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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के संज्ञानात्मक और रचनावादी सिद्धांतों' के संदर्भ में, एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) द्वारा प्रतिपादित 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory / Purposive Behaviorism) के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) और 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) की संकल्पनाओं के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा जॉर्ज केली (George Kelly) द्वारा प्रतिपादित 'व्यक्तिगत निर्माण सिद्धांत' (Personal Construct Theory) के अंतर्गत 'रचनात्मक सह-संबंध' (Constructive Alternativism) के दार्शनिक दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

इस प्रश्न में एडवर्ड टॉलमैन के 'चिह्न अधिगम सिद्धांत' (Sign Learning Theory) और जॉर्ज केली के 'व्यक्तिगत निर्माण सिद्धांत' (Personal Construct Theory) के वैज्ञानिक तथा दार्शनिक अंतर्संबंधों का परीक्षण किया गया है। टॉलमैन के अनुसार, प्राणी अपने पर्यावरण में संकेतों (Signs) के अर्थ को सीखते हैं और 'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning) के प्रयोगों (जैसे भूलभुलैया में चूहों का अध्ययन) द्वारा यह सिद्ध किया कि बिना किसी बाहरी पुरस्कार या प्रबलन के भी अधिगम आंतरिक रूप से 'संज्ञानात्मक मानचित्र' (Cognitive Map) के रूप में संग्रहित रहता है। वहीं, जॉर्ज केली का 'व्यक्तिगत निर्माण सिद्धांत' और 'रचनात्मक सह-संबंध' (Constructive Alternativism) यह बताता है कि मनुष्य वैज्ञानिक की तरह कार्य करता है और अपने अनुभवों को समझने के लिए मानसिक 'निर्माणों' (Constructs) का उपयोग करता है। अतः विकल्प 'a' इन दोनों सिद्धांतों के मूल सार और अंतर्संबंध को पूर्णतः सटीक रूप से परिभाषित करता है।
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