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UPTET
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'बुद्धि के बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा वर्ष 1983 में प्रतिपादित सिद्धांत में बाद में जोड़े गए (संशोधित) बुद्धि के स्वरूपों में से, उस विशिष्ट बुद्धि को क्या कहा जाता है जो व्यक्ति को ब्रह्मांड, प्रकृति के रहस्यों, खगोलीय पिंडों और जीवित जीवों के सूक्ष्म अंतरों को समझने और उनके साथ संवेदनशीलता से जुड़ने की उच्च क्षमता प्रदान करती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के दृष्टिकोण से हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) का 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) बेहद महत्वपूर्ण है। गार्डनर ने अपनी पुस्तक 'फ्रेम्स ऑफ़ माइंड' (1983) में शुरुआत में 7 प्रकार की बुद्धियों का वर्णन किया था, लेकिन बाद में उन्होंने इसमें कुछ और बुद्धियाँ जोड़ीं। वर्ष 1995 में उन्होंने 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) को इस सूची में जोड़ा। प्रकृतिवादी बुद्धि वह क्षमता है जिसके माध्यम से व्यक्ति पेड़-पौधों, जीवों, खगोलीय पिंडों, मौसम के पैटर्न और प्राकृतिक पर्यावरण के अन्य तत्वों को गहराई से पहचानता है, उनमें वर्गीकरण करता है और उनके साथ सामंजस्य स्थापित करता है। यह जीवविज्ञानियों, किसानों, प्रकृति प्रेमियों और पर्यावरणविदों में प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। अतः विकल्प (b) सही है।
Related Questions
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उत्तर प्रदेश के भौगोलिक स्वरूप, नदियों के प्रवाह तंत्र और मृदा संरचना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के पास गंगा नदी मैदानी भाग में प्रवेश करती है, और राज्य में प्रवाहित होने वाली नदियों में 'घाघरा' (सरयू) नदी को पौराणिक कथाओं और जल प्रवाह की दृष्टि से सबसे लंबी नदी माना जाता है।
2. उत्तर प्रदेश के दक्षिण में स्थित बुंदेलखंड क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ जैसे चंबल, बेतवा, केन और टोंस यमुना नदी की प्रमुख सहायक नदियाँ हैं, जो दक्षिण से उत्तर की ओर प्रवाहित होती हैं।
3. उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में पाई जाने वाली 'मांड' और 'काबर' मृदा अत्यधिक उपजाऊ और महीन कणों वाली जलोढ़ मिट्टी होती है, जो मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में धान और गन्ने की बंपर पैदावार के लिए जानी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के संदर्भ में लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) की विभिन्न अवस्थाओं और उनके चरणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Post-conventional Morality) के अंतर्गत आने वाले सामाजिक अनुबंधन और व्यक्तिगत अधिकार चरण (Stage 5) में व्यक्ति यह मानता है कि नियम समाज की भलाई के लिए बनाए गए हैं, और यदि कोई नियम मानवाधिकारों या समाज के कल्याण के विरुद्ध हो, तो उसे बदला जा सकता है।
2. रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Conventional Morality) के अंतर्गत 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास (Stage 3) में बालक का मुख्य उद्देश्य दूसरों द्वारा अनुमोदित होना, प्रशंसा प्राप्त करना और सामाजिक मानदंडों के अनुरूप व्यवहार करना होता है।
3. पूर्व-रूढ़िगत नैतिकता स्तर (Pre-conventional Morality) के पहले चरण यानी 'दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास' (Stage 1) में बालक का नैतिक निर्णय इस बात पर आधारित होता है कि कार्य करने से उसे पुरस्कार मिलेगा या शारीरिक दंड, तथा अधिकार या सत्ता रखने वाले व्यक्ति के भय से वह नियमों का पालन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षणशास्त्र (Pedagogy) और इसकी राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन को एक एकीकृत (Integrated) विषय के रूप में पढ़ाया जाता है, जिसके अंतर्गत विज्ञान, सामाजिक अध्ययन और पर्यावरण शिक्षा के मुद्दों तथा अवधारणाओं को आपस में जोड़कर प्रस्तुत किया जाता है।
2. NCF 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर EVS पाठ्यक्रम की रूपरेखा 'छह प्रमुख थीम' (Themes) पर आधारित है, जो 'परिवार और मित्र', 'भोजन', 'पानी', 'आवास', 'यात्रा' और 'हम चीजें कैसे बनाते हैं' हैं।
3. पर्यावरण अध्ययन की शिक्षा-शास्त्रीय पद्धति में 'क्षेत्रीय भ्रमण' (Field Trips), 'प्रोजेक्ट कार्य' और 'सहयोगात्मक अधिगम' को द्वितीयक महत्व दिया जाता है, क्योंकि पाठ्यपुस्तकों का रटकर अध्ययन करना ही प्राथमिक स्तर पर ज्ञानार्जन का एकमात्र और सबसे प्रभावी माध्यम माना गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'सृजनात्मकता' (Creativity) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक ई.पी. टोरेंस (E.P. Torrance) द्वारा विकसित 'टोरेंस टेस्ट्स ऑफ़ क्रिएटिव थिंकिंग' (Torrance Tests of Creative Thinking - TTCT) के अंतर्गत, सृजनात्मक सोच के मूल्यांकन में निम्नलिखित में से किस मुख्य घटक को 'मौलिकता' (Originality) के सांख्यिकीय और मनोवैज्ञानिक माप के रूप में सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाती है?
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उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'भाषा विकास और विचार के मनोवैज्ञानिक संबंधों' के संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' के अंतर्गत 'अहंकेन्द्रित भाषण' (Egocentric Speech) के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप और मस्तिष्क के 'भाषा नेटवर्क' तथा 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' की गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' के अंतर्गत 'आंतरिक भाषण' (Inner Speech) और 'सामाजिक भाषण' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भाषा-आधारित संज्ञान और विद्यार्थियों में स्व-नियमन (Self-Regulation) के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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