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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के 11 वर्ष पूरे हुए हैं, इसकी शुरुआत कब की गई थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को की गई थी।
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों کے अधीन सेवाएँ - अनुच्छेद 308 से 323) के अंतर्गत 'संघ लोक सेवा आयोग' (UPSC) तथा 'राज्य लोक सेवा आयोगों' (SPSC) के प्रावधानों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 315 के अनुसार संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग होगा, तथा दो या अधिक राज्य यह करार कर सकते हैं कि संसद विधि द्वारा ऐसे दो या अधिक राज्यों के लिए एक संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग (JSPSC) की स्थापना कर सकती है, जिसकी नियुक्ति संबंधित राज्यों के राज्यपालों की संयुक्त संस्तुति पर राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
2. संघ लोक सेवा आयोग या किसी राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या अन्य सदस्य को राष्ट्रपति द्वारा केवल साबित कदाचार (Misbehaviour) या असमर्थता के आधार पर उसके पद से हटाया जा सकता है, किंतु राष्ट्रपति द्वारा ऐसा आदेश तब तक नहीं दिया जा सकता जब तक कि उच्चतम न्यायालय द्वारा (अनुच्छेद 145 के अधीन इस प्रयोजन के लिए बनाए गए नियमों के तहत) की गई जाँच में यह प्रतिवेदित नहीं कर दिया जाता कि ऐसे अध्यक्ष या सदस्य को उस आधार पर हटाया जाना चाहिए।
3. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या किसी सदस्य की पदावधि उसके पद ग्रहण करने की तिथि से छह वर्ष की अवधि या पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त कर लेने तक (इनमें से जो भी पहले हो) होती है, और अपने पद की समाप्ति के पश्चात संघ लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन किसी भी प्रकार के अन्य नियोजन का पात्र नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय और विश्व भूगोल के संदर्भ में, पृथ्वी की आंतरिक संरचना (Interior of the Earth) तथा भूकंपीय तरंगों (Seismic Waves) के संचरण के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. भूकंपीय तरंगों में 'प्राथमिक तरंगें' (P-waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं जो ध्वनि तरंगों की भाँति ठोस, तरल और गैस—तीनों माध्यमों से गुजर सकती हैं, जबकि 'द्वितीयक तरंगें' (S-waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं और केवल ठोस माध्यमों से ही गुजर सकती हैं।
2. वैज्ञानिकों ने प्राथमिक और द्वितीयक तरंगों के वेग परिवर्तन और छाया क्षेत्रों (Shadow Zones) के अध्ययन के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि पृथ्वी का 'बाहरी क्रोड़' (Outer Core) तरल अवस्था में है, क्योंकि इस क्षेत्र में S-waves पूरी तरह से विलुप्त हो जाती हैं जबकि P-waves का मार्ग विवर्तित (Refract) होता है।
3. पृथ्वी की आंतरिक परतों के बीच पाई जाने वाली 'लेहमैन असंबद्धता' (Lehmann Discontinuity) क्रस्ट (Crust) और ऊपरी मेंटल (Upper Mantle) के बीच की सीमा का निर्धारण करती है, जहाँ भूकंपीय तरंगों की गति में अचानक तीव्र वृद्धि दर्ज की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XI' (संघ और राज्यों के बीच विधायी संबंध - अनुच्छेद 245 से 255) के अंतर्गत विधायी शक्तियों के वितरण तथा अवशिष्ट शक्तियों (Residuary Powers) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 245 के अनुसार संसद को भारत के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने की शक्ति प्राप्त है, तथा किसी राज्य के विधानमंडल को उस राज्य के संपूर्ण राज्यक्षेत्र या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने की शक्ति है, किंतु संसद द्वारा बनाई गई कोई भी विधि इस आधार पर अमान्य (Void) नहीं समझी जाएगी कि उसका बहिःक्षेत्रीय प्रवर्तन (Extraterritorial Operation) होता है।
2. संविधान की सातवीं अनुसूची में विधायी शक्तियों को तीन सूचियों (संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची) में विