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Indian Polity
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) को 'अभिलेख न्यायालय' (Court of Record) का दर्जा प्राप्त है तथा इसके पास अपनी अवमानना (Contempt of Court) के लिए दंड देने की शक्ति है?
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Detailed Explanation
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 129 के अनुसार, उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) एक 'अभिलेख न्यायालय' होगा और उसमें अपने अवमान के लिए दंड देने की शक्ति सहित ऐसी न्यायालय के सभी शक्तियां होंगी। इसका अर्थ यह है कि इस न्यायालय के निर्णय और कार्रवाइयां सार्वकालिक अभिलेख के रूप में रखी जाती हैं, जिन पर भारत के किसी भी न्यायालय में प्रश्न नहीं उठाया जा सकता।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत राष्ट्रपति की विधायी, कार्यकारी तथा अध्यादेश निर्माण शक्तियों (अनुच्छेद 123) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 123 के अनुसार राष्ट्रपति द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश की वही शक्ति और प्रभाव होता है जो संसद द्वारा पारित किसी अधिनियम का होता है, किंतु यह अध्यादेश संसद के दोनों सदनों के पुनः समवेत होने के ठीक छह सप्ताह बाद स्वतः निष्प्रभावी हो जाता है, बशर्ते इससे पूर्व ही इसे संसद के दोनों सदनों द्वारा अस्वीकृत न कर दिया गया हो।
2. राष्ट्रपति किसी अध्यादेश को केवल तभी प्रख्यापित कर सकता है जब संसद के दोनों सत्र चल रहे हों और किसी एक सदन द्वारा कानून बनाने में असमर्थता व्यक्त की गई हो, क्योंकि यदि संसद का कोई भी एक सदन सत्र में है, तो राष्ट्रपति अध्यादेश जारी नहीं कर सकता है।
3. राष्ट्रपति की अध्यादेश निर्माण की शक्ति उसकी स्वविवेकपूर्ण शक्ति नहीं है, बल्कि वह इस शक्ति का प्रयोग केवल केंद्रीय मंत्रिपरिषद की सलाह पर ही कर सकता है, जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद से अपनी सलाह पर पुनर्विचार करने के लिए केवल एक बार कह सकता है, किंतु पुनर्विचार के पश्चात भेजी गई सलाह को मानने के लिए राष्ट्रपति बाध्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के भाग II (अनुच्छेद 5-11) के अंतर्गत नागरिकता के प्रावधानों और नागरिकता (संशोधन) अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 8 के अनुसार भारत के बाहर रहने वाले भारतीय मूल के कुछ व्यक्तियों (Persons of Indian Origin) के नागरिकता के अधिकारों का उपबंध किया गया है, जिसके तहत यदि कोई व्यक्ति या उसके माता-पिता अथवा दादा-दादी में से कोई ऐसा व्यक्ति भारत शासन अधिनियम, 1935 में परिभाषित भारत में जन्मा था, तो वह भारत का नागरिक बन सकता है, बशर्ते उसने भारत के कूटनीतिक या कांसular प्रतिनिधि के पास पंजीकरण कराया हो।
2. नागरिकता अधिनियम, 1955 के अंतर्गत 'देशीकरण द्वारा नागरिकता' (By Naturalization) प्राप्त करने के लिए यह आवश्यक है कि वह व्यक्ति भारत सरकार के प्रति निष्ठा की शपथ ले और कम से कम पिछले 14 वर्षों से (यानी आवेदन से ठीक पहले के 12 महीने और उससे पूर्व के 14 वर्षों में से कुल मिलाकर 11 वर्ष) भारत में निवास कर रहा हो या भारत सरकार की सेवा में रहा हो।
3. संविधान के अनुच्छेद 10 के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति, जो इस भाग के पूर्वगामी प्रावधानों में से किसी के अधीन भारत का नागरिक है या समझा जाता है, संसद द्वारा बनाए गए किसी विधि के उपबंधों के अधीन रहते हुए, भारत का नागरिक बना रहेगा, जिसका तात्पर्य यह है कि संसद किसी साधारण कानून द्वारा भी नागरिकों की नागरिकता को बिना किसी विधिक प्रक्रिया के पूर्णतः समाप्त कर सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के निर्माण के क्रम में संविधान सभा की विभिन्न समितियों और उसकी कार्यप्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान सभा की संघ शक्ति समिति (Union Powers Committee) के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू थे, जबकि प्रांतीय संविधान समिति (Provincial Constitution Committee) के अध्यक्ष सरदार वल्लभभाई पटेल थे, और इन दोनों प्रमुख समितियों द्वारा तैयार किए गए प्रस्तावों पर विचार करने के लिए ही 29 अगस्त 1947 को प्रसिद्ध 'प्रारूप समिति' (Drafting Committee) का गठन किया गया था।
