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पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक मान्यता किस अनुसूची के तहत प्राप्त है?

Detailed Explanation

73वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान में 11वीं अनुसूची जोड़ी गई, जो पंचायतों से संबंधित है।
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) और उससे संबंधित वैधानिक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010' के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े मामलों के प्रभावी और तीव्र निपटान के लिए की गई थी, और यह अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत निर्धारित सख्त न्यायिक प्रक्रियाओं (Strict Judicial Procedures) का पालन करने के लिए पूरी तरह बाध्य है। 2. यह अधिकरण भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त 'न्यायिक समीक्षा' (Judicial Review) की शक्ति के अंतर्गत पर्यावरण संबंधी किसी भी कार्यकारी निर्णय को चुनौती दे सकता है, तथापि यह अधिकरण 'वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980' और 'अनुसूचित जातियों और अन्य पारंपरिक वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006' के अंतर्गत आने वाले मामलों पर सुनवाई करने का क्षेत्राधिकार नहीं रखता है। 3. राष्ट्रीय हरित अधिकरण के किसी आदेश, निर्णय या पंचाट (Award) के विरुद्ध अपील सीधे सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) में उसके आदेश की तारीख से नब्बे दिनों के भीतर की जा सकती है, और अधिकरण के निर्णयों को उच्च न्यायालयों में चुनौती देने का कोई प्रावधान नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' के अंतर्गत 'संघ की न्यायपालिका' (सुप्रीम कोर्ट - अनुच्छेद 124 से 147) तथा इसकी शक्तियों और क्षेत्राधिकारों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 131 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय का 'मूल और अनन्य क्षेत्राधिकार' (Original and Exclusive Jurisdiction) भारत सरकार और एक या अधिक राज्यों के बीच, या दो या अधिक राज्यों के बीच किसी भी कानूनी विवाद में लागू होता है, और इस क्षेत्राधिकार में किसी भी प्रकार की संधि, समझौते या प्रसंविदा से उत्पन्न होने वाले विवाद भी शामिल होते हैं। 2. संविधान के अनुच्छेद 143 के अनुसार राष्ट्रपति को सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति प्राप्त है, और यदि किसी सार्वजनिक महत्व के प्रश्न पर राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय की राय मांगते हैं, तो सर्वोच्च न्यायालय के लिए उस पर अपनी राय देना और राष्ट्रपति को परामर्श देना संवैधानिक रूप से अनिवार्य (Mandatory) है। 3. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा घोषित कानून भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर सभी न्यायालयों पर आबद्धकर (Binding) होता है, किंतु स्वयं सर्वोच्च न्यायालय अपने ही पूर्ववर्ती निर्णयों या आदेशों की समीक्षा करने और उन्हें पलटने के लिए बाध्य नहीं है, क्योंकि उसे 'न्यायिक पुनरावलोकन' की असीम शक्ति प्राप्त है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX' (पंचायतों से संबंधित - अनुच्छेद 243 से 243-O) के अंतर्गत त्रि-स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था और उससे जुड़े प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243B के अनुसार, प्रत्येक राज्य में ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर पंचायतों का गठन किया जाना अनिवार्य है, किंतु जिन राज्यों की जनसंख्या 20 लाख से कम है, उन्हें मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का गठन करने की छूट दी गई है। 2. पंचायतों के सभी स्तरों पर अध्यक्ष के पदों के साथ-साथ सीधे चुने जाने वाले सदस्यों के कुल सीटों की संख्या में महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित होना अनिवार्य है, और यह आरक्षण अनुसूचित जातियों तथा अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटों पर भी लागू होता है। 3. संविधान के अनुच्छेद 243-I के तहत प्रत्येक राज्य के राज्यपाल द्वारा हर पाँच वर्ष की समाप्ति पर एक 'वित्त आयोग' (Finance Commission) का गठन किया जाएगा, जो पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा और राज्य की संचित निधि से पंचायतों को अनुदान देने के संबंध में राज्यपाल को सिफारिशें करेगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत किस वर्ष हुई थी? दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के अंतर्गत बना 12 किमी लंबा एशिया का सबसे बड़ा 'एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर’ किस राज्य में स्थित है?
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