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Indian Polity
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भारतीय संविधान के 'भाग IX' तथा 'अनुच्छेद 243-I' के अंतर्गत राज्य के 'वित्त आयोग' (Finance Commission) के गठन और उसके कार्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. राज्यपाल द्वारा प्रत्येक पाँच वर्ष की समाप्ति पर पंचायतों की वित्तीय स्थिति की पुनरावलोकन के लिए एक वित्त आयोग का गठन किया जाता है, और यह आयोग अपनी संस्तुतियाँ सीधे केंद्र सरकार को प्रेषित करता है।
- 2. राज्य का वित्त आयोग पंचायतों के साथ-साथ नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा करता है और राज्य की संचित निधि से पंचायतों को दिए जाने वाले करों, शुल्कों और टोल के आवंटन के संबंध में राज्यपाल को संस्तुतियाँ देता है।
- 3. राज्य का वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है, जिसके गठन, सदस्यों की योग्यताओं और उनके चयन के तरीके से संबंधित विस्तृत प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 243-I में ही पूर्णतः स्पष्ट रूप से दिए गए हैं, और राज्य विधानमंडल को इस संबंध में कानून बनाने की कोई शक्ति प्राप्त नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 असत्य है क्योंकि राज्य का वित्त आयोग अपनी रिपोर्ट और संस्तुतियाँ सीधे केंद्र सरकार को नहीं, बल्कि राज्य के राज्यपाल को सौंपता है, जिसे राज्यपाल राज्य विधानमंडल के समक्ष रखवाते हैं। कथन 2 सत्य है; अनुच्छेद 243-I (तथा 74वें संशोधन द्वारा नगरपालिकाओं के लिए अनुच्छेद 243-Y) के अंतर्गत राज्य वित्त आयोग पंचायतों और नगरपालिकाओं दोनों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करता है और करों के बँटवारे पर राज्यपाल को संस्तुति देता है। कथन 3 असत्य है क्योंकि हालांकि राज्य वित्त आयोग एक संवैधानिक निकाय है, किंतु संविधान के अनुच्छेद 243-I(2) के तहत राज्य के विधानमंडल को विधि द्वारा आयोग के सदस्यों की अहर्ताओं (Qualifications) और उनके चयन के तरीके को निर्धारित करने की शक्ति प्रदान की गई है, और संविधान में सभी विस्तृत नियम स्वयं उल्लेखित नहीं हैं।
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मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) संविधान में किस संशोधन द्वारा जोड़े गए?
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भारतीय संविधान की अनुसूचियों, राजभाषा तथा राजनीतिक दलों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संवैधानिक संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधन) के माध्यम से जोड़कर वर्तमान में कुल 22 राजभाषाएँ कर दिया गया है, तथा अंग्रेजी इस अनुसूची में शामिल भाषाओं में से एक है।
2. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 343 से 351 तक संघ की राजभाषा का प्रावधान किया गया है, जिसके अनुसार संघ की राजभाषा देवनागरी लिपि में हिंदी होगी, किंतु संसद को यह अधिकार दिया गया है कि वह विधि द्वारा सरकारी कार्यों के लिए अंग्रेजी के निरंतर प्रयोग को प्राधिकृत कर सके।
3. वर्ष 1985 के 52वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान में दसवीं अनुसूची जोड़ी गई, जिसे 'दल-बदल विरोधी कानून' कहा जाता है, तथा इस अनुसूची के प्रावधानों के अंतर्गत किसी राजनीतिक दल के विलय (Merger) के लिए यह आवश्यक है कि उस दल के कम से कम दो-तिहाई (2/3rd) सदस्य अन्य दल में विलय के पक्ष में हों।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोगों (SPSC) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 316 के प्रावधानों के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग या किसी संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।
