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Indian Polity
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भारतीय संविधान के अनुच्छेद 249 के अंतर्गत संसद को राज्य सूची (State List) के किसी विषय पर राष्ट्रीय हित में कानून बनाने की शक्ति प्रदान की गई है। इस विशेष प्रावधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. इस प्रकार का कानून बनाने के लिए राज्य सभा को उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों के समर्थन से एक प्रस्ताव पारित करना अनिवार्य है।
  2. 2. इस उपबंध के तहत बनाया गया संसद का कानून अधिकतम तीन वर्षों की अवधि के लिए लागू रहता है, हालांकि इसे और आगे बढ़ाया जा सकता है।
  3. 3. राज्य सूची के इस विषय पर कानून बनाने की शक्ति केवल राज्य सभा के पास होती है, और लोकसभा इस प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं निभाती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मत देने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई (2/3) बहुमत से ऐसा संकल्प पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी भी मामले पर कानून बनाए, तो संसद को देश के लिए उस मामले पर कानून बनाने की शक्ति मिल जाती है। कथन 1 सही है। ऐसा संकल्प अधिकतम 1 वर्ष की अवधि के लिए लागू रहता है (हालांकि इसे बार-बार एक-एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है, न कि एक बार में 3 वर्षों के लिए), अतः कथन 2 गलत है। इसके अलावा, अनुच्छेद 249 केवल राज्य सभा को यह अधिकार देता है कि वह पहल करे, लेकिन इस तरह पारित संकल्प के आधार पर कानून संसद (लोकसभा और राज्य सभा दोनों) द्वारा बनाया जाता है, इसलिए कथन 3 गलत है।
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