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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियाँ' (Learning Styles) और 'संज्ञानात्मक विकास' के संदर्भ में, डेविड कोल्ब (David Kolb) द्वारा प्रतिपादित 'अनुभवात्मक अधिगम चक्र' (Experiential Learning Cycle) के चार प्रमुख चरणों—प्रत्यक्ष ठोस अनुभव (Concrete Experience), चिंतनशील अवलोकन (Reflective Observation), अमूर्त संकल्पनानीकरण (Abstract Conceptualization), और सक्रिय प्रयोग (Active Experimentation)—के आधार पर, यदि कोई शिक्षार्थी सैद्धांतिक मॉडलों की तुलना में व्यावहारिक प्रयोग करने और 'यह कैसे काम करता है?' पर बल देने के साथ-साथ समस्या समाधान के लिए तुरंत क्रियान्वयन में विश्वास रखता है, तो कोल्ब के वर्गीकरण के अनुसार उसकी अधिगम शैली निम्नलिखित में से किस श्रेणी के अंतर्गत आएगी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड कोल्ब (David Kolb) के अनुभवात्मक अधिगम चक्र (Experiential Learning Cycle) के अनुसार, अधिगम शैलियाँ दो प्रमुख अक्षों—'अनुभव को कैसे ग्रहण किया जाता है' (ठोस अनुभव बनाम अमूर्त संकल्पना) और 'अनुभव को कैसे रूपांतरित किया जाता है' (चिंतनशील अवलोकन बनाम सक्रिय प्रयोग)—के संयोजन से बनती हैं। 'समायोजक' (Accommodating) अधिगम शैली वाले शिक्षार्थी मुख्य रूप से 'ठोस अनुभव' (Concrete Experience) और 'सक्रिय प्रयोग' (Active Experimentation) पर निर्भर होते हैं। ये लोग जोखिम उठाने, व्यावहारिक रूप से करके सीखने (Hands-on experience), नई योजनाओं को आजमाने और यह देखने में रुचि रखते हैं कि चीजें वास्तव में कैसे कार्य करती हैं। इसके विपरीत, अभिसारी (Converging) अमूर्त संकल्पना और सक्रिय प्रयोग पर आधारित होती है, अपसारी (Diverging) ठोस अनुभव और चिंतनशील अवलोकन पर, तथा आत्मसातकर्ता (Assimilating) अमूर्त संकल्पना और चिंतनशील अवलोकन पर आधारित होती है। अत: विकल्प (d) सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के लोक नृत्यों, शास्त्रीय संगीत घरानों और सांस्कृतिक मेलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का एकमात्र शास्त्रीय नृत्य 'कथक' है, जिसका उद्गम स्थल लखनऊ और वाराणसी घराने से जुड़ा हुआ है, तथा इस नृत्य शैली में कथा या कहानी को अभिनय और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।
2. 'चरकुला नृत्य' उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र का एक प्रसिद्ध लोक नृत्य है, जिसमें महिलाएँ अपने सिर पर कई दीपों से सुसज्जित रथ पहिये को रखकर नित्य करती हैं, और यह नृत्य विशेष रूप से होली के अवसर पर आयोजित किया जाता है।
3. राज्य में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला 'बटेश्वर मेला' आगरा जिले में ऊँटों और पशुओं के क्रय-विक्रय के लिए प्रसिद्ध है, जिसे एक बड़े धार्मिक और व्यापारिक मेले के रूप में जाना जाता है, जबकि 'ध्रुपद मेला' का आयोजन वाराणसी और मथुरा में किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, बच्चों में 'संरक्षण' (Conservation) का विचार यानी यह समझ कि किसी वस्तु के रूप, आकार या रंग में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान या आयतन अपरिवर्तित रहता है, किस अवस्था की मुख्य विशेषता है?
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बुद्धिमत्ता के 'त्रि-आयामी सिद्धांत' (Structure of Intellect Model) के प्रतिपादक जे. पी. गिलफोर्ड (J. P. Guilford) के अनुसार, बौद्धिक योग्यताओं को कुल कितने आयामों या श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है?
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उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प, पारंपरिक कलाओं और उनकी विशिष्ट भौगोलिक पहचान (जीआई टैग / एक जिला एक उत्पाद) के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. मूँज उत्पाद (Moonj Product) - अमेठी और सुल्तानपुर
2. ब्लैक पॉटरी (काली मिट्टी के बर्तन) - निजामाबाद, आज़मगढ़
3. ढोलक निर्माण (Dholak Manufacturing) - अमरोहा
4. लकड़ी के खिलौने और नक्काशी - मेरठ और मुरादाबाद
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (Continuous and Comprehensive Evaluation - CCE)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, बेंजामिन ब्लूम (Benjamin Bloom) द्वारा प्रतिपादित 'शैक्षिक उद्देश्यों के वर्गीकरण' (Bloom's Taxonomy: संज्ञानात्मक, भावात्मक और मनोप्रेरणा डोमेन) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'एंटीरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच उच्च-क्रम चिंतन कौशल (Higher-Order Thinking Skills), त्रुटि निगरानी (Error Monitoring), और संवेगात्मक फीडर एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा माइकल स्क्रिven (Michael Scriven) के 'निर्माणात्मक और योगात्मक मूल्यांकन' (Formative and Summative Evaluation) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मूल्यांकन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Assessment Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में नैदानिक प्रतिपुष्टि (Diagnostic Feedback), तार्किक आत्म-नियमन व समग्र कौशल विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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