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बहिष्कार का विचार सबसे पहले किसने दिया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कृष्ण कुमार मित्र के पत्र 'संजीवनी' में सबसे पहले बहिष्कार का सुझाव दिया गया था।
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किस वेद को भारतीय संगीत का मूल माना जाता है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 76' के अंतर्गत 'भारत के महान्यायवादी' (Attorney General for India) के पद, शक्तियों और उसके विशेषाधिकारों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महान्यायवादी भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार होता है, और उसे भारत के राज्यक्षेत्र के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, साथ ही उसे संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार भी है, किंतु उसे संसद में मतदान करने का कोई अधिकार नहीं है।
2. संविधान के अनुसार, महान्यायवादी को वही पारिश्रमिक प्राप्त होता है जो संसद द्वारा निर्धारित किया जाता है, और उसका कार्यकाल संविधान द्वारा निश्चित किया गया है जो कि सामान्यतः 5 वर्ष होता है।
3. महान्यायवादी अपने पद पर राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत (During the pleasure of the President) धारण करता है, और वह कोई ऐसा निजी विधिक अभ्यास (Private legal practice) नहीं कर सकता है जो भारत सरकार के खिलाफ या उसके हितों के प्रतिकूल हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 352' के अंतर्गत राष्ट्रीय आपातकाल (National Emergency) की उद्घोषणा और इसके प्रभावों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए की जा सकती है, और वर्ष 1978 के 44वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा यह प्रावधान किया गया कि 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) के आधार पर भी आपातकाल की घोषणा की जा सकती है (इससे पहले इस आधार के लिए 'आंतरिक अशांति' शब्द का प्रयोग किया जाता था)।
2. राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त सभी छह मौलिक अधिकार स्वतः (Suo motu) निलंबित हो जाते हैं, और इसके लिए राष्ट्रपति द्वारा किसी अलग औपचारिक आदेश की आवश्यकता नहीं होती है।
3. संविधान के अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त है कि वह एक आदेश जारी करके राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन को छोड़कर, अन्य किसी भी मौलिक अधिकार को निलंबित कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVII' (राजभाषा - अनुच्छेद 343 से 351) के अंतर्गत संवैधानिक और विधिक प्रावधानों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 343 के अनुसार संघ की राजभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी, तथा इसके अतिरिक्त संविधान की आठवीं अनुसूची में कुल 22 भाषाओं को मान्यता प्रदान की गई है, जिनमें मूल संविधान में केवल 14 भाषाएँ शामिल थीं और बाद में विभिन्न संविधान संशोधनों के माध्यम से सिंधी, कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली, बोडो, डोगरी, मैथिली और संथाली को जोड़ा गया।
2. संविधान के अनुच्छेद 351 के अंतर्गत संघ का यह कर्तव्य निर्धारित किया गया है कि वह हिंदी भाषा का प्रसार बढ़ाए, उसका विकास करे ताकि वह भारत की सामासिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति का माध्यम बन सके, तथा इसके विकास के लिए केवल संस्कृत भाषा से ही शब्द ग्रहण करे, अन्य क्षेत्रीय भाषाओं से नहीं।
3. वर्ष 1963 में पारित 'राजभाषा अधिनियम' (Official Languages Act, 1963) के माध्यम से यह प्रावधान किया गया कि शासकीय कार्यों और संसद में अंग्रेजी भाषा का प्रयोग संविधान लागू होने के 15 वर्ष की अवधि समाप्त होने के पश्चात भी अनिश्चितकाल के लिए (हिंदी के साथ-साथ) जारी रखा जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' के अंतर्गत 'संसद की प्रक्रिया' तथा 'अनुच्छेद 105' के तहत प्रदत्त 'संसदीय विशेषाधिकार' (Parliamentary Privileges) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 105 के अंतर्गत संसद के प्रत्येक सदन को, उसके सदस्यों और समितियों को कुछ विशिष्ट विशेषाधिकार प्राप्त हैं, जिनमें संसद में या उसकी किसी समिति में कही गई किसी बात या दिए गए किसी मत के संबंध में किसी भी न्यायालय में कोई कानूनी कार्यवाही न चलाया जाना शामिल है।
2. जब तक संसद द्वारा अनुच्छेद 105(3) के तहत संसदीय विशेषाधिकारों को परिभाषित करने वाला कोई विस्तृत कानून नहीं बनाया जाता है, तब तक ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स (British House of Commons) के पास संविधान के प्रारंभ के समय जो विशेषाधिकार, अधिकार और उन्मुक्तियाँ थीं, वही भारतीय संसद और उसके सदस्यों को प्राप्त होंगी।
3. यदि संसद का कोई सदस्य सदन के सत्र के दौरान किसी दीवानी मामले (Civil Case) में गिरफ्तार किया जाता है, तो उसे सदन के सत्रावसान या सदन की बैठक शुरू होने से 40 दिन पहले और 40 दिन बाद तक की अवधि के लिए गिरफ्तारी से पूर्ण उन्मुक्ति (Immunity) प्राप्त होती है, चाहे मामला किसी भी प्रकृति का क्यों न हो।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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