BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

UPTET
5 views

उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अधिगम के पठार' (Plateaus in Learning) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक मनोवैज्ञानिकों (जैसे रॉस और अन्य) द्वारा विश्लेषित 'मानसिक थकान और प्रेरणा में कमी' के अलावा, अधिगम वक्र के दौरान उत्पन्न होने वाले 'पठार' (Plateau) की स्थिति को तोड़ने या समाप्त करने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी सबसे प्रभावी और वैज्ञानिक शिक्षण रणनीति मानी जाती है?

Detailed Explanation

अधिगम के पठार (Plateau in Learning) का तात्पर्य सीखने की प्रक्रिया में प्रगति का कुछ समय के लिए बिल्कुल रुक जाना है। इस अवरोध या पठार को तोड़ने के लिए शिक्षण विधियों में परिवर्तन, नई तकनीकों का प्रयोग, उचित अभिप्रेरणा (Motivation), और विश्राम के अंतरालों का उपयोग करना सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। विकल्प 'ब' इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण का सबसे सटीक प्रतिनिधित्व करता है।
Share:

Related Questions

बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र के अंतर्गत लॉरेन्स कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कोहलबर्ग ने नैतिक विकास को मुख्य रूप से तीन स्तरों (Levels) और प्रत्येक स्तर में दो-दो अवस्थाओं (Stages) यानी कुल छह अवस्थाओं में विभाजित किया है, जिसका अध्ययन करने के लिए उन्होंने 'डिलेमा' (Dilemma - दुविधा) कहानियों, विशेष रूप से 'हाइन्ज डिलेमा' (Heinz Dilemma) का उपयोग किया था। 2. 'पूर्व-पारंपरिक नैतिकता स्तर' (Pre-conventional Level - लगभग 4 से 10 वर्ष) की दूसरी अवस्था 'सापेक्षिक सुखवादी अभिविन्यास' (Instrumental Relativist Orientation) से संबंधित है, जिसमें बालक दूसरों की भलाई के लिए नहीं बल्कि केवल अपने स्वार्थ, व्यक्तिगत लाभ या 'जैसे को तैसा' (Tit for Tat) के आदान-प्रदान के नियम के आधार पर निर्णय लेता है। 3. 'उत्तर-पारंपरिक नैतिकता स्तर' (Post-conventional Level) की अंतिम अवस्था (छठी अवस्था) 'सार्वभौमिक नैतिक विवेक अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) कहलाती है, जिसमें व्यक्ति बाहरी नियमों या कानूनों की परवाह किए बिना अपने अंतःकरण, मानवाधिकारों और न्याय के सार्वभौमिक सिद्धांतों के आधार पर सही या गलत का निर्णय लेता है, भले ही वे कानून के विरुद्ध क्यों न हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश की ऊर्जा परियोजनाओं, तापीय विद्युत गृहों (Thermal Power Plants) और जलविद्युत परियोजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हरदुएगंज तापीय विद्युत गृह (Harduaganj Thermal Power Station) अलीगढ़ जिले में स्थित है, जिसकी स्थापना राज्य में बिजली की मांग को पूरा करने के लिए अंग्रेजों के समय में की गई थी और यह उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना तापीय विद्युत गृह माना जाता है। 2. रिहंद जलविद्युत परियोजना सोनभद्र जिले के पिपरी नामक स्थान पर रिहंद नदी पर बनाई गई है, जिसके पीछे बने कृत्रिम जलाशय को 'गोविंद बल्लभ पंत सागर' कहा जाता है। 3. परीक्षा तापीय विद्युत परियोजना (Paricha Thermal Power Station) झाँसी जिले में बेतवा नदी के तट पर स्थित है, जो बुंदेलखंड क्षेत्र को प्रमुख रूप से विद्युत आपूर्ति प्रदान करती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'समावेशी शिक्षा और विशेष आवश्यकता वाले बालकों के मनोविज्ञान' के संदर्भ में, निकोलस हब्स (Nicholas Hobbs) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय पुनर्वास दृष्टिकोण' (Ecological Rehabilitation Approach) के अंतर्गत बालकों के 'सामाजिक पारिस्थितिकी तंत्र' (Social Ecosystem) के न्यूरो-मनोवैज्ञानिक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'सोशल ब्रेन नेटवर्क' (Social Brain Network जिसमें सुपीरियर टेम्पोरल सल्क्स और मेडियल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स शामिल हैं) की संवादात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा यूरी ब्रॉन्फेनब्रेनर्स (Urie Bronfenbrenner) द्वारा प्रतिपादित 'पारिस्थितिकीय प्रणाली सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत 'माइक्रोसिस्टम' (Microsystem) से लेकर 'क्रोनोसिस्टम' (Chronosystem) तक के पांचों स्तरों के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों के सामाजिक-संवेगात्मक समायोजन और विद्यार्थियों में तहानुभूतिपूर्ण व न्यायसंगत शिक्षण वातावरण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है? उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक विरासतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले में स्थित 'लहौरादेवा' (Lahuradeva) नामक पुरास्थल से भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीनतम कृषि साक्ष्य (विशेष रूप से चावल के प्रमाण) प्राप्त हुए हैं, जो मेहरगढ़ से भी पुराने माने जाते हैं। 2. बौद्ध धर्म से जुड़े ऐतिहासिक स्थल 'कौशंबी' (Koshambi) में सम्राट अशोक द्वारा निर्मित घोषाराम विहार स्थित था, तथा यह प्राचीन वत्स महाजनपद की राजधानी हुआ करता था। 3. उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में स्थित 'अटाला मस्जिद' का निर्माण शर्की वंश के शासक इब्राहिम शाह शर्की द्वारा कराया गया था, जो अटाला देवी के मंदिर को तोड़कर बनाई गई थी और इसकी वास्तुकला शर्की शैली की अनूठी मिसाल है। उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं? उत्तर प्रदेश के वन्यजीव संरक्षण, पक्षी विहारों और जैव विविधता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'नवाबगंज पक्षी विहार' (जिसका नाम अब बदलकर चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार कर दिया गया है) उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में स्थित राज्य का सबसे पहला पक्षी विहार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1984 में की गई थी। 2. 'बखिरा पक्षी विहार' संतकबीरनगर जिले में स्थित एक प्राकृतिक झील पर बना पक्षी विहार है, जिसे हाल ही में रामसर आद्रभूमि (Ramsar Wetland) सूची में शामिल किया गया है, और यह प्रवासी पक्षियों के लिए एक प्रमुख आश्रय स्थल है। 3. 'हस्तिनापुर वन्यजीव विहार' उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा वन्यजीव विहार है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा और गाजियाबाद जैसे कई जिलों में फैला हुआ है। 4. 'सुहागीबरवा वन्यजीव विहार' महाराजगंज जिले में स्थित है, जो मुख्य रूप से एशियाई शेरों (Asiatic Lions) के संरक्षण के लिए स्थापित किया गया एकमात्र वन्यजीव अभ्यारण्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.