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स्वराज पार्टी की स्थापना किसने की थी?
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✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
स्वराज पार्टी की स्थापना 1923 में सी.आर. दास और मोतीलाल नेहरू ने की थी।
Related Questions
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भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम' (NCAP) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा वर्ष 2019 में शुरू किया गया राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) देश का पहला राष्ट्रव्यापी ऐसा प्रयास है, जिसका उद्देश्य वर्ष 2024 तक देश के 102 गैर-प्राप्ति वाले शहरों (Non-attainment cities) में पार्टिकुलेट मैटर (PM10 और PM2.5) सांद्रता में 20% से 30% तक की कमी लाना था, जिसे बाद में संशोधित करके वर्ष 2026 तक 40% तक की कमी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
2. इस कार्यक्रम के तहत 'गैर-प्राप्ति वाले शहर' वे शहर हैं जो पिछले पांच वर्षों के दौरान राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) का लगातार उल्लंघन करते रहे हैं, तथा इन शहरों के लिए विस्तृत शहर-विशेष कार्य योजनाएं (City Action Plans) तैयार की जाती हैं।
3. NCAP के अंतर्गत वित्त पोषण पूरी तरह से केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) के रूप में किया जाता है, जिसमें राज्यों या स्थानीय शहरी निकायों (ULBs) का कोई वित्तीय अंशदान शामिल नहीं होता है, और इसके लिए धन का आवंटन पूरी तरह से वित्त आयोग की अनुदान सिफारिशों पर निर्भर करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण के संदर्भ में, 'हरित आवरण' (Green Cover), 'कार्बन सिंक' (Carbon Sinks) तथा इससे संबंधित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहलों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भारत की राष्ट्रीय वन नीति, 1988 के अनुसार देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का न्यूनतम एक-तिहाई (33 प्रतिशत) भाग वनों और वृक्षों के आवरण के अंतर्गत होना अनिवार्य है, जिसमें पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों के लिए यह लक्ष्य 60 प्रतिशत निर्धारित किया गया है ताकि पारिस्थितिक स्थिरता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके।
2. भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) द्वारा द्विवार्षिक रूप से प्रकाशित होने वाली 'भारत की वन स्थिति रिपोर्ट' (ISFR) के अनुसार, 'वन आवरण' (Forest Cover) के अंतर्गत एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल की ऐसी सभी भूमि शामिल की जाती है जिसका वृक्ष घनत्व 10 प्रतिशत से अधिक हो, भले ही उस भूमि का विधिक स्वरूप (Legal Status) कुछ भी हो और वह निजी या सरकारी स्वामित्व के अधीन हो।
3. पेरिस समझौते (Paris Agreement) के तहत भारत की राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित अंशदान (NDC) प्रतिबद्धताओं में वर्ष 2030 तक अतिरिक्त ढाई से तीन अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर एक अतिरिक्त कार्बन सिंक (Additional Carbon Sink) का सृजन करना शामिल है, जिसे प्राप्त करने का मुख्य दायित्व केवल और केवल सरकारी रिजर्व फॉरेस्ट और राष्ट्रीय उद्यानों के विस्तार पर निर्भर करता है, जिसमें निजी भूमि या कृषि वानिकी की कोई भूमिका नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संसद की विधायी प्रक्रिया के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 108' के अंतर्गत संसद के दोनों सदनों की 'संयुक्त बैठक' (Joint Sitting) के प्रावधानों और उसकी सीमाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राष्ट्रपति द्वारा संयुक्त बैठक बुलाए जाने का निर्णय किसी साधारण विधेयक या वित्तीय विधेयक (श्रेणी-I) के संबंध में तब लिया जा सकता है जब विधेयक को दूसरे सदन द्वारा अस्वीकार कर दिया गया हो या विधेयक में किए जाने वाले संशोधनों पर दोनों सदन अंतिम रूप से असहमत हो गए हों।
2. संविधान के अनुसार, 'धन विधेयक' (Money Bill) और 'संविधान संशोधन विधेयक' (Constitutional Amendment Bill) के मामलों में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुलाने का कोई प्रावधान नहीं है।
3. संयुक्त बैठक की अध्यक्षता अनिवार्य रूप से लोकसभा अध्यक्ष द्वारा की जाती है, और यदि लोकसभा अध्यक्ष अनुपस्थित हैं, तो लोकसभा का उपाध्यक्ष इसकी अध्यक्षता करता है, किंतु दोनों के अनुपस्थित होने पर राज्यसभा के सभापति (उपराष्ट्रपति) को संयुक्त बैठक की अध्यक्षता करने का पूर्ण अधिकार होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 161' के अंतर्गत राज्यपाल की 'क्षमादान की शक्ति' (Pardoning Power) तथा इससे संबंधित न्यायिक निर्णयों और प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत राज्य के राज्यपाल को उस विषय से संबंधित, जिस पर राज्य की कार्यकारी शक्ति का विस्तार है, किसी विधि के विरुद्ध किसी अपराध के लिए दोषी ठहराए गए किसी व्यक्ति के दंड को क्षमा, प्रविलंबन, विराम या परिहार करने अथवा दंडादेश का निलंबन, परिहार या लघुकरण करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु राज्यपाल को किसी भी परिस्थिति में मृत्युदंड (Death Sentence) को माफ करने की शक्ति प्राप्त नहीं है।
2. 'हरगोविन्द पंत बनाम रघुकुल तिलक (1979)' और अन्य मामलों में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि राज्यपाल का पद केंद्र सरकार के अधीन एक अधीनस्थ या रोजगार का कार्यालय नहीं है, बल्कि यह एक स्वतंत्र संवैधानिक कार्यालय है, और राज्य का राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह के बिना अपने वैयक्तिक स्वविवेक से अनुच्छेद 161 के अंतर्गत क्षमादान की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है।
3. 'श्रीसंत बनाम केरल राज्य' तथा 'मारु राम बनाम भारत संघ' जैसे मामलों के परिप्रेक्ष्य में सर्वोच्च न्यायालय ने यह व्यवस्था दी है कि यद्यपि राज्यपाल की क्षमादान की शक्ति एक संवैधानिक विशेषाधिकार है, किंतु इस शक्ति का प्रयोग मनमाने ढंग से, दुर्भावनापूर्ण तरीके से या राजनीतिक कारणों से नहीं किया जा सकता है, और यह न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) के दायरे के अंतर्गत आती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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किस चीनी यात्री ने हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत की यात्रा की थी?
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