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Indian Polity
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पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कितना आरक्षण अनिवार्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
73वें संशोधन के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई (33 प्रतिशत) सीटें आरक्षित हैं।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत केंद्र-राज्य विधायी संबंधों और अंतर-राज्यीय परिषद् (Inter-State Council) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 263 के तहत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि यदि किसी समय लोक हित में यह प्रतीत हो कि ऐसी परिषद की स्थापना से जनहित साधित होगा, तो वह अंतर-राज्यीय परिषद की स्थापना कर सकता है और इस परिषद का मुख्य कार्य राज्यों के बीच विवादों की जांच करना और उन पर सलाह देना है, जिसमें न्यायीय निर्णय (Adjudication) देने की शक्ति भी शामिल है।
2. सरकारी आयोग (Sarkaria Commission - 1983) ने अपनी संस्तुति में यह सिफारिश की थी कि अनुच्छेद 263 के अंतर्गत स्थापित होने वाली अंतर-राज्यीय परिषद एक स्थायी निकाय (Permanent body) होनी चाहिए और इसका नाम 'अंतर-सरकार परिषद' (Inter-Governmental Council) होना चाहिए।
3. अनुच्छेद 249 के अनुसार, यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में शामिल किसी विषय पर विधि बनाए, तो संसद संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर कानून बना सकती है और ऐसा संकल्प अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए प्रवर्तन में रहता है।
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भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) की संरचना, नियुक्ति प्रक्रिया और चुनाव सुधारों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मूल संविधान के अनुच्छेद 324 के अंतर्गत निर्वाचन आयोग को केवल एक 'एकल-सदस्यीय' निकाय के रूप में उपबंधित किया गया था, जिसमें केवल मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) होते थे, किंतु 1989 में पहली बार राष्ट्रपति द्वारा इसे बहु-सदस्यीय निकाय बनाया गया, और वर्तमान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त तथा अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक चयन समिति की सिफारिश पर की जाती है।
2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की शक्तियां, वेतन और भत्ते सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान होते हैं, किंतु यदि मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों के बीच किसी मतभेद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो अंतिम निर्णय मुख्य निर्वाचन आयुक्त की व्यक्तिगत विवेकीय शक्ति के आधार पर लिया जाता है, न कि बहुमत के आधार पर।
3. चुनाव सुधारों के संदर्भ में 'बोहरा समिति' (1993) ने राजनीति के अपराधीकरण (Criminalisation of Politics) की समस्या की गहराई से जाँच की थी और अपराधियों, राजनेताओं तथा नौकरशाहों के बीच सांठगांठ को तोड़ने के लिए संस्थागत तंत्र स्थापित करने की महत्वपूर्ण सिफारिश की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारत के प्रथम मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice) कौन थे?
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लोकसभा अध्यक्ष अपना इस्तीफा किसको देता है?
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भारतीय संविधान के चतुर्थ भाग के अंतर्गत वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP - अनुच्छेद 36-51) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 39(b) और 39(c) के अंतर्गत निहित नीति निर्देशक सिद्धांतों को प्रभावी बनाने के लिए यदि संसद या राज्य विधानमंडल द्वारा कोई विधि बनाई जाती है और वह विधि अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों का उल्लंघन करती है, तो उसे इस आधार पर शून्य घोषित नहीं किया जाएगा कि वह उक्त मूल अधिकारों का असंगत है (अनुच्छेद 31C)।
2. अनुच्छेद 44 के तहत राज्य पूरे भारत के राज्यक्षेत्र में नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) को सुरक्षित करने का प्रयास करेगा, और यह सिद्धांत प्रकृति से न्यायोचित (Justiciable) है, जिसका अर्थ है कि इसे लागू कराने के लिए सीधे उच्चतम न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की जा सकती है।
3. संविधान (बयालीसवां संशोधन) अधिनियम, 1976 द्वारा नीति निर्देशक तत्वों में कुछ नए निर्देश जोड़े गए, जिनमें बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए अवसरों को सुरक्षित करना (अनुच्छेद 39), समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता (अनुच्छेद 39A), तथा उद्योगों के प्रबंधन में कामगारों की भागीदारी (अनुच्छेद 43A) शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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