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General Awareness
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भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान वर्ष 1945 में आयोजित 'शिमला सम्मेलन' (वेवेल योजना) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के तत्कालीन वायसराय की कार्यकारी परिषद का पुनर्गठन करना था, जिसमें वायसराय और कमांडर-इन-चीफ को छोड़कर सभी सदस्य भारतीय होने थे।
- 2. मुस्लिम लीग ने इस बात पर अड़ियल रुख अपनाया कि परिषद के सभी मुस्लिम सदस्यों का चयन केवल मुस्लिम लीग द्वारा किया जाएगा, जिसे वायसराय लॉर्ड वेवेल ने स्वीकार कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: जून 1945 में आयोजित शिमला सम्मेलन (वेवेल योजना) का मुख्य उद्देश्य भारत के भावी संविधान पर चर्चा करना और वायसराय की कार्यकारी परिषद का पुनर्गठन करना था, जिसमें गवर्नर-जनरल और कमांडर-इन-चीफ को छोड़कर सभी सदस्य भारतीय होने थे।
कथन 2 गलत है: मुस्लिम लीग ने यह जिद पकड़ी थी कि कार्यकारी परिषद के सभी मुस्लिम सदस्यों का चयन करने का एकाधिकार केवल मुस्लिम लीग का होगा, और कांग्रेस ऐसा कोई भी मनोनयन स्वीकार नहीं करना चाहती थी जो उसे केवल हिंदुओं की पार्टी के रूप में चित्रित करे। हालांकि, लॉर्ड वेवेल ने मुस्लिम लीग की इस मांग को स्वीकार नहीं किया, बल्कि सम्मेलन की असफलता की घोषणा स्वयं वेवेल ने की थी।
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