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संविधान की पाँचवीं अनुसूची किससे संबंधित है?
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Detailed Explanation
पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों और जनजातियों के प्रशासन से संबंधित है।
Related Questions
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IV-A' (मूल कर्तव्य - अनुच्छेद 51A) तथा इनसे संबंधित विभिन्न कानूनी और न्यायिक पहलों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के मूल पाठ में 'मूल कर्तव्यों' का कोई प्रावधान नहीं था, इन्हें स्वर्ण सिंह समिति (Swaran Singh Committee) की सिफारिशों के आधार पर 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा संविधान में जोड़ा गया था, और वर्तमान में संविधान में कुल 11 मूल कर्तव्य हैं जिन्हें अनुच्छेद 51A के अंतर्गत एक ही खंड में शामिल किया गया है।
2. 'वर्षा कुमार बनाम भारत संघ' और अन्य ऐतिहासिक सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुसार, मूल कर्तव्य प्रकृति में केवल नागरिकों के लिए बाध्यकारी (Enforceable by law) हैं, जिसका अर्थ है कि विधायिका या कार्यपालिका द्वारा इन कर्तव्यों के उल्लंघन पर सीधे दंडात्मक कार्रवाई करने के लिए कानून बनाए जा सकते हैं, और अदालतें भी नागरिकों को इन कर्तव्यों का पालन करने के लिए रिट (Writs) जारी कर सकती हैं।
3. न्यायमूर्ति जे.एस. वर्मा समिति (1999), जिसे 'मूल कर्तव्यों के शिक्षण और पुनरुत्थान' के लिए गठित किया गया था, ने यह सिफारिश की थी कि मूल कर्तव्यों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मौजूदा कानूनों (जैसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम) का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए ताकि नागरिक अपने संवैधानिक दायित्वों के प्रति जागरूक हो सकें।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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SJFI (भारतीय खेल पत्रकार महासंघ) स्वर्ण पदक 2026 से किसे सम्मानित किया गया है?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, पृथ्वी की आंतरिक संरचना (Interior of the Earth) तथा भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के संचरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंपीय तरंगों के अध्ययन से यह ज्ञात होता है कि पृथ्वी की क्रोड (Core) का बाह्य भाग तरल (Liquid) अवस्था में है, जिसकी पुष्टि 'एस-तरंगों' (S-waves) के इस क्षेत्र से गुजरने पर उनके पूरी तरह से विलुप्त (Shadow Zone) हो जाने से होती है।
2. 'मोहरोविकिक असंतुलन' (Mohorovicic Discontinuity) क्रस्ट (Crust) और मेंटल (Mantle) की सीमा को अलग करता है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र कमी दर्ज की जाती है।
3. 'गुटेनबर्ग असंतुलन' (Gutenberg Discontinuity) ऊपरी मेंटल और निचले मेंटल के बीच की सीमा रेखा है, जिसके आर-पार 'पी-तरंगों' (P-waves) की गति में अचानक वृद्धि होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 76' और 'अनुच्छेद 165' के अंतर्गत क्रमशः 'भारत के महान्यायवादी' (Attorney General of India) और 'राज्य के महाधिवक्ता' (Advocate General) के पदों एवं उनकी शक्तियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और उसके पास योग्यता वह होनी चाहिए जो उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के लिए आवश्यक होती है, जबकि महाधिवक्ता की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है और उसकी योग्यता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान होनी चाहिए।
2. महान्यायवादी को भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है तथा उसे संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में बोलने और भाग लेने का अधिकार है, किंतु उसे संसद में मतदान करने का कोई संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है।
3. महान्यायवादी और महाधिवक्ता दोनों का कार्यकाल संविधान द्वारा निश्चित किया गया है (क्रमशः 5 वर्ष), और वे राष्ट्रपति या राज्यपाल की इच्छापर्यंत (During the Pleasure) पद धारण नहीं करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 312' के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All India Services) के सृजन और उनकी संवैधानिक स्थिति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से एक संकल्प यह पारित करती है कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो संसद विधि द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन का प्रावधान कर सकती है।
2. इस अनुच्छेद के तहत संसद द्वारा बनाई गई किसी भी विधि को संविधान के अनुच्छेद 368 के अर्थ के अंतर्गत 'संविधान संशोधन' नहीं माना जाएगा, भले ही वह मौजूदा सेवा नियमों या राज्यों की विधायी शक्तियों को प्रभावित करती हो।
3. अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों की नियुक्ति, अनुशासनिक नियंत्रण और अखिल भारतीय सेवाओं के सृजन की अनन्य शक्ति भारत के राष्ट्रपति में निहित होती है, और राज्य सरकारों को इन अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का कोई विधिक अधिकार प्राप्त नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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