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पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में 'मृदा जीवभार' और 'पोषक चक्रण' में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 'माइकोराइजा' (Mycorrhiza) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. माइकोराइजा कवक (Fungi) और उच्च पौधों की जड़ों के बीच एक सहजीवी (Symbiotic) संबंध है, जो पौधों को फास्फोरस जैसे अघुलनशील पोषक तत्वों को अवशोषित करने में मदद करता है।
  2. 2. यह सहजीवी संबंध पौधों की सूखा सहन करने की क्षमता और मृदा जनित रोगजनकों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
  3. 3. यह संबंध केवल अनावृतबीजी (Gymnosperms) पौधों तक ही सीमित है और आवृतबीजी (Angiosperms) या फर्न प्रजातियों में यह बिल्कुल नहीं पाया जाता है।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: माइकोराइजा कवक (Fungi) और पौधों की जड़ों के बीच एक पारस्परिक रूप से लाभकारी (सहजीवी) संबंध है। कवक पौधों को मृदा से फास्फोरस, जल और अन्य खनिजों को अवशोषित करने में सहायता करते हैं, जबकि पौधे कवक को प्रकाश संश्लेषण द्वारा निर्मित शर्करा प्रदान करते हैं। कथन 2 सही है: माइकोराइजा पौधों को अजैविक तनावों जैसे सूखे, अत्यधिक तापमान और मृदा में लवणता से लड़ने में सक्षम बनाता है, साथ ही यह पौधों की जड़ों को हानिकारक रोगजनकों से भी बचाता है। कथन 3 गलत है: माइकोराइजा का संबंध केवल अनावृतबीजी पौधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अधिकांश आवृतबीजी (Angiosperms) पौधों, झाड़ियों और पेड़ों में भी बहुत आम रूप से पाया जाता है।
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