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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमताओं और उपचारात्मक शिक्षण' के संदर्भ में, सैमुअल किर्क (Samuel Kirk) द्वारा परिभाषित 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disability) के अंतर्गत 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) और 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) के न्यूरोलॉजिकल एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप, तथा पॉल ब्रोका (Paul Broca) और कार्ल वर्निक (Carl Wernicke) द्वारा न्यूरोलॉजिकल शोधों के आधार पर प्रतिपादित 'अफेसिया' (Aphasia) एवं 'डिस्फेसिया' (Dysphasia)—जो कि वाक् और भाषा विकारों से संबंधित हैं—के पारस्परिक अंतर्संबंधों और उनके उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) हेतु अपनाई जाने वाली 'बहुसंवेदी उपागम' (Multisensory Approach - VAKT Method) की वैज्ञानिक संरचना के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?

Detailed Explanation

व्याख्या: 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia) एक तांत्रिक/न्यूरोलॉजिकल लेखन अक्षमता है जो वर्तनी, खराब लिखावट और विचारों को लिखित रूप में व्यक्त करने की कठिनाई से जुड़ी है। 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) गत्यात्मक समन्वय (Motor Coordination) से संबंधित विकार है। 'अफेसिया' (Aphasia) मस्तिष्क के बाएं गोलार्ध (Left Hemisphere) में स्थित ब्रोका क्षेत्र (भाषा उत्पादन) या वर्निक क्षेत्र (भाषा बोध) की क्षति के कारण होता है। इन सभी भाषा और लेखन संबंधी विकारों के उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching) के लिए ग्रेस फेर्नाल्ड (Grace Fernald) द्वारा विकसित VAKT (Visual, Auditory, Kinesthetic, Tactile) बहुसंवेदी पद्धति का उपयोग वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रभावी माना जाता है। अतः विकल्प (A) पूर्णतः सत्य एवं सटीक है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ' (Learning Styles) के संदर्भ में, शिक्षा मनोवैज्ञानिक डेविड कोब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'प्रयोगात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के अनुसार, जब कोई अधिगमकर्ता ठोस अनुभवों (Concrete Experience) को प्राप्त करने के बाद उनका चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation) करता है, तत्पश्चात अमूर्त अवधारणाओं (Abstract Conceptualization) का निर्माण करते हुए सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation) की ओर बढ़ता है, तो कोब के वर्गीकरण के अनुसार इस प्रक्रिया में 'अभिसारी अधिगम शैली' (Convergent Learning Style) वाले बालक की मुख्य बौद्धिक प्रवृत्ति निम्नलिखित में से कौन सी होगी? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) और 'अवलोकनयात्मक अधिगम' (Observational Learning) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंडूरा के अनुसार अधिगम केवल प्रत्यक्ष रूप से पुरस्कार या दंड प्राप्त करने (क्रियाप्रसूत अनुबंधन) से ही नहीं होता, बल्कि बालक दूसरों के व्यवहार, उनके परिणामों और सामाजिक परिवेश का अवलोकन (Observation) करके भी सीखता है। 2. अवलोकनयात्मक अधिगम की प्रक्रिया में चार प्रमुख अंतर-संबंधित चरण होते हैं - ध्यान देना (Attention), स्मरण रखना (Retention), पुनरुत्पादन (Reproduction), और अभिप्रेरण या पुनर्बलन (Motivation/Reinforcement)। 3. 'बॉबो डॉल प्रयोग' (Bobo Doll Experiment) में बंडूरा ने यह सिद्ध किया कि बच्चे आक्रामक व्यवहार को आनुवंशिक रूप से स्वतः जन्मजात रूप से ही सीखते हैं और उन पर वयस्कों या मॉडलों के आक्रामक व्यवहार का कोई अवलोकनयात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'उत्तर प्रदेश की प्राचीन सभ्यता और इतिहास' के संदर्भ में, ताम्र पाषाण कालीन (Chalcolithic) और उत्तर वैदिक कालीन पुरास्थलों (जैसे सोती संस्कृति, अतरंजीखेड़ा, हस्तिनापुर और लाल किला-गाजियाबाद) से प्राप्त साक्ष्यों, मृद्भाण्ड संस्कृतियों (जैसे गेरुवर्ण मृद्भाण्ड संस्कृति - OCP और चित्रित धूसर मृद्भाण्ड संस्कृति - PGW), तथा लौह युग के आरंभ से जुड़े पुरातात्विक अवशेषों के वैज्ञानिक विश्लेषण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ (Learning Styles)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों के संदर्भ में, नील फ्लेミング (Neil Fleming) द्वारा प्रतिपादित 'VARK मॉडल' (Visual, Auditory, Reading/Writing, Kinesthetic) के अंतर्गत संवेदी तौर-तरीकों (Sensory Modalities) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ऑसिपिटल लोब' (Occipital Lobe), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe) और 'प्रिमोटर कॉर्टेक्स' (Premotor Cortex) के बीच बहुसंवेदी एकीकरण, दृश्य-श्रव्य प्रसंस्करण और मोटर-संवेदी मानचित्रण की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle: मूर्त अनुभव, चिंतनशील अवलोकन, अमूर्त अवधारणा, और सक्रिय प्रयोग) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग (UDL) और विद्यार्थियों में बहुआयामी संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, व्यक्तिगत अधिगम प्राथमिकताओं व समग्र शैक्षणिक सुगमता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-cultural Theory of Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वाइगोत्स्की के अनुसार बालक का संज्ञानात्मक विकास किसी सामाजिक और सांस्कृतिक शून्य में नहीं होता, बल्कि यह सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction), संस्कृति (Culture) और भाषा (Language) के परस्पर प्रभाव का परिणाम है। 2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक स्वतंत्र रूप से प्राप्त कर सकता है और जो किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के निर्देशन या सहयोग से प्राप्त किया जा सकता है। 3. वाइगोत्स्की ने जीन पियाजे के विपरीत 'अन्तरभाषण' (Inner Speech) और 'निजी भाषण' (Private Speech) को बालकों के विकास में बाधक माना है, क्योंकि उनके अनुसार बालक जब खुद से बातें करता है तो उसका संज्ञानात्मक भटकाव होता है और इससे आत्म-नियमन की क्षमता समाप्त हो जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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