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Indian Polity
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वर्तमान में भारत में कुल कितने उच्च न्यायालय (High Courts) हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वर्तमान में भारत में कुल 25 उच्च न्यायालय हैं।
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अबीजी (अबीजी/अनावृतबीजी) पादप जिसमें संवहन ऊतक पाया जाता है?
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भारत के महान्यायवादी (Attorney General) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. महान्यायवादी को भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है तथा वह संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही में बोल सकता है और भाग ले सकता है, किंतु उसे संसद के संयुक्त अधिवेशन में मत देने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
2. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) को राष्ट्रपति द्वारा उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि महान्यायवादी राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है।
3. सीएजी (CAG) अपनी रिपोर्ट सीधे संसद में प्रस्तुत नहीं करता है, बल्कि वह अपनी लेखा-परीक्षा रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपता है, जिसे राष्ट्रपति द्वारा संसद के दोनों सदनों के पटल पर रखवाया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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प्रथम वित्त आयोग कब गठित हुआ?
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भारतीय संविधान में महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के अंतर्संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 38वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1975 द्वारा यह प्रावधान किया गया था कि राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) की उद्घोषणा की संस्वीकृति को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती है, किंतु बाद में 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया।
2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के माध्यम से अनुच्छेद 352 में यह संशोधन किया गया कि राष्ट्रपति संपूर्ण भारत या उसके किसी विशेष भाग में राष्ट्रीय आपातकाल लागू कर सकता है, तथा इसी संशोधन द्वारा आंतरिक अशांति (Internal Disturbance) शब्द को प्रतिस्थापित करके 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) जोड़ा गया था।
3. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 के द्वारा यह अनिवार्य कर दिया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल का निर्णय लिखित रूप में होना चाहिए, तथा संसद के दोनों सदनों द्वारा इस उद्घोषणा का अनुमोदन अब साधारण बहुमत के स्थान पर उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत (विशेष बहुमत) द्वारा किया जाना आवश्यक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति के निर्वाचन, प्रधानमंत्री की नियुक्ति और मंत्रिपरिषद की शक्तियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 66 के अनुसार उपराष्ट्रपति का निर्वाचन संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के सभी सदस्यों से मिलकर बनने वाले निर्वाचक गण द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है, जिसमें संसद के मनोनीत सदस्य भी भाग लेते हैं, किंतु राज्य विधानमंडलों के सदस्य इसमें भाग नहीं लेते हैं।
2. अनुच्छेद 75 के अंतर्गत प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर करता है, तथा संवैधानिक परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री या किसी अन्य मंत्री के लिए यह आवश्यक नहीं है कि नियुक्ति के समय वह संसद के किसी भी सदन का सदस्य हो, बशर्ते वह छह मास के भीतर संसद के किसी सदन का सदस्य बन जाए।
3. अनुच्छेद 78 के अनुसार प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य है कि वह मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय और देश के प्रशासन तथा विधान संबंधी प्रस्तावों की जानकारी राष्ट्रपति को दे, और यदि राष्ट्रपति ऐसी कोई सूचना माँगता है, तो उसे प्रदान करे; किंतु यदि मंत्रिपरिषद का कोई मंत्री व्यक्तिगत रूप से कोई निर्णय लेता है और प्रधानमंत्री उसे मंत्रिमंडल के समक्ष रखने से इंकार कर दे, तो राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद को बर्खास्त कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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