त्वरित लिंक्स
Civil services
8 views
रॉलेट एक्ट के विरोध में राष्ट्रव्यापी सत्याग्रह किसने शुरू किया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गांधीजी ने 1919 में रॉलेट एक्ट के विरुद्ध सत्याग्रह शुरू किया था।
Related Questions
→
क्या नरम दल के नेता ब्रिटिश शासन के पूर्ण बहिष्कार के समर्थक थे?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' के अंतर्गत 'संघ और राज्यों के अधीन सेवाएँ' (Services under the Union and the States - अनुच्छेद 308 से 323) तथा लोक सेवा आयोगों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 315 के अनुसार संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) का गठन किया जाएगा, तथा दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद विधि द्वारा उन राज्यों के लिए एक 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JPSC) का गठन कर सकती है, जो एक सांविधिक निकाय (Statutory Body) है।
2. संघ लोक सेवा आयोग या संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, जबकि राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें उनके पद से हटाने का अधिकार केवल राष्ट्रपति के पास होता है, राज्यपाल के पास नहीं।
3. संविधान के अनुच्छेद 316 के अनुसार लोक सेवा आयोग का कोई भी सदस्य अपने कार्यकाल की समाप्ति के पश्चात उसी आयोग के अध्यक्ष पद पर या किसी अन्य लोक सेवा आयोग (संघ या राज्य) के अध्यक्ष पद पर पुनर्नियुक्ति का पात्र होता है, किंतु वह भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य रोजगार (Employment) को प्राप्त करने के लिए पूर्णतः अपात्र हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' के अंतर्गत 'आपात उपबंध' (Emergency Provisions - Articles 352-360) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा संपूर्ण भारत या उसके किसी भाग के लिए की जा सकती है, तथा मूल संविधान में 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द का प्रयोग किया गया था, जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) से प्रतिस्थापित कर दिया गया।
2. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा का अनुमोदन संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी घोषणा की तारीख से एक महीने के भीतर विशेष बहुमत (अर्थात कुल सदस्य संख्या का बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत) द्वारा किया जाना अनिवार्य है।
3. अनुच्छेद 358 के अंतर्गत राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा के समय स्वतः ही संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह मूल अधिकार निलंबित हो जाते हैं, किंतु अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग IX-A' (नगरपालिकाएँ - अनुच्छेद 243-P से 243-ZG) तथा '74वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992' के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 74वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से संविधान में 'बारहवीं अनुसूची' जोड़ी गई, जिसमें नगरपालिकाओं की शक्तियों, प्राधिकार और उत्तरदायित्वों से संबंधित कुल 18 कार्यात्मक विषयों (Functional Items) का उल्लेख किया गया है।
2. इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक राज्य में तीन प्रकार की नगरपालिकाओं—नगर पंचायत (ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों में परिवर्तित होने वाले क्षेत्रों के लिए), नगर परिषद (छोटे नगरीय क्षेत्रों के लिए), और नगर निगम (बड़े नगरीय क्षेत्रों के लिए)—का गठन किया जाना अनिवार्य है।
3. संविधान के अनुच्छेद 243-S के अनुसार प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्र में वार्ड समितियों (Wards Committees) का गठन किया जाना अनिवार्य है, और यह प्रावधान उन सभी राज्यों पर समान रूप से लागू होता है जिनकी कुल जनसंख्या तीन लाख या उससे अधिक है, जिसमें राज्य विधानमंडल को छूट देने का कोई अधिकार नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
→
भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 32' के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय की रिट अधिकारिता (Writ Jurisdiction) और 'सार्वजनिक हित याचिका' (PIL) के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत केवल मूल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए ही रिट जारी की जा सकती है, और इस अनुच्छेद को संविधान का 'हृदय और आत्मा' कहा गया है, जिसे राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति के आदेश द्वारा भी निलंबित किया जा सकता है।
2. 'लोकू एंड इंटरेस्ट लिटिगेशन' या सार्वजनिक हित याचिका (PIL) की अवधारणा को भारतीय न्यायशास्त्र में न्यायमूर्ति पी. एन. भगवती और न्यायमूर्ति वी. आर. कृष्णा अय्यर द्वारा 1980 के दशक की शुरुआत में स्थापित किया गया था, जिसके तहत 'लोकस स्टैंडी' (Locus Standi) के पारंपरिक नियम को शिथिल किया गया।
3. अधिकार पृच्छा (Quo-Warranto) वह रिट है जो किसी सार्वजनिक पद पर अवैध रूप से कब्जा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ जारी की जाती है, और इस रिट को प्राप्त करने के लिए याचिकाकर्ता के लिए यह साबित करना अनिवार्य होता है कि उस अवैध नियुक्ति से उसके स्वयं के किसी व्यक्तिगत विधिक अधिकार का सीधा हनन हुआ है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.