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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के संदर्भ में, गणितीय योग्यताओं से जुड़ी अक्षमता 'डिस्कैल्कुलिया' (Dyscalculia) के विभिन्न उप-प्रकारों में से 'लेक्सिकल डिस्कैल्कुलिया' (Lexical Dyscalculia) की सबसे विशिष्ट एवं वैज्ञानिक पहचान निम्नलिखित में से किस विकासात्मक कठिनाई के रूप में की जाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण है। 'डिस्कैल्कुलिया' (Dyscalculia) मुख्यतः गणितीय अक्षमता से संबंधित है, जिसे जर्मन मनोवैज्ञानिक कोहन (Kohn) और अन्य शोधकर्ताओं ने इसके विभिन्न उप-प्रकारों में विभाजित किया है। इनमें से 'लेक्सिकल डिस्कैल्कुलिया' (Lexical Dyscalculia) वह स्थिति है जिसमें बालक गणितीय प्रतीकों (जैसे +, -, ×, ÷, =) तथा लिखित संख्याओं (Digits) को देखकर उन्हें पढ़ने या मौखिक रूप से सही ढंग से उच्चारण करने में गंभीर कठिनाई का अनुभव करता है, हालांकि वह उन्हें समझ सकता है। अतः विकल्प (ए) इस प्रश्न का सबसे सटीक और वैज्ञानिक उत्तर है।
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप और जलवायु के संदर्भ में, राज्य में ग्रीष्म ऋतु में चलने वाली अत्यधिक गर्म, शुष्क और धूल भरी हवाओं (लू) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत, लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के नैतिक विकास के सिद्धांत की 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले अंतिम चरण यानी 'सार्वभौमिक नैतिक अंतःचेतना सिद्धांत' (Universal Ethical Principle Orientation) की सबसे सटीक विशेषता निम्नलिखित में से कौन सी है?
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बुद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली और उसकी प्रमुख विशेषताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बौद्ध कालीन शिक्षा प्रणाली में मठों (Monasteries) और विहारों में प्रवेश के लिए 'प्रव्रज्या' (Pravrajya) संस्कार कराया जाता था, जो लगभग 8 वर्ष की आयु में होता था, जिसके बाद छात्र 'सामणेर' (Novice) कहलाता था।
2. बौद्ध काल में उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद लगभग 20 वर्ष की आयु में 'उपनपसंदा' (Upasampada) संस्कार संपन्न होता था, जिसके उपरांत छात्र पूर्ण भिक्षु (Bhikkhu) बनता था और संघ की सदस्यता प्राप्त करता था।
3. बौद्ध शिक्षा का माध्यम पूरी तरह से पाली और अन्य लोक भाषाएं थीं, और इस प्रणाली में वर्ण व्यवस्था या जातिगत भेदभाव को पूर्ण स्थान दिया गया था, जिसके कारण शूद्रों और महिलाओं का प्रवेश वर्जित था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के गेस्टाल्टवादी सिद्धांत' (Gestalt Theory of Learning) के संदर्भ में, मैक्स वर्दइमर (Max Wertheimer), वोल्फगांग कोहलर (Wolfgang Köhler), और कुर्त कोफ्का (Kurt Koffka) द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के अंतर्गत 'सम्पूर्णता का नियम' (Law of Good Gestalt), 'अकास्मिक समाधान' (Aha! Experience), और 'संज्ञानात्मक पुनर्रचना' (Cognitive Restructuring) के वैज्ञानिक स्वरूप तथा एडवर्ड थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के साथ उनके तुलनात्मक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ई. एल. थॉर्नडाइक (E. L. Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements) के अनुसार, यदि किसी एक परिस्थिति में सीखा गया ज्ञान या कौशल दूसरी परिस्थिति में सीखने में पूरी तरह से बाधक बनता है और नकारात्मक प्रभाव डालता है, तो थॉर्नडाइक के इस सिद्धांत और आधुनिक संज्ञानात्मक परिप्रेक्ष्य के तहत इस प्रक्रिया की सबसे सटीक वैज्ञानिक व्याख्या निम्नलिखित में से कौन सी होगी?
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