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निम्नलिखित में से कौन सा कथन जैन धर्म के संबंध में गलत है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन (a) गलत है, क्योंकि कल्पसूत्र की रचना भद्रबाहु ने की थी, लेकिन वह मगध के राजा उदयिन के काल में नहीं, बल्कि बहुत बाद में हुई थी।
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सुमेलित कीजिए: A-2 (विक्रमशिला-बिहार), B-1 (निजामुद्दीन औलिया दरगाह-दिल्ली), C-3 (चारमीनार-हैदराबाद), D-4 (फतेहपुर सीकरी-अकबर द्वारा)।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के तहत राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति (Pardoning Power) और 'अनुच्छेद 161' के तहत राज्यपाल की क्षमादान शक्ति के बीच तुलनात्मक प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति का दायरा उन मामलों तक विस्तारित है जहाँ सजा या दंड ऐसे कानून के विरुद्ध दिए गए अपराध के लिए हो जो संघ की कार्यकारी शक्ति के विस्तार क्षेत्र में आता है, जबकि राज्यपाल के पास मृत्युदंड (Death Sentence) को क्षما करने की वैधानिक शक्ति कभी नहीं होती है, भले ही संबंधित राज्य का कानून मृत्युदंड का प्रावधान करता हो।
2. न्यायालय द्वारा दी गई किसी भी सैन्य अदालत या कोर्ट-मार्शल (Court-martial) द्वारा दिए गए दंड या सजा के मामले में राष्ट्रपति को क्षमादान, प्रविलंबन या परिहार देने की अनन्य शक्ति प्राप्त है, जबकि राज्यपाल को कोर्ट-मार्शल के निर्णयों के विरुद्ध ऐसी कोई शक्ति प्राप्त नहीं है।
3. उच्चतम न्यायालय के निर्णयों के अनुसार, राष्ट्रपति और राज्यपाल दोनों की क्षमादान शक्तियों के प्रयोग की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) की जा सकती है, और यदि यह पाया जाता है कि निर्णय बिना किसी युक्तियुक्त आधार के, या राजनीतिक पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर, या प्रासंगिक तथ्यों को नजरअंदाज करके लिया गया है, तो न्यायालय उस आदेश को रद्द कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 371' (Article 371) के अंतर्गत विभिन्न राज्यों के लिए किए गए विशेष प्रावधानों और उनके उद्देश्यों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 371-A के तहत नागालैंड राज्य के संबंध में विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसके अनुसार संसद का कोई भी अधिनियम नागाओं के धार्मिक या सामाजिक प्रथाओं, नागा रूढ़िगत कानून और प्रथाओं, तथा रूढ़िगत कानून के अनुसार सिविल या आपराधिक न्याय के प्रशासन से संबंधित मामलों में तब तक लागू नहीं होगा जब तक कि नागालैंड राज्य की विधानसभा एक प्रस्ताव द्वारा ऐसा निर्णय न ले।
2. अनुच्छेद 371-D के तहत आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों के संबंध में केंद्रीय विश्वविद्यालयों की स्थापना और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश तथा राज्य सरकार के सेवाओं में स्थानीय कैडर के आरक्षण के लिए विशेष निर्देश देने की शक्ति राष्ट्रपति में निहित की गई है।
3. अनुच्छेद 371-F के अंतर्गत सिक्किम राज्य के संबंध में यह विशेष प्रावधान किया गया है कि सिक्किम के मूल निवासियों (लेप्चा, भूटिया आदि) के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए राज्यपाल के पास कानून और व्यवस्था के रखरखाव के संबंध में अंतिम और विशेष उत्तरदायित्व है, जिसके लिए वह मंत्रिपरिषद की सलाह से स्वतंत्र होकर कार्य कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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इब्न बतूता को मुहम्मद बिन तुगलक ने अपना राजदूत बनाकर कहाँ भेजा था?
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भारतीय संविधान के भाग XIV के अंतर्गत 'अखिल भारतीय सेवाओं' (All India Services) और लोक सेवाओं के संवैधानिक प्रावधानों एवं नियंत्रण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 312 के अधीन, यदि राज्यसभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई बहुमत से यह संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में ऐसा करना आवश्यक है, तो संसद विधि द्वारा अखिल भारतीय सेवा (AIS) का सृजन कर सकती है और ऐसी सेवा के सदस्यों के लिए सेवा की शर्तें निर्धारित करने का पूर्ण अधिकार केवल संसद को ही होता है, राज्य विधानमंडलों को नहीं।
2. भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के विपरीत, 'भारतीय प्रशासनिक सेवा' (IAS) को संविधान सभा द्वारा सीधे अनुच्छेद 312 के अंतर्गत एक नई अखिल भारतीय सेवा के रूप में सृजित नहीं किया गया था, बल्कि इसे संविधान के प्रारंभ होने से ठीक पूर्व मौजूद 'इम्पीरियल सिविल सर्विस' (ICS) के स्थान पर संविधान के अनुच्छेद 312 और संक्रमणकालीन उपबंधों के तहत वैधानिक मान्यता दी गई थी।
3. अखिल भारतीय सेवाओं के किसी भी सदस्य को, चाहे वह किसी राज्य में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर तैनात हो, उसकी सेवा से बर्खास्त या पदच्युत करने की शक्ति केवल राष्ट्रपति में निहित होती है, और राज्य सरकारें अपनी अनुशासनात्मक शक्तियों के तहत केवल निलंबित (Suspend) कर सकती हैं, सेवा से बर्खास्त नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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