2. संविधान के अनुच्छेद 317 के अंतर्गत संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को केवल राष्ट्रपति द्वारा उनके दुराचार (Misbehaviour) के आधार पर हटाया जा सकता है, भले ही उनकी नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की गई हो, किंतु इसके लिए उच्चतम न्यायालय की संवीक्षा और जाँच अनिवार्य होती है।
3. अनुच्छेद 320 के अनुसार संघ लोक सेवा आयोग और राज्य लोक सेवा आयोगों का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वे राज्य के लोक सेवाओं के संबंध में की जाने वाली सभी नियुक्तियों की प्रत्येक प्रक्रिया के लिए प्रत्यक्ष साक्षात्कार और लिखित परीक्षा आयोजित करें, और सरकार किसी भी परिस्थिति में आयोग से परामर्श किए बिना सीधी भर्ती के किसी भी मामले में नियम नहीं बना सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग-I के अंतर्गत 'संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 2 के अंतर्गत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा ऐसे निबंधनों और शर्तों पर, जो वह ठीक समझे, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकती है, और यह शक्ति केवल उन बाहरी भू-भागों पर लागू होती है जो पहले से भारत संघ का हिस्सा नहीं थे।
2. अनुच्छेद 3 के तहत किसी नए राज्य के निर्माण, राज्यों के क्षेत्रफल में परिवर्तन या उनके नामों में बदलाव से संबंधित कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना संसद के किसी भी सदन में पुनः स्थापित नहीं किया जा सकता, और राष्ट्रपति को यह विधेयक संबंधित राज्य के विधानमंडल के पास उसकी राय भेजने के लिए भेजना अनिवार्य होता है, किंतु राज्य विधानमंडल द्वारा व्यक्त की गई राय को स्वीकार करना संसद के लिए संवैधानिक रूप से बाध्यकारी नहीं होता है।
3. अनुच्छेद 4 के अनुसार अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के अधीन नए राज्यों के प्रवेश या गठन तथा सीमाओं में परिवर्तन के लिए बनाए गए कानून को संविधान के अनुच्छेद 368 के प्रयोजन के लिए 'संविधान संशोधन' माना जाएगा, जिसके लिए संसद के विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संसद की विधायी प्रक्रिया और सदनों की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 109 के अनुसार धन विधेयक (Money Bill) केवल लोकसभा में ही पुनःस्थापित किया जा सकता है, राज्यसभा में नहीं; तथा राज्यसभा को धन विधेयक को प्राप्त होने की तिथि से अधिकतम 14 दिनों की अवधि के भीतर अपनी सिफारिशों के साथ या बिना सिफारिशों के लोकसभा को वापस लौटाना होता है, और यदि राज्यसभा इस अवधि के भीतर विधेयक नहीं लौटाती है, तो वह दोनों सदनों द्वारा उस रूप में पारित मान लिया जाता है जिस रूप में वह लोकसभा द्वारा पारित किया गया था।
2. संविधान के अनुच्छेद 108 के अंतर्गत राष्ट्रपति को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक (Joint Sitting) आहूत करने की शक्ति प्राप्त है, यदि कोई साधारण विधेयक लोकसभा द्वारा पारित होकर राज्यसभा में भेजा जाता है और राज्यसभा द्वारा विधेयक में किए जाने वाले संशोधनों पर दोनों सदन असहमत हो जाते हैं अथवा राज्यसभा द्वारा विधेयक को अपने पास रोके रखने के छह महीने बीत जाते हैं, तथा संयुक्त बैठक की अध्यक्षता अनिवार्य रूप से लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है, और यदि वह अनुपस्थित हो तो राज्यसभा के सभापति द्वारा की जाती है।
3. संविधान के अनुच्छेद 117(1) के अनुसार वित्त विधेयक (Financial Bill - श्रेणी I) को संसद के किसी भी सदन में पुनःस्थापित नहीं किया जा सकता जब तक कि राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश प्राप्त न हो, किंतु ऐसे वित्त विधेयक को राज्यसभा द्वारा संशोधित या अस्वीकृत करने की पूर्ण शक्ति प्राप्त है, जो साधारण विधेयकों के समान ही प्रक्रिया का पालन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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