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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के संदर्भ में, विकासात्मक डिस्प्रैक्सिया (Developmental Dyspraxia) से ग्रसित बालकों की पहचान और उनकी मुख्य विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के अंतर्गत बाल विकास और विशेष आवश्यकता वाले बालकों की शिक्षा में 'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) एक महत्वपूर्ण टॉपिक है। 'डिस्प्रैक्सिया' (Dyspraxia) एक मोटर समन्वय विकार (Motor Coordination Disorder) है जो मस्तिष्क से मांसपेशियों तक संदेश भेजने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इससे ग्रसित बच्चों को लिखने, जूते के फीते बांधने, बटन लगाने, दौड़ने या गेंद पकड़ने जैसे सूक्ष्म (Fine) और स्थूल (Gross) शारीरिक कौशलों को निष्पादित करने में कठिनाई होती है। अतः विकल्प (b) इस विकार की सबसे सटीक और वैज्ञानिक परिभाषा है।
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के द्विकारक और त्रिआयामी सिद्धांतों' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, चार्ल्स स्पीयरमैन (Charles Spearman) द्वारा प्रतिपादित 'सामान्य बुद्धि (g-factor) और विशिष्ट बुद्धि (s-factor)' के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैराइटल मल्टी-डिमांड नेटवर्क' (Frontoparietal Multiple-Demand Network), 'डोसोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (DLPFC), और 'एंटिरियर सिंग्युलेट कॉर्टेक्स' (ACC) के बीच सूचना प्रसंस्करण दक्षता (Processing Speed), सिनैप्टिक कनेक्टिविटी और संज्ञानात्मक नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा रेमंड कैटल (Raymond Cattell) द्वारा प्रतिपादित 'तरल बुद्धि (Fluid Intelligence - Gf) और ठोस बुद्धि (Crystallized Intelligence - Gc)' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, उच्च-क्रम चिंतन आधारित रचनावादी शिक्षाशास्त्र (Higher-Order Thinking Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक समस्या-समाधान, ज्ञानार्जन व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धिता के बहु-कारक सिद्धांत' और 'संरचनात्मक मॉडल' के संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि की संरचना का मॉडल' (Structure of Intellect - SOI Model) के अंतर्गत तीन आयामों—'संक्रियाएँ' (Operations), 'विषय-वस्तु' (Contents), और 'उत्पाद' (Products)—के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) और 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existential Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बाल विकास एवं शिक्षण विधियाँ' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: विशेष रूप से अहंकेन्द्रिता और जीववाद) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - DLPFC), 'इंसुला' (Insula), और 'टेम्पोरो-पैरिएटल जंक्शन' (Temporoparietal Junction - TPJ) के बीच परिप्रेक्ष्य लेने की अक्षमता (Inability to Take Perspectives), मानसिक सिमुलेशन, और थ्योरी ऑफ़ माइंड (Theory of Mind) के विकास की सक्रियण गतिकी, तथा डेविड एलकिंड (David Elkind) के 'अहंकेन्द्रित किशोर सोच और काल्पनिक दर्शक' की अवधारणा के प्रारंभिक पूर्व-चरणों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव डिसेंट्रेशन पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Decentration Pedagogy) और विद्यार्थियों में विकेंद्रीकरण (Decentration), सामाजिक-संवेगात्मक परिपक्वता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: प्रतीकात्मक कार्य, अहंकेन्द्रितता और संरक्षण की अनुपस्थिति) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'इंसुला और एमिग्डाला' (Insula & Amygdala - संवेगात्मक अहंकेन्द्रितता और सामाजिक अनुभूति), 'ब्रोका और वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas - प्रतीकात्मक भाषा और आत्मकेंद्रित वाक्), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus - बिना तार्किक संगठन के अनगढ़ स्मृतियों का भंडारण) के बीच सिनेप्टिक अति-उत्तेजना (Synaptic Hyper-connectivity), अपरिपक्व प्रीफ्रंटल इनहिबिशन, और कॉर्टिकल नेटवर्क्स के बीच अपर्याप्त एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वायगोत्स्की के 'निजी वाक्' (Private Speech) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-प्रीऑपरेशनल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Preoperational Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में विकेंद्रीकरण (Decentration), प्रतीकात्मक खेल आधारित अधिगम व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम की शैलियों और व्यक्तिगत भिन्नताओं' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, रीता डन (Rita Dunn) और केनेथ डन (Kenneth Dunn) द्वारा प्रतिपादित 'डन एंड डन लर्निंग स्टाइल मॉडल' (पर्यावरणीय, भावनात्मक, सामाजिक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक आयाम) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'रेटिकुलर एक्टिवेटिंग सिस्टम' (RAS), और 'लिम्बिक सिस्टम' (Limbic System) के बीच उद्दीपन प्रसंस्करण (Stimulus Processing), ध्यान विनियमन (Attention Regulation), और संवेगात्मक एकीकरण की सक्रियण गतिकी, तथा कार्ल जुंग (Carl Jung) के 'मनोवैज्ञानिक प्रकार' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, न्यूरो-डायवर्सिटी-अलाइनमेंटेड पेडागोजी (Neuro-Diversity Aligned Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत संज्ञानात्मक अनुकूलन, स्व-निर्देशित अधिगम व समग्र शैक्षिक सहभागिता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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