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Environmental Studies
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पर्यावरण और पारिस्थितिकी के संदर्भ में 'पारिस्थितिकीय प्रणालियों के सह-विकास' (Co-evolution) और 'की स्टोन प्रजाति' (Keystone Species) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. की स्टोन प्रजाति वे प्रजातियां होती हैं जिनका पारिस्थितिकी तंत्र के कुल बायोमास (Biomass) में योगदान बहुत अधिक होता है, जिसके बिना पूरा पारिस्थितिकी तंत्र ध्वस्त हो जाता है।
- 2. 'समुद्री ऊदबिलाव' (Sea Otter) कैलिफोर्निया के तटवर्ती पारिस्थितिकी तंत्र में केल्प वनों (Kelp Forests) की रक्षा करने वाली एक प्रसिद्ध की स्टोन प्रजाति है, जो सीचिन (Sea Urchins) की संख्या को नियंत्रित रखती है।
- 3. सह-विकास वह प्रक्रिया है जिसमें दो या दो से अधिक प्रजातियां एक-दूसरे के विकास को प्रभावित करती हैं, जैसे फूलों वाले पौधों और उनके परागणकों (Pollinators) के बीच का संबंध।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि 'की स्टोन प्रजाति' (Keystone Species) का पारिस्थितिकी तंत्र में कुल बायोमास (Biomass) या प्रचुरता बहुत कम होती है, लेकिन पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना और उसकी विविधता पर उनका प्रभाव बहुत अधिक और अनुपातहीन रूप से बड़ा होता है। यदि इन्हें हटा दिया जाए, तो पूरा पारिस्थितिकी तंत्र अत्यधिक प्रभावित या नष्ट हो जाता है। कथन 2 बिल्कुल सही है; समुद्री ऊदबिलाव (Sea Otter) इसका एक क्लासिक उदाहरण है जो सीचिन को खाकर केल्प वनों को नष्ट होने से बचाता है। कथन 3 भी सही है, 'सह-विकास' (Co-evolution) में दो या दो से अधिक प्रजातियां परस्पर चयनात्मक दबाव के माध्यम से एक-दूसरे के विकास को प्रभावित करती हैं, जैसे पौधे और परागणक कीट। अतः विकल्प (b) सही है।
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