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Indian Polity
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भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 312' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All-India Services) के सृजन और उनकी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. राज्यसभा द्वारा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से समर्थित एक संकल्प पारित किए जाने पर ही संसद को विधि द्वारा संघ और राज्यों के लिए एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन करने की शक्ति प्राप्त होती है।
  2. 2. इस प्रकार सृجित की जाने वाली अखिल भारतीय सेवा के अंतर्गत केवल भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) ही शामिल हैं, और संविधान के अनुसार अनुच्छेद 312 के तहत किसी नई न्यायिक या तकनीकी अखिल भारतीय सेवा का सृजन नहीं किया जा सकता है।
  3. 3. अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की भर्ती और सेवा शर्तों को विनियमित करने की अंतिम शक्ति संसद के पास होती है, और राज्य सरकारों को उनके संबंध में नियम बनाने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा ने उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से समर्थित यह संकल्प पारित कर दिया है कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो संसद विधि द्वारा संघ और राज्यों के लिए एक या अधिक अखिल भारतीय सेवाओं (जैसे अखिल भारतीय न्यायिक सेवा आदि) के सृजन के लिए उपबंध कर सकती है। कथन 2 गलत है: अनुच्छेद 312 के तहत संसद विधि द्वारा केवल IAS और IPS (जो संविधान के प्रारंभ में ही ऐसी सेवाएँ मानी गई हैं) तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत भविष्य में अन्य अखिल भारतीय सेवाओं (जैसे भारतीय वन सेवा - IFS, जो 1966 में बनी) का भी सृजन किया जा सकता है। कथन 3 गलत है: हालांकि अखिल भारतीय सेवाओं के सदस्यों की सेवा शर्तें निर्धारित करने की मुख्य शक्ति संसद के पास है, किंतु राज्य सरकारों को भी संघ लोक सेवा आयोग के परामर्श से उन अधिकारियों के संबंध में नियम बनाने का अधिकार प्राप्त होता है।
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