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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) और विशिष्ट बालकों के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकी मॉडल' (Ecological Model) या 'प्रोजेक्ट रीच आउट' (Project Re-Ed) की मूल अवधारणा के अनुसार, गंभीर रूप से भावनात्मक और व्यवहारिक रूप से विचलित (Emotionally and Behaviorally Disturbed) बालकों के पुनर्वास के लिए निम्नलिखित में से किस मुख्य दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण को सबसे अधिक प्रभावी माना गया है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के अंतर्गत समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक पक्षों के अध्ययन में, निकोलस हॉब्स (Nicholas Hobbs) का 'पारिस्थितिकी मॉडल' (Ecological Model / Project Re-Ed) अत्यधिक महत्वपूर्ण है। हॉब्स ने यह प्रतिपादित किया कि भावनात्मक और व्यवहारिक रूप से विचलित बालकों (EBD) को समाज या परिवार से अलग करके सुधारात्मक संस्थाओं में भेजने के बजाय उनके पारिस्थितिक तंत्र यानी परिवार, विद्यालय और समुदाय के साथ उनके अंतःसंबंधों को मजबूत करना चाहिए। इस मॉडल का मुख्य उद्देश्य बच्चे और उसके पर्यावरण के बीच सामंजस्य स्थापित करना है, ताकि उन्हें कम से कम प्रतिबंधात्मक वातावरण (Least Restrictive Environment) में मुख्यधारा की शिक्षा प्रदान की जा सके। अतः विकल्प (C) इस सिद्धांत के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा और अधिगम के सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) द्वारा प्रतिपादित 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (विशेष रूप से अमिगडाला और हाइपोथैलेमस), 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (vmPFC) और 'डॉर्मोलेटेरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC) के बीच होमियोस्टैसिस विनियमन, भावनात्मक सुरक्षा, आत्म-सिद्धि और आंतरिक अभिप्रेरणा की सक्रियण गतिकी, तथा एडवर्ड डेसी (Edward Deci) और रिचर्ड रयान (Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory: स्वायत्तता, सक्षमता और संबद्धता) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भावनात्मक रूप से सुरक्षित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Emotionally Safe Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में आंतरिक रूप से प्रेरित अधिगम, संज्ञानात्मक जुड़ाव व समग्र कल्याण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक और राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, 'तहसील' स्तर पर प्रशासनिक प्रमुख (सशस्त्र राजस्व एवं न्यायिक अधिकारी) के रूप में कौन कार्य करता है और उत्तर प्रदेश में वर्तमान कुल तहसीलों तथा मंडलों की कुल संख्या का सही युग्म कौन सा है?
1. तहसील स्तर का सर्वोच्च प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारी 'उप-जिलाधिकारी' (SDM - Sub-Divisional Magistrate) होता है।
2. उत्तर प्रदेश में वर्तमान में कुल मंडलों (Divisions) की संख्या 18 है और कुल तहसीलों की संख्या 351 से अधिक है।
3. प्रत्येक तहसील स्तर पर राजस्व वसूली और भूमि अभिलेखों के रख-रखाव की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी 'जिलाधिकारी' (District Magistrate) की होती है, जो सीधे ग्राम स्तर पर कार्य करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्वितत्व सिद्धांत' (Two-Factor Theory) या आधुनिक बहु-कारक दृष्टिकोण के विपरीत, मनोवैज्ञानिक एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि के बहु-प्रकार सिद्धांत' (Multifactor Theory of Intelligence) के संदर्भ में, थॉर्नडाइक ने बुद्धि के चार प्रमुख आयामों या गुणों—स्तर (Level), क्षेत्र (Area), सहभागिता (Range), और गति (Speed)—का उल्लेख किया है। इनमें से 'सहभागिता' (Range) आयाम का सटीक मनोवैज्ञानिक तात्पर्य निम्नलिखित में से किससे है?
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प्राथमिक स्तर पर अधिगम की प्रक्रिया और मानसिक विकास के संदर्भ में, 'जीन पियाजे' (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage, लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) की सबसे प्रमुख और विशिष्ट मनोवैज्ञानिक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक एवं भूगर्भीय संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश का दक्षिण का पठारी भाग (बुंदेलखंड का पठार) वास्तव में प्राचीन गोंडवाना लैंड का ही एक हिस्सा है, जो मुख्य रूप से प्राचीन गनीस, शिस्ट और ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है।
2. राज्य के तराई क्षेत्र में महीन जलोढ़ मिट्टी (खादर) का विस्तार पाया जाता है, जो दलदली और नम होती है तथा यहाँ लंबे घास के मैदान और घने वन पाए जाते हैं।
3. विंध्य पर्वतीय क्षेत्र से निकलने वाली नदियाँ (जैसे केन, बेतवा, सोन) उत्तर प्रदेश के पठारी भाग में उत्तर की ओर प्रवाहित होकर यमुना या गंगा नदी में मिलती हैं और इस क्षेत्र में लाल मिट्टी या 'मार्ड' मिट्टी की प्रधानता पाई जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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