BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Geography
9 views

पृथ्वी की सतह पर पाई जाने वाली सबसे बाहरी ठोस परत को क्या कहते हैं?

Detailed Explanation

भूपर्पटी (Crust) पृथ्वी की सबसे बाहरी और सबसे पतली ठोस परत है।
Share:

Related Questions

भारत की जलवायु और मानसून की उत्पत्ति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्पत्ति का मुख्य कारण ग्रीष्मकाल में भारतीय उपमहाद्वीप पर अत्यधिक ताप के कारण विकसित होने वाला तीव्र निम्न वायुदाब (Thermal Low) और मेडागास्कर के पूर्व में हिंद महासागर के ऊपर उच्च वायुदाब की उपस्थिति है। 2. 'जेट स्ट्रीम सिद्धांत' के अनुसार, ग्रीष्मकाल में उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट धारा (Subtropical Westerly Jet Stream) का हिमालय के उत्तर की ओर खिसकना भारतीय मानसून के आगमन के लिए एक अनुकूल परिस्थिति का निर्माण करता है। 3. 'एल नीनो' (El Nino) घटना के दौरान प्रशांत महासागर के पूर्वी और मध्य भाग में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है, जिससे पेरू तट के पास अपवेलिंग प्रक्रिया तीव्र हो जाती है और भारत में मानसून की वर्षा में अभूतपूर्व वृद्धि होती है। 4. उत्तर-पूर्वी मानसून या शीतकालीन मानसून मुख्य रूप से भारत के उत्तरी मैदानों में उच्च वायुदाब के विकास के कारण उत्पन्न होता है, और इसके प्रभाव से तमिलनाडु के तटीय क्षेत्रों में शीतकाल में वर्षा होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारतीय मानसून की क्रियाविधि और वर्षा के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जेट स्ट्रीम (Jet Streams), विशेष रूप से ग्रीष्मकाल में उत्तर भारत के मैदानों के ऊपर प्रवाहित होने वाली उपोष्ण कटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम (Subtropical Westerly Jet Stream) का तिब्बत के पठार के उत्तर में खिसकना भारतीय उपमहाद्वीप पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के अचानक फटने (Monsoon Burst) के लिए अनुकूल दशा का निर्माण करता है। 2. भारतीय मानसून की वर्षा मुख्य रूप से पर्वतीय (Orographic) प्रकार की होती है, जिसके कारण पश्चिमी घाट के पवन-विमुख ढालों (Leeward Slopes) पर स्थित क्षेत्रों—जैसे पुणे और बेंगलुरु—में अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की जाती है, जबकि पवन-मुखी ढालों पर वृष्टिछाया प्रभाव देखा जाता है। 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार एल-निनो (El Niño) घटना के दौरान प्रशांत महासागर में पेरू के तट पर ठंडे पानी का अपवेलिंग (Upwelling) तीव्र हो जाता है, जिससे भारतीय उपमहाद्वीप पर मानसूनी हवाओं की तीव्रता बढ़ जाती है और सामान्य से अधिक वर्षा होती है। 4. बंगाल की खाड़ी की शाखा द्वारा लाई जाने वाली मानसूनी हवाएँ जब मेघालय के पठार से टकराती हैं, तो खासी पहाड़ियों की कीपनुमा (Funnel-shaped) स्थलाकृति के कारण मौसिनराम और चेरापूंजी में विश्व की सर्वाधिक वार्षिक वर्षा दर्ज की जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वायुमंडल की विभिन्न परतों, आयनमंडलीय उप-परतों तथा वैश्विक वायुदाब पेटियों की गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मध्यमंडल (Mesosphere) वायुमंडल की सबसे ठंडी परत है, जहाँ ऊँचाई बढ़ने के साथ तापमान में तीव्र गिरावट आती है और इसका ऊपरी सिरा यानी 'मेसोपॉज' (Mesopause) पृथ्वी का सबसे कम तापमान (-90°C से -100°C तक) दर्ज करता है। 