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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और 'विशिष्ट बालकों के अधिगम' के संदर्भ में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय मॉडल' (Ecological Model / Project Re-ED) के अंतर्गत बच्चों के सामाजिक-संज्ञानात्मक विकास में परिवार, विद्यालय और समुदाय के अंतर्संबंधों के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा 'विशेष आवश्यकता वाले बच्चों' (CWSN) के लिए 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020' एवं 'दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPWD Act) 2016' में उल्लिखित 'सुलभता' (Accessibility) और 'युनिवर्सल डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (UDL - Universal Design for Learning) के सिद्धांतों के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) का पारिस्थितिकीय मॉडल (Project Re-ED) बच्चों और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य एवं समावेशन के लिए उनके संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र (परिवार, विद्यालय, समुदाय) के सहयोगात्मक विकास पर बल देता है। वहीं, 'युनिवर्सल डिज़ाइन फॉर लर्निंग' (UDL) पाठ्यक्रम को इस प्रकार डिजाइन करने की वकालत करता है जिससे विभिन्न योग्यताओं वाले प्रत्येक छात्र की अनूठी आवश्यकताएं बिना किसी भेदभाव के पूरी हो सकें (प्रस्तुतीकरण, अभिव्यक्ति और सहभागिता के बहुविध साधन)। आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम 2016 और एनईपी 2020 समावेशी शिक्षा, समान अवसर और सुलभता पर जोर देते हैं। अतः विकल्प (b) इन सभी अवधारणाओं के वैज्ञानिक और व्यावहारिक अंतर्संबंधों को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांत' (Trait Theory of Personality) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) द्वारा प्रतिपादित शील गुणों के वर्गीकरण के अनुसार, उन अत्यंत प्रभावशाली और व्यापक शील गुणों को क्या कहा जाता है जो व्यक्ति के संपूर्ण जीवन, व्यवहार और उसके अधिकांश कार्यों पर इस हद तक हावी होते हैं कि व्यक्ति समाज में उसी विशिष्ट नाम या पहचान से जाना जाने लगता है (जैसे कि 'गांधीवादी' या 'मैकियावेलीयन'), तथा ऑलपोर्ट के अनुसार ये गुण सामान्यतः प्रत्येक व्यक्ति में कितने पाए जाते हैं?
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बुद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली और उसकी प्रमुख विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में मठों (Monasteries) और विहारों में प्रवेश के लिए 'प्रव्रज्या' (Pravrajya) संस्कार कराया जाता था, जो लगभग 8 वर्ष की आयु में होता था, जिसके बाद छात्र 'सामणेर' (Novice) कहलाता था।
2. बौद्ध काल में उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद लगभग 20 वर्ष की आयु में 'उपनपसंदा' (Upasampada) संस्कार संपन्न होता था, जिसके उपरांत छात्र पूर्ण भिक्षु (Bhikkhu) बनता था और संघ की सदस्यता प्राप्त करता था।
3. बौद्ध शिक्षा का माध्यम पूरी तरह से पाली और अन्य लोक भाषाएं थीं, और इस प्रणाली में वर्ण व्यवस्था या जातिगत भेदभाव को पूर्ण स्थान दिया गया था, जिसके कारण शूद्रों और महिलाओं का प्रवेश वर्जित था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण अधिगम और पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के संदर्भ में 'पारिस्थितिक पिरामिड' (Ecological Pyramids) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'संख्या का पिरामिड' (Pyramid of Numbers) सदैव सीधा (Upright) ही होता है, चाहे वह घास का मैदान पारिस्थितिकी तंत्र हो, वन पारिस्थितिकी तंत्र हो या फिर एक बड़े आकार के वृक्ष का पारिस्थितिकी तंत्र हो।
2. 'जीवभार का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) अधिकांश स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्रों में सीधा बनता है, क्योंकि इसमें उत्पादकों का कुल जीवभार उपभोक्ताओं की तुलना में बहुत अधिक होता है, किंतु जलीय पारिस्थितिकी तंत्र (जैसे तालाब या समुद्र) में यह उल्टा (Inverted) बनता है क्योंकि वहाँ पादपप्लवक (Phytoplankton) का जीवभार उच्च मांसाहारी जंतुओं की तुलना में कम होता है।
3. 'ऊर्जा का पिरामिड' (Pyramid of Energy) किसी भी पारिस्थितिकी तंत्र में हमेशा सीधा बनता है, क्योंकि ऊष्मप्रवैगिकी के नियमों (Laws of Thermodynamics) के अनुसार एक पोषण स्तर से दूसरे पोषण स्तर पर ऊर्जा के स्थानांतरण के दौरान लगातार ह्रास होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'मानवीय आवश्यकताओं के पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'वेंट्रिगोवर्टिकल लिम्बिक सिस्टम' (Ventral Striatum & Limbic System), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC), और 'हाइपोग्लाइसेमिक-होमियोस्टेटिक सर्किटरी' (Hypothalamus) के बीच आंतरिक होमियोस्टेसिस, डोपामाइनर्जिक रिवार्ड पाथवे (Dopaminergic Reward Pathway), और आत्म-सिद्धि (Self-Actualization) की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रायन (Richard Ryan) के 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मोटिवेशनल-ड्रiven कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी (Motivational-Driven Constructive Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक अभिप्रेरणा, भावनात्मक सुरक्षा व समग्र संज्ञानात्मक संलग्नता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, मेलों और उत्सवों (Festivals) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'धुरिया नृत्य' उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसे मुख्य रूप से प्रजापति (कुम्हार) समाज के लोगों द्वारा स्त्री वेश धारण करके मयूर पंख के साथ उत्सवों पर किया जाता है।
2. 'बटेश्वर मेला' उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में यमुना नदी के तट पर आयोजित होने वाला एक प्रसिद्ध ऊँट और पशु मेला है, जिसे 'राज्य का सबसे बड़ा पशु मेला' माना जाता है।
3. 'सुलहकुल उत्सव' का आयोजन प्रतिवर्ष अलीगढ़ जिले में हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे के प्रतीक के रूप में किया जाता है, जो उत्तर प्रदेश की गंगा-जमुनी तहजीब को दर्शाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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