BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Civil services
10 views

भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 'करो या मरो' (Do or Die) का नारा किसने दिया था?

Detailed Explanation

यह प्रसिद्ध नारा महात्मा गांधी ने भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान दिया था।
Share:

Related Questions

भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत' (Continental Drift Theory) और 'समुद्र तल विस्तारण' (Sea Floor Spreading) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अल्फ्रेड वेगनर द्वारा प्रतिपादित महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत के अनुसार, पंजिया (Pangaea) नामक एक विशाल महाद्वीप का विभाजन कार्बोनिफेरस युग में शुरू हुआ था, और वेगनर ने महाद्वीपों के विस्थापन के लिए 'पोलर फेंट्रीफ्यूगल बल' (Pole-fleeing force) और ज्वारभाटकीय बलों को मुख्य कारक माना था। 2. हैरी हेस द्वारा प्रस्तुत 'समुद्र तल विस्तारण' सिद्धांत के अनुसार, महासागरीय कटकों (Mid-oceanic ridges) के सहारे लगातार ज्वालामुखी उद्गार से नई महासागरीय पपड़ी का निर्माण होता है, तथा महासागरीय पर्पटी की आयु महासागरीय कटकों से जितनी दूर होती जाती है, उतनी ही कम (नवीन) होती जाती है। 3. पुराचुंबकत्व (Paleomagnetism) के अध्ययन से यह प्रमाणित हुआ है कि महासागरीय कटकों के दोनों ओर चट्टानों में चुंबकीय पट्टियाँ (Magnetic stripes) सममित (Symmetrical) रूप से व्यवस्थित होती हैं, जो पृथ्वी के भू-चुंबकीय ध्रुवों के उत्क्रमण (Reversal) का ऐतिहासिक रिकॉर्ड प्रदान करती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' के अंतर्गत 'राष्ट्रपति शासन' (President's Rule) के उद्घोषणा और उसके न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, और एक बार अनुमोदित होने के बाद यह अधिकतम तीन वर्ष की अवधि तक प्रचालन में रह सकता है, बशर्ते हर छह महीने में संसद का अनुमोदन प्राप्त किया जाता रहे। 2. ऐतिहासिक 'एस.आर. बोम्मय बनाम भारत संघ (1994)' मामले में सर्वोच्च न्यायालय के नौ-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह स्पष्ट किया था कि राष्ट्रपति शासन लगाने की संतुष्टि न्यायोचित (Justiciable) है, और यदि उद्घोषणा दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है या अप्रासंगिक आधारों पर आधारित है, तो न्यायालय उस उद्घोषणा को असंवैधानिक घोषित कर सकता है। 3. अनुच्छेद 356 के तहत जब किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया जाता है, तो राष्ट्रपति उस राज्य की सरकार के सभी या कुछ कृतियों और राज्य के किसी निकाय या प्राधिकारी (उच्च न्यायालय को छोड़कर) की शक्तियों को अपने हाथ में ले सकता है, और यह घोषणा कर सकता है कि राज्य विधानमंडल की शक्तियां संसद के प्राधिकार के अधीन होंगी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 20' और 'अनुच्छेद 21' के अंतर्गत प्रदत्त मूल अधिकारों तथा आपातकाल के दौरान इनके संरक्षण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान का अनुच्छेद 20 अपराधों के लिए दोषसिद्धि के संबंध में संरक्षण प्रदान करता है, जिसके तहत किसी भी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए एक से अधिक बार अभियोजित और दंडित नहीं किया जा सकता (दोहरा दंड या Double Jeopardy), तथा यह अधिकार केवल पूर्वोत्तर राज्यों के निवासियों को छोड़कर सभी नागरिकों पर लागू होता है। 2. 'ए.डी.एम. जबलपुर बनाम शिवकांत शुक्ल' (1976) के ऐतिहासिक मामले में उच्चतम न्यायालय की संविधान पीठ ने यह बहुमत निर्णय दिया था कि राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का प्रवर्तन भी निलंबित किया जा सकता है, जिसे बाद में '44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978' द्वारा पलट दिया गया। 3. अनुच्छेद 21 के दायरे में न केवल 'दैहिक स्वतंत्रता' शामिल है, बल्कि उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के अनुसार इसमें त्वरित विचारण का अधिकार, मुफ्त कानूनी सहायता का अधिकार, और स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार भी अंतर्निहित रूप से शामिल है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय हरित अधिकरण' (National Green Tribunal - NGT) और पर्यावरण न्यायशास्त्र से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के अंतर्गत की गई थी, जो पर्यावरण संरक्षण, वनों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से संबंधित कानूनी अधिकारों के प्रभावी और त्वरित प्रवर्तन के लिए एक समर्पित वैधानिक निकाय है। 2. NGT को सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 के तहत निर्धारित सिविल न्यायालय की प्रक्रिया का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है, और यह 'प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत' (Principles of Natural Justice) से बंधा नहीं है। 3. NGT अधिनियम के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले किसी भी पर्यावरण से संबंधित विवाद या अपील को आवेदन दाखिल करने की तिथि से अधिकतम 6 महीने की अवधि के भीतर अंतिम रूप से निपटाया जाना चाहिए। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय इतिहास और मध्यकालीन प्रशासन के संदर्भ में, दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक सुधारों और 'दीवान-ए-कोही' (Diwan-i-Kohi) विभाग के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'दीवान-ए-कोही' की स्थापना तुगलक वंश के सुल्तान मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सुधार करना और बंजर भूमि को उपजाऊ बनाकर खेती के अंतर्गत लाना था। 2. इस विभाग के अंतर्गत सरकार द्वारा किसानों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता (तकावी ऋण या सौंदड़) प्रदान की जाती थी ताकि वे बीज, बैल और कृषि उपकरण खरीद सकें। 3. यह कृषि योजना अपने शुरुआती दौर में पूरी तरह सफल रही और इससे राज्य के राजस्व में भारी वृद्धि हुई, जिससे मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलतगढ़ स्थानांतरित करने का निर्णय वापस ले लिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.