2. संविधान सभा द्वारा कुल 22 मुख्य समितियों का गठन किया गया था, जिनमें से प्रक्रिया नियम समिति (Rules of Procedure Committee) और संचालन समिति (Steering Committee) के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद थे, जबकि मौलिक अधिकारों और अल्पसंख्यकों से संबंधित सलाहकार समिति के मुख्य अध्यक्ष डॉ. बी.आर. अंबेडकर थे।
3. संविधान सभा के निर्वाचन के संदर्भ में, इसके सदस्यों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा किया गया था, तथा इसमें देशी रियासतें (Princely States) आरम्भ से ही शामिल थीं और उनके प्रतिनिधियों का चयन रियासतों के शासकों द्वारा मनोनीत करके सीधे संविधान सभा में भेजा गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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राज्य विधानमंडल के उच्च सदन यानी 'विधान परिषद' (Legislative Council) के गठन, उत्सादन और उसकी विधायी शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 169 के अनुसार, संसद किसी राज्य में विधान परिषद के सृजन या उत्सादन के लिए विधि बना सकती है, बशर्ते कि संबंधित राज्य की विधानसभा ने कुल सदस्य संख्या के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से इस आशय का संकल्प पारित किया हो।
2. विधान परिषद की कुल सदस्य संख्या उस राज्य की विधानसभा के कुल सदस्यों की संख्या के एक-तिहाई से अधिक नहीं हो सकती है, तथा किसी भी स्थिति में इसकी न्यूनतम संख्या 40 से कम नहीं होनी चाहिए (अपवादस्वरूप जम्मू-कश्मीर विधानसभा के समय इसकी संख्या कम थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है)।
3. विधान परिषद के कुल सदस्यों का 1/3 भाग स्थानीय निकायों के निर्वाचकों द्वारा, 1/12 भाग ऐसे स्नातकों द्वारा जो कम से कम तीन वर्ष पूर्व ग्रेजुएट हो चुके हैं, 1/12 भाग कम से कम तीन वर्ष से राज्य के माध्यमिक विद्यालयों से निम्न स्तर के शिक्षण संस्थानों में अध्यापन कर रहे शिक्षकों द्वारा, 1/3 भाग विधानसभा के सदस्यों द्वारा और शेष सदस्यों का नामांकन राज्यपाल द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला, सहकारिता आंदोलन और समाज सेवा के क्षेत्र के विशेष ज्ञान रखने वाले व्यक्तियों में से किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) और उससे संबंधित ऐतिहासिक 'बेरूबारी यूनियन वाद' (1960) तथा 'केशवानंद भारती वाद' (1973) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. उच्चतम न्यायालय ने 'बेरूबारी यूनियन वाद' में यह अभिनिधारित किया था कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है और संसद अनुच्छेद 368 के तहत इसमें संशोधन कर सकती है, बशर्ते मूल ढांचे का उल्लंघन न हो।
2. 'केशवानंद भारती वाद' में उच्चतम न्यायालय ने अपने पूर्ववर्ती निर्णय को पलटते हुए यह स्पष्ट किया कि प्रस्तावना संविधान का एक भाग है और विधायिका की शक्ति के स्रोत के रूप में तथा उसकी सीमाओं के निर्धारण में इसका विशेष महत्व है।
3. प्रस्तावना में अब तक केवल एक बार वर्ष 1976 में 42वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा संशोधन किया गया है, जिसके माध्यम से इसमें 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्द जोड़े गए थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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