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Indian Polity
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत संसद को यह अधिकार दिया गया है कि वह विधि द्वारा नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सके?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 2 (Article 2) के अनुसार, संसद को यह शक्ति दी गई है कि वह विधि (कानून) द्वारा ऐसे नियमों और शर्तों पर, जो उसे ठीक लगें, संघ में नए राज्यों का प्रवेश या उनकी स्थापना कर सके। जबकि अनुच्छेद 3 नए राज्यों के निर्माण और मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन से संबंधित है।
Related Questions
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा के लिए जुलाई-अगस्त 1946 में हुए चुनावों में कुल 296 सीटों के लिए ब्रिटिश भारत के प्रांतों का प्रतिनिधित्व तय किया गया था, जिसमें से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 208 सीटें और मुस्लिम लीग ने 73 सीटें जीती थीं, जबकि शेष सीटें छोटे समूहों या निर्दलियों द्वारा जीती गईं।
2. संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को आयोजित की गई थी, जिसमें मुस्लिम लीग ने भाग नहीं लिया था और सभा के सबसे वरिष्ठ सदस्य डॉ. सच्चिदानंद सिन्हा को सभा का स्थायी अध्यक्ष चुना गया था।
3. उद्देश्य प्रस्ताव (Objective Resolution), जिसे 13 दिसंबर 1946 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था, को सभा द्वारा बिना किसी बहस के उसी दिन सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) की शक्तियों, अधिकारिता और संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 137 के अनुसार उच्चतम न्यायालय को संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के या अनुच्छेद 135 के अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन रहते हुए, अपने द्वारा सुनाए गए निर्णय या दिए गए आदेश का पुनर्विलोकन (Review) करने की शक्ति प्राप्त है, और यह शक्ति संसद के किसी भी अधिनियम द्वारा छीनी नहीं जा सकती क्योंकि यह न्यायिक पुनरावलोकन के बुनियादी ढाचे का हिस्सा है।
2. संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति प्राप्त है, जिसके अंतर्गत यदि राष्ट्रपति किसी लोक महत्व के प्रश्न पर ऐसी राय मांगता है, तो उच्चतम न्यायालय के लिए उस पर अपनी राय देना संवैधानिक रूप से अनिवार्य (Mandatory) होता है।
3. अनुच्छेद 142 के अंतर्गत उच्चतम न्यायालय अपनी अधिकारिता का प्रयोग करते हुए ऐसा डिक्री या आदेश पारित कर सकता है जो उसके समक्ष लंबित किसी वाद या विषय में 'पूर्ण न्याय' (Complete Justice) करने के लिए आवश्यक हो, और भारत के राज्य क्षेत्र में ऐसे प्रत्येक आदेश का प्रवर्तनीय होना संसद द्वारा बनाई गई विधि या राष्ट्रपति के आदेश के अधीन होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राजभाषा, राजनीतिक दलों की मान्यता तथा संविधान की विभिन्न अनुसूचियों और भागों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के भाग XVII के अनुच्छेद 348 के अनुसार उच्चतम न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय में सभी कार्रवाइयां अंग्रेजी भाषा में ही होंगी, जब तक कि संसद विधि द्वारा कोई अन्य प्रावधान न करे, और किसी भी राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति की पूर्व सहमति से उस राज्य के उच्च न्यायालय की कार्रवाइयों में हिंदी या किसी अन्य राजभाषा के प्रयोग को प्राधिकृत कर सकता है।
2. संविधान की नौवीं अनुसूची को प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 द्वारा जोड़ा गया था, और इसके तहत यह प्रावधान किया गया कि इस अनुसूची में शामिल किए गए विधियों को इस आधार पर शून्य घोषित नहीं किया जा सकता कि वे किसी मौलिक अधिकार का उल्लंघन करते हैं, किंतु उच्चतम न्यायालय के 'केशवानंद भारती मामले' (1973) के निर्णय के पश्चात 24 अप्रैल 1973 के बाद इस अनुसूची में शामिल कानूनों की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की जा सकती है यदि वे संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन करते हैं।
3. दलबदल विरोधी कानून (संविधान की दसवीं अनुसूची) के अंतर्गत किसी राजनीतिक दल के 'विलय' (Merger) की वैधता के लिए यह संवैधानिक आवश्यकता है कि मूल राजनीतिक दल के कम से कम आधे (50%) सदस्य विलय के पक्ष में हों, अन्यथा उन सभी सदस्यों को दलबदल के आधार पर अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत नगरपालिकाओं की संरचना, वार्ड कमेटियों के गठन तथा जिला एवं महानगर योजना समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 243-S के अनुसार, तीस लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले महानगर क्षेत्र के लिए एक महानगर योजना समिति (Metropolitan Planning Committee) का गठन किया जाएगा, जो उस महानगर क्षेत्र के लिए विकास योजना तैयार करेगी, और इस समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम दो-तिहाई सदस्य महानगर क्षेत्र में निर्वाचित नगरपालिका के पार्षदों और नगर निगमों के अध्यक्षों द्वारा अपने में से ही चुने जाएंगे।
2. अनुच्छेद 243-Q के प्रावधानों के तहत प्रत्येक राज्य में संक्रमणकालीन क्षेत्र के लिए नगर पंचायत, लघु नगरीय क्षेत्र के लिए नगरपालिका परिषद और वृहत्तर नगरीय क्षेत्र के लिए नगर निगम का गठन किया जाएगा, किंतु राज्यपाल लोक अधिसूचना द्वारा किसी शहरी क्षेत्र को औद्योगिक नगरी घोषित कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप उस क्षेत्र के लिए नगरपालिका का गठन करना संसद की पूर्व अनुमति से अनिवार्य हो जाता है।
3. संविधान के अनुच्छेद 243-S के अंतर्गत ही तीन लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले नगरपालिका क्षेत्र के प्रादेशिक क्षेत्र के भीतर एक या अधिक वार्डों को मिलाकर 'वार्ड समितियों' (Ward Committees) के गठन का प्रावधान किया गया है, जिसके गठन और संरचना से संबंधित नियम राज्य विधानमंडल द्वारा बनाए जाते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'अस्पृश्यता का उन्मूलन' करता है?
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