2. आयनमंडल (Ionosphere) के अंतर्गत 'डी-परत' (D-layer) लंबी तरंगों वाली रेडियो तरंगों को परावर्तित करती है और यह सूर्य के प्रकाश के साथ प्रकट होती है, जबकि रात के समय आयनीकरण समाप्त होने के कारण यह परत पूरी तरह से गायब हो जाती है। 3. ध्रुवीय उच्च वायुदाब पेटियाँ (Polar High-Pressure Belts) विशुद्ध रूप से गतिकीय रूप से प्रेरित (Dynamically Induced) पेटियाँ हैं, जिनका निर्माण ध्रुवीय क्षेत्रों में अत्यधिक शीत के कारण वायु के भारी होकर नीचे बैठने से होता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार क्षोभसीमा (Tropopause) पर तापमान की स्थिरता पाई जाती है, और यहाँ जेट स्ट्रीम (Jet Streams) का प्रवाह तीव्र गति से होता है जो मौसम प्रणालियों को नियंत्रित करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? पृथ्वी की वायुमंडलीय पवन प्रणालियों, आर्द्रता और चक्रवातों की गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फेरेल का नियम (Ferrel's Law) यह बताता है कि पृथ्वी के घूर्णन (कोरिऑलिस प्रभाव) के कारण उत्तरी गोलार्ध में पवनें अपनी मूल दिशा से बाईं ओर तथा दक्षिणी गोलार्ध में दाईं ओर विक्षेपित हो जाती हैं। 2. 'वाष्पीकरण' (Evaporation) और 'सापेक्ष आर्द्रता' (Relative Humidity) में व्युत्क्रमानुपाती संबंध होता है; यानी जैसे-जैसे वायु का तापमान बढ़ता है, उसकी जलवाष्प धारण करने की क्षमता बढ़ जाती है, जिससे सापेक्ष आर्द्रता घट जाती है (यदि वायु में जल की वास्तविक मात्रा स्थिर रहे)। 3. उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Tropical Cyclones) के केंद्र में 'चक्रवात की आँख' (Eye of the Cyclone) स्थित होती है, जो उच्च दाब, शांत मौसम, मेघहीन आकाश और न्यूनतम हवाओं का क्षेत्र होती है। 4. 'कोहरा' (Fog) और 'कुहासा' (Mist) दोनों ही संघनन के प्रकार हैं, परंतु कोहरे में दृश्यता 1 किलोमीटर से कम होती है और आर्द्रता अधिक होती है, जबकि कुहासा कोहरे की तुलना में कम घना होता है और इसमें जल की बूंदों के साथ सूक्ष्म कणों का सांद्रण कम होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा वर्गीकृत भारतीय मृदाओं, उनकी रासायनिक संरचना और भौगोलिक वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जलोढ़ मृदा (Alluvial Soil) देश के कुल क्षेत्रफल का लगभग 40% भाग पर पाई जाती है, जो मुख्य रूप से उत्तर के विशाल मैदानों और नदी घाटियों में विस्तृत है, तथा इसमें पोटाश और चूने की प्रचुरता पाई जाती है जबकि फॉस्फोरस और नाइट्रोजन की कमी होती है। 2. लाल और पीली मृदा का लाल रंग क्रिस्टलीय और कायांतरित चट्टानों में लौह ऑक्साइड के व्यापक विसरण के कारण होता है, जबकि इसका पीला रंग इसमें जलीय योजन (Hydration) की स्थिति उत्पन्न होने के कारण प्रकट होता है। 3. लैटेराइट मृदा का विकास उच्च तापमान और अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन (Leaching) प्रक्रिया के फलस्वरूप होता है, जिसमें सिलिका का निक्षालन हो जाता है और लोहे तथा एल्युमिनियम के ऑक्साइड शेष बच जाते हैं, जिससे यह मिट्टी नाइट्रोजन और पोटाश से भरपूर होती है और कृषि के लिए अत्यधिक उपजाऊ होती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार काली मृदा (Black Soil) में 'स्वतः जुताई' (Self-ploughing) का विशेष गुण पाया जाता है, क्योंकि गीली होने पर यह चिपचिपी और फूल जाती है तथा सूखने पर इसमें गहरी चौड़ी दरारें पड़ जाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.