, उत्सवों और कला-संस्कृति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और सोनभद्र क्षेत्र में मनाए जाने वाले 'कजरी' महोत्सव के दौरान महिलाओं द्वारा गाए जाने वाले गीतों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा के प्रेम प्रसंग के साथ-साथ प्रकृति की सुंदरता और वर्षा ऋतु का सजीव वर्णन मिलता है।
2. उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में आयोजित होने वाला 'औंला मेला' (Alha Festival) उत्तर प्रदेश का प्रमुख पारंपरिक मेला है जो मुख्य रूप से आल्हा-उदल की वीरगाथाओं और बुंदेलखंडी लोकगाथाओं के गायन के लिए जाना जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर की सीमा पर लगने वाला 'गोमती नदी तट मेला' या 'धूतपापेश्वर मेला' कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जाता है, जहाँ श्रद्धालु पवित्र नदी में स्नान कर मोक्ष की कामना करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'थार्नडाइक के प्रयास एवं त्रुटि के सिद्धांत' (Trial and Error Theory of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) और 'अभ्यास का नियम' (Law of Exercise) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'कॉर्टिको-स्ट्रिएटल सर्किट' (Corticostriatal Circuit), 'मोटर कॉर्टेक्स' (Motor Cortex) और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच सिनैप्टिक सुदृढ़ीकरण (Synaptic Potentiation), आदत निर्माण और मोटर कौशल स्वचालन की सक्रियण गतिकी, तथा डोनाल्ड हेब (Donald Hebb) द्वारा प्रतिपादित 'हेब्बियन लर्निंग' (Hebbian Learning: 'न्यूरॉन्स जो एक साथ फायर होते हैं, वे एक साथ जुड़ जाते हैं') के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अभ्यास-आधारित पुनरावृत्ति शिक्षाशास्त्र (Drill and Practice Pedagogy) और विद्यार्थियों में कौशल दक्षता, समस्या-समाधान की गति व समग्र अधिगम स्थायित्व के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage: अमूर्त चिंतन, तार्किक परिकल्पना और निगमनात्मक तर्क) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral Prefrontal Cortex' (DLPFC - उच्च-स्तरीय कार्यकारी कार्य, अमूर्त योजना और कार्यशील स्मृति), 'एंटीरियर सिंगुलेटेड कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - संज्ञानात्मक नियंत्रण और संघर्ष समाधान), तथा 'पैरिएटल-टेम्पोरल-ऑक्सीपिटल जंक्शन' (Parietal-Temporal-Occipital Junction - जटिल स्थानिक और अवधारणात्मक एकीकरण) के बीच सिनैप्टिक प्रूनिंग के अंतिम चरण, माइलिनेशन के पूर्ण विकास, और लंबवत तंत्रिका नेटवर्क्स (Long-range Cortical Connectivity) के उच्च-क्रम सिंक्रनाइजेशन की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड एल्किंड के 'किशोर अहंकेन्द्रितता और काल्पनिक श्रोता' (Adolescent Egocentrism) की अवधारणा के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-फॉर्मल ऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Formal Operational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, परिकल्पना-निगमनात्मक तर्क (Hypothetico-Deductive Reasoning) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भू-गर्भीय विभाजन के अंतर्गत 'रूहेलखंड मैदान' (Rohilkhand Plain) और उसकी विशेषताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रूहेलखंड का मैदान उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिम भाग में स्थित है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से गंगा और उसकी सहायक नदियों (जैसे रामगंगा, गार और शर्धा) द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी (Alluvial Soil) के निक्षेप से हुआ है।
2. इस क्षेत्र की अधिकांश मृदा उपजाऊ दोमट और बलुई-दोमट प्रकार की है, और यहाँ नलकूपों तथा नहरों के विकास के कारण गेहूँ, धान और गन्ने की खेती बहुत बड़े पैमाने पर की जाती है।
3. रूहेलखंड मैदान का दक्षिणी भाग यमुना और गंगा के दोआब के उत्तरी हिस्से के साथ मिलकर एक तीव्र ढाल वाली पर्वतीय स्थलाकृति का निर्माण करता है, जहाँ कृषि की संभावनाएँ नगण्य हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) शिक्षण का मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित में से क्या होना चाहिए?
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