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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के गेस्टाल्ट सिद्धांत' (Gestalt Theory of Learning) के संदर्भ में, जर्मन मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दिहाइमर (Max Wertheimer), वोल्फगांग कोहलर (Wolfgang Köhler) और कर्ट कोफ्का (Kurt Koffka) द्वारा प्रतिपादित इस सिद्धांत के अंतर्गत 'अंतर्दृष्टि या सूझ का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) में कोहलर द्वारा चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों का मुख्य निष्कर्ष निम्नलिखित में से किस मनोवैज्ञानिक तथ्य को सर्वाधिक प्रमाणित करता है?

Detailed Explanation

गेस्टाल्टवादियों (विशेषकर कोहलर) के अनुसार, 'अंतर्दृष्टि' (Insight) द्वारा अधिगम तब होता है जब प्राणी किसी समस्या की पूरी परिस्थिति को उसके आंशिक टुकड़ों में देखने के बजाय समग्र रूप से (Holistically) देखता है। सुल्तान (चिम्पैंजी) द्वारा छड़ियों को जोड़कर केला प्राप्त करने की घटना यह दर्शाती है कि अधिगम यांत्रिक प्रयासों (Trial and Error) का परिणाम नहीं है, बल्कि यह अचानक मस्तिष्क में होने वाले संज्ञानात्मक पुनर्गठन (Cognitive Reorganization) और समस्या के अचानक स्पष्ट हो जाने (Aha! Experience) पर आधारित होता है। अत: विकल्प (b) इस सिद्धांत की सबसे सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या करता है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा' के अंतर्गत 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia - लेखन और वर्तनी अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'सुपीरियर पैराइटल लोब' (Superior Parietal Lobe), 'इन्फीरियर फ्रंटल गाइरस' (Broca's Area), और 'सेरेबेलम' (Cerebellum) के बीच मोटर-ऑर्थोग्राफिक एकीकरण (Motor-Orthographic Integration), स्थानिक दृश्य प्रसंस्करण (Visuospatial Processing), और हस्त-नेत्र समन्वय (Hand-Eye Coordination) की सक्रियण विफलता तथा दोषपूर्ण तंत्रिका नेटवर्क (Neural Disconnectivity) की गतिकी, तथा रोजर स्पर्मेट व अन्य न्यूरोलॉजिकल शोधों के ऐतिहासिक प्रत्यय और आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्ग्राफिया ऑप्टिमाइज्ड रेमेडियल पेडागोजी' (Neuro-Dysgraphia Optimized Remedial Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेदी-मोटर लेखन रणनीतियों (Sensory-Motor Writing Interventions), ग्राफिम उत्पादन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'व्यक्तित्व के शील गुण सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) और हंस आइजेंक (Hans Eysenck) द्वारा प्रतिपादित 'व्यक्तित्व के पदानुक्रमित शील गुण मॉडल' (PEN Model: Psychoticism, Extraversion, and Neuroticism) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'एंसिडेंट लिम्बिक सिस्टम' (Ascending Reticular Activating System - ARAS), 'एमिग्डाला' (Amygdala), और 'वेंट्रोमेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच कॉर्टिकल उत्तेजना, संवेगात्मक प्रतिक्रिया और भय-सजा नियमन की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट मैक्रे (Robert McCrae) और पॉल कोस्टा (Paul Costa) द्वारा प्रतिपादित 'बिग फाइव पर्सनालिटी ट्रेड मॉडल' (Big Five Personality Traits: Openness, Conscientiousness, Extraversion, Agreeableness, and Neuroticism) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, व्यक्तिगत विभिन्नता-आधारित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Individualized Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में संवेगात्मक स्थिरता, सामाजिक अनुकूलन व समग्र व्यक्तित्व विकास के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'किशोरावस्था और संज्ञानात्मक विकास (Adolescence and Cognitive Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक सिद्धांतों' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डorsolateral प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe) और 'कॉर्पस कैलोसम' (Corpus Callosum) के बीच अमूर्त तर्क (Abstract Reasoning), परिकल्पनात्मक-निगमनात्मक चिंतन (Hypothetico-Deductive Reasoning) और अंत गोलार्ध समन्वय की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड एल्किंड (David Elkind) द्वारा प्रतिपादित 'किशोर अहंकेन्द्रवाद' (Adolescent Egocentrism: काल्पनिक दर्शक और व्यक्तिगत कल्पकथा) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, किशोरावस्था मनोविज्ञान (Adolescent Psychology) और विद्यार्थियों में उच्च-क्रम के संज्ञानात्मक नियंत्रण, आलोचनात्मक चिंतन व तार्किक अभिव्यक्ति के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के त्रि-आयामी और बहुकारक सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-तत्व सिद्धांत' (Multifactor Theory: सामाजिक, मूर्त और अमूर्त बुद्धि) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - अमूर्त और तार्किक बुद्धि), 'सेंसरी-मोटर कॉर्टेक्स' (Sensory-Motor Cortex - मूर्त और व्यावहारिक बुद्धि), और 'टेम्पोरो-पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Temporo-Parietal Cortex - सामाजिक बुद्धि व अंतर्व्यक्तिगत संज्ञान) के बीच विशिष्ट तंत्रिका मार्ग सक्रियण (Specific Neural Pathway Activation), सिनेप्टिक स्पेशलाइजेशन, और संज्ञानात्मक मॉड्यूलर स्वतंत्रता की सक्रियण गतिकी, तथा लुई थर्स्टून (Louis Thurstone) के 'प्राथमिक मानसिक योग्यताओं के सिद्धांत' (Primary Mental Abilities) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस मॉड्युलेटेड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Modulated Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-आयामी क्षमताओं के संतुलित विकास, संज्ञानात्मक अनुकूलन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वाइगोत्स्की के अनुसार बालक के संज्ञानात्मक विकास में संस्कृति, भाषा और सामाजिक अंतःक्रिया (Social Interaction) सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, और उनका यह मानना था कि भाषा पहले 'सामाजिक भाषण' (Social Speech) के रूप में और बाद में आंतरिक विचारों (Inner Speech) के रूप में विकसित होती है। 2. 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) उस वास्तविक विकास स्तर और संभावित विकास स्तर के बीच का अंतर है, जिसे बालक स्वतंत्र रूप से प्राप्त कर सकता है और जो किसी वयस्क या अधिक ज्ञानी अन्य (More Knowledgeable Other - MKO) के मार्गदर्शन में हासिल किया जा सकता है। 3. 'मचान' या 'पाड़' (Scaffolding) वाइगोत्स्की द्वारा दिया गया एक ऐसा स्थायी मानसिक ढांचा है जिसके तहत शिक्षक या वयस्क द्वारा दी जाने वाली सहायता आजीवन बनी रहती है, भले ही बालक कठिन कार्यों को स्वतंत्र रूप से करना क्यों न सीख जाए। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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