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भारत की तटरेखा की कुल लंबाई (मुख्य भूमि और द्वीपों सहित) कितनी है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारत की मुख्य भूमि और द्वीपों (अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप) को मिलाकर कुल तटरेखा की लंबाई लगभग 7,516.6 किमी है।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (केंद्र-राज्य विधायी संबंध - अनुच्छेद 245 से 255) के अंतर्गत प्रदत्त प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार संसद को भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने की शक्ति प्राप्त है, और किसी राज्य के विधानमंडल को उस राज्य के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने की शक्ति है, किंतु संसद द्वारा बनाई गई कोई भी विधि इस आधार पर अमान्य (Void) नहीं समझी जाएगी कि उसका बहिरादेशीय प्रवर्तन (Extraterritorial operation) होता है।
2. संविधान के अनुच्छेद 249 के अनुसार यदि राज्य सभा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम से कम दो-तिहाई (2/3) बहुमत से यह संकल्प पारित कर दे कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या expedient है कि संसद राज्य सूची में प्रयुक्त किसी विषय पर विधि बनाए, तो संसद को पूरे भारत या उसके किसी भाग के लिए उस विषय पर कानून बनाने की शक्ति मिल जाती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम दो वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
3. संविधान के अनुच्छेद 252 के अंतर्गत यदि दो या अधिक राज्यों के विधानमंडल यह संकल्प पारित करते हैं कि उन राज्यों में राज्य सूची के विषयों में से किसी विषय के संबंध में संसद को विधि बनाने की शक्ति है, तो उस विषय पर संसद द्वारा बनाई गई विधि केवल उन्हीं राज्यों पर लागू होगी जिन्होंने ऐसा संकल्प पारित किया है या जिन्होंने बाद में इसे अंगीकार किया है, तथा ऐसे अधिनियम को संशोधित या निरूपित करने की शक्ति केवल संबंधित राज्य विधानमंडल के पास होती है, संसद के पास नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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कनाडा में अंतर्राष्ट्रीय भुगतान लाइसेंस प्राप्त करने वाली पहली भारतीय Cross-border Payments Company कौन-सी बनी है?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVI' के अंतर्गत 'कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध' (Special Provisions Relating to Certain Classes - Articles 330-342A) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 330 और 332 के अनुसार लोकसभा तथा राज्यों की विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों (SCs) और अनुसूचित जनजातियों (STs) के लिए सीटों का आरक्षण उनकी जनसंख्या के अनुपात के आधार पर किया जाता है, तथा मूल संविधान में यह प्रावधान किया गया था कि यह आरक्षण संविधान के प्रारंभ होने के बाद पचास वर्षों की अवधि के बाद स्वतः समाप्त हो जाएगा।
2. 104वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2019 द्वारा लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए सीटों के आरक्षण की समय-सीमा को बढ़ाकर संविधान के लागू होने से अस्सी (80) वर्ष कर दिया गया है, किंतु इसके साथ ही इस संशोधन द्वारा आंग्ल-भारतीय (Anglo-Indian) समुदाय के सदस्यों के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में मनोनयन के विशेष प्रावधान को समाप्त कर दिया गया है।
3. अनुच्छेद 338A के अंतर्गत गठित 'राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग' (National Commission for Scheduled Tribes) को एक दीवानी न्यायालय (Civil Court) की शक्तियाँ प्राप्त होती हैं, और इस आयोग की वार्षिक रिपोर्ट को भारत के राष्ट्रपति द्वारा संसद के प्रत्येक सदन के पटल पर रखवाया जाता है, जिसके साथ उस रिपोर्ट पर की गई या जाने वाली कार्रवाई का एक ज्ञापन भी संलग्न होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण' (National Biodiversity Authority - NBA) और 'जैविक विविधता अधिनियम, 2002' के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जैविक विविधता अधिनियम, 2002 रियो डी जेनेरियो में आयोजित 'कन्वेंशन ऑन बायोलॉजिकल डायवर्सिटी' (CBD) के प्रति भारत की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए अधिनियमित किया गया था, और यह अधिनियम देश के जैविक संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ उनके उपयोग से होने वाले लाभों के न्यायसंगत और निष्पक्ष बंटवारे (ABS) का प्रावधान करता है।
2. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) एक सांविधिक (Statutory) और स्वायत्त निकाय है जिसकी स्थापना चेन्नई, तमिलनाडु में की गई है, और यह निकाय देश के जैविक संसाधनों तक पहुंच को विनियमित करने के लिए विदेशी नागरिकों, नि, निगमों या अनिवासी भारतीयों (NRIs) को छोड़कर केवल भारतीय नागरिकों को पूर्ण छूट प्रदान करता है, भले ही वे व्यावसायिक उपयोग के लिए संसाधनों का दोहन कर रहे हों।
3. इस त्रि-स्तरीय प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत राज्य स्तर पर 'राज्य जैव विविधता बोर्ड' (SBBs) और स्थानीय स्तर पर पंचायतों एवं नगर निकायों में 'जैविक विविधता प्रबंधन समितियाँ' (BMC) गठित की जाती हैं, जिनमें BMC का मुख्य कार्य देश के पारंपरिक ज्ञान (Traditional Knowledge) का दस्तावेजीकरण करना और 'लोक जैव विविधता रजिस्टर' (PBR) तैयार करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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किस फल को उसके उच्च एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण 'सुपरफूड' माना जाता है?
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