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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता और शिक्षण विधियों' के संदर्भ में, ग्राहम वालेस (Graham Wallas) द्वारा प्रतिपादित 'सृजनात्मक चिंतन के चार चरण' (Four Stages of Creative Thinking)—अर्थात 'तैयारी' (Preparation), 'उद्भावन/अद्भुत काल' (Incubation), 'प्रदीप्ति/झलक' (Illumination), और 'सत्यापन/मूल्यांकन' (Verification)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा एलेक्स एफ. ओसबर्न (Alex F. Osborn) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि-मंथन विधि' (Brainstorming Method) के मौलिक नियमों—जैसे आलोचना पर प्रतिबंध, मात्रा से अधिक गुणवत्ता या विचारों की अनियंत्रित बाढ़, तथा विचारों का संयोजन और सुधार—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
ग्राहम वालेस (1926) द्वारा प्रतिपादित सृजनात्मक चिंतन के चार चरणों में 'तैयारी', 'उद्भावन' (Incubation), 'प्रदीप्ति' (Illumination) और 'सत्यापन' (Verification) शामिल हैं। उद्भावन चरण वह अवस्था है जहाँ व्यक्ति समस्या के बारे में चेतन रूप से सोचना बंद कर देता है, लेकिन उसका अचेतन मन (Unconscious Mind) उस पर कार्य करता रहता है। एलेक्स ओसबर्न की 'बुद्धि-मंथन' (Brainstorming) तकनीक में 'आलोचना पर प्रतिबंध' (Deferment of Judgment) का नियम यह सुनिश्चित करता है कि शुरुआती चरणों में विचारों का मूल्यांकन या आलोचना न हो, जिससे अचेतन स्तर पर चल रहे उद्भावन को सुरक्षित और स्वतंत्र वातावरण मिलता है। अतः विकल्प (A) पूर्णतः सत्य और वैज्ञानिक है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्वितत्त्व सिद्धांत' (Two-Factor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा 1904 में प्रतिपादित इस सिद्धांत के अनुसार, 'सामान्य बुद्धि' (g-factor) और 'विशिष्ट बुद्धि' (s-factor) के अतिरिक्त स्पीयरमैन ने अपने बाद के शोधों में मानसिक कार्यों के संगठन को स्पष्ट करने के लिए किस अन्य तीसरे घटक का भी आंशिक रूप से उल्लेख किया था?
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उत्तर प्रदेश की पुरातात्विक स्थलों, प्राचीन नगरों और ऐतिहासिक धरोहरों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौशाम्बी (जो प्राचीन काल में वत्स महाजनपद की राजधानी थी) के प्राचीन अवशेषों की पुरातात्विक खुदाई का कार्य मुख्य रूप से प्रोफेसर जी.आर. शर्मा के निर्देशन में किया गया था, जहाँ से 'घोषाराम विहार' के साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं।
2. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में स्थित 'हुलास' (Hulas) एक प्रमुख हड़प्पाकालीन पुरास्थल है, जो यमुना-हिंडन दोआब क्षेत्र में स्थित है और यहाँ से धान की खेती तथा कृषि अवशेषों के महत्वपूर्ण प्रमाण मिले हैं।
3. 'अतरंजीखेड़ा' एटा जिले में काली नदी के तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण स्थल है, जहाँ से उत्तर भारत में सबसे पहले लोहे के प्रयोग (लोह युग) के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक बौद्ध स्थलों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के वाराणसी के निकट सारनाथ (ऋषिपत्तनम/मृगदाव) वह पवित्र ऐतिहासिक स्थल है जहाँ गौतम बुद्ध ने बोधि प्राप्त करने के पश्चात् अपने प्रथम पाँच शिष्यों को अपना पहला उपदेश दिया था, जिसे बौद्ध ग्रंथों में 'धम्मचक्र प्रवर्तन' कहा गया है।
2. कुशीनगर (कुशीनारा) में मल्लों के मकुटबन्धन चैत्य में महापरिनिर्वाण प्राप्त करने से पूर्व गौतम बुद्ध ने अपना अंतिम उपदेश 'सुभद्र' नामक परिव्राजक को दिया था।
3. उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी स्थित 'घोषाराम विहार' वह प्रसिद्ध बौद्ध विहार था जहाँ गौतम बुद्ध ने अपने जीवन के सर्वाधिक वर्षावास (चतुर्मास) बिताए थे और यहीं उन्होंने अपनी मौसी महाप्रजापति गौतमी को संघ में पहली बार प्रवेश दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का अधिकांश मैदानी भाग गंगा और उसकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए कापंप्रद (Alluvial) निक्षेपों से निर्मित है, जिसकी गहराई दक्षिण के पठारी भाग से उत्तर के तराई क्षेत्र की ओर जाने पर लगातार कम होती जाती है।
2. उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड क्षेत्र प्राचीन प्रायद्वीपीय पठार का उत्तर की ओर झुका हुआ हिस्सा है, जहाँ विंध्यन क्रम की चट्टानों में चूना पत्थर (Limestone), डोलोमाइट और बलुआ पत्थर प्रचुर मात्रा में मिलते हैं, जिनका उपयोग सीमेंट और निर्माण उद्योगों में किया जाता है।
3. उत्तर प्रदेश के बिजनौर, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिलों में पाई जाने वाली तराई मृदा का निर्माण महीन कणों वाली सिल्ट और चिकनी मिट्टी से हुआ है, जो अत्यधिक नमीयुक्त और घने जंगलों से आच्छादित होने के कारण कृषि के लिए कम उपजाऊ मानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश के वन्यजीव विहारों (Wildlife Sanctuaries) और उनकी स्थापना वर्ष या अवस्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. चंद्रप्रभा वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश का सबसे पहला वन्यजीव विहार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1957 में चंदौली जिले में की गई थी और यह मुख्य रूप से एशियाई शेरों और काले हिरणों के संरक्षण के लिए जाना जाता था।
2. हस्तिनापुर वन्यजीव विहार उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जिसका विस्तार मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और अमरोहा जिलों तक फैला हुआ है।
3. रानीपुर वन्यजीव विहार चित्रकूट जिले में स्थित है, जिसे हाल ही में उत्तर प्रदेश के चौथे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया है।
4. किशनपुर वन्यजीव विहार लखीमपुर खीरी जिले में स्थित है, जो दुधवा टाइगर रिजर्व का हिस्सा है और यहाँ दलदली हिरण (बारासिंगा) प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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