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तारों के विभिन्न समूहों के द्वारा बनाई गई विविध आकृतियाँ क्या कहलाती हैं?
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Detailed Explanation
तारों के विभिन्न समूहों द्वारा बनाई गई आकृतियाँ 'नक्षत्रमंडल' कहलाती हैं।
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भारतीय अर्थव्यवस्था और सतत विकास के संदर्भ में, 'संधारणीय विकास लक्ष्यों' (SDGs - Sustainable Development Goals) और नीति आयोग द्वारा जारी 'भारत एसडीजी सूचकांक और डैशबोर्ड' (India SDG Index and Dashboard) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संयुक्त राष्ट्र के 2030 एजेंडा के तहत अपनाए गए 17 संधारणीय विकास लक्ष्यों (SDGs) को कानूनी रूप से सभी सदस्य राष्ट्रों के लिए बाध्यकारी बनाया गया है, जिसके तहत प्रत्येक देश को निर्धारित समयसीमा में अपने लक्ष्य पूरे न करने पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है।
2. नीति आयोग द्वारा जारी 'एसडीजी भारत सूचकांक' (SDG India Index) देश के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मापदंडों पर प्रगति का आकलन करता है, जिसमें शून्य से सौ तक का स्कोर दिया जाता है और 100 का स्कोर प्राप्त करने वाले राज्य को 'लक्ष्य प्राप्तकर्ता' (Achiever) श्रेणी में रखा जाता है।
3. वर्ष 2023-24 के नवीनतम एसडीजी इंडिया सूचकांक के अनुसार, भारत ने 'लैंगिक समानता' (SDG 5) और 'भूख की समाप्ति' (SDG 2) जैसे क्षेत्रों में ऐतिहासिक रूप से शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया है और देश का समग्र राष्ट्रीय स्कोर भी सुधरा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग III' के अंतर्गत 'मूल अधिकार' (Fundamental Rights - Articles 12-35) और न्यायिक समीक्षा से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 13(2) के अनुसार राज्य कोई ऐसी विधि नहीं बनाएगा जो भाग III द्वारा प्रदत्त अधिकारों को छीनती है या न्यून करती है, और इस प्रकार की बनाई गई प्रत्येक विधि उल्लंघन की मात्रा तक शून्य (Void) होगी, तथा इसके अंतर्गत 'विधि' (Law) शब्द में संसद या राज्य विधानमंडलों द्वारा बनाए गए अधिनियमों के अलावा अध्यादेश, आदेश, उप-विधि, नियम और रूढ़ि या प्रथा (Custom) भी शामिल हैं।
2. 'केशवानंद भारती वाद (1973)' में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि संसद को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन करने की असीमित शक्ति प्राप्त है, जिसके अंतर्गत वह मूल अधिकारों को भी पूर्णतः समाप्त कर सकती है क्योंकि संविधान संशोधन अनुच्छेद 13 के अर्थ के अंतर्गत 'विधि' (Law) की परिभाषा में शामिल नहीं होता है।
3. अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय जाने का अधिकार स्वयं में एक मूल अधिकार है, और सर्वोच्च न्यायालय को बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus), परमादेश (Mandamus), प्रतिषेध (Prohibition), अधिकार-पृच्छा (Quo-Warranto) और उत्प्रेषण (Certiorari) नामक पाँच प्रकार की रिट जारी करने की शक्ति प्राप्त है, जबकि उच्च न्यायालयों को अनुच्छेद 226 के तहत केवल बंदी प्रत्यक्षीकरण और परमादेश रिट जारी करने की ही शक्ति है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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कैबिनेट मिशन (1946) का मुख्य उद्देश्य क्या था?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, 'भूकंपीय तरंगों' (Seismic Waves) के संचरण, छाया क्षेत्रों (Shadow Zones) तथा पृथ्वी के आंतरिक भाग के घनत्व और अवस्था के निर्धारण में उनकी भूमिका के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्राथमिक तरंगें (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं जो ध्वनि तरंगों के समान चट्टानों में संपीड़न (Compression) और विरलन (Rarefaction) पैदा करती हैं, और ये ठोस, तरल तथा गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, हालांकि तरल माध्यम से गुजरने पर इनका अपवर्तन (Refraction) होता है।
2. द्वितीयक तरंगें (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं जो प्रकाश तरंगों के समान माध्यम के कणों के संचरण की दिशा के समकोण पर कंपन करती हैं, और ये केवल ठोस पदार्थों के माध्यम से ही गमन कर सकती हैं तथा तरल या पिघले हुए बाह्य क्रोड (Outer Core) में प्रवेश करते ही पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं।
3. भूकंपीय तरंगों के अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि पृथ्वी का आंतरिक कोर (Inner Core) अत्यधिक तापमान के कारण तरल अवस्था में है, जबकि बाह्य कोर (Outer Core) अत्यधिक दबाव के कारण ठोस लोहे और निकेल से बनी एक कठोर अवस्था में स्थित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग V' (संघ - अनुच्छेद 52 से 151) के अंतर्गत 'भारत के महान्यायवादी' (Attorney General for India - AG) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार, भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है, और वह व्यक्ति इस पद पर नियुक्त होने के लिए अर्ह होगा जो उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त होने के लिए योग्य हो, अथवा राष्ट्रपति की दृष्टि में एक प्रख्यात विधिवेत्ता हो।
2. महान्यायवादी को भारत के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है, तथा संसद के दोनों सदनों या उनकी संयुक्त बैठकों में बोलने और भाग लेने का अधिकार भी है, किंतु उसे संसद में किसी भी प्रश्न पर मतदान करने का अधिकार प्राप्त नहीं होता है।
3. महान्यायवादी भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार होता है, और वह एक पूर्णकालिक (Full-time) सरकारी कर्मचारी होता है, जिसके लिए यह सांविधिक रूप से अनिवार्य किया गया है कि वह अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी निजी मुकदमे या प्रैक्टिस में वकालत नहीं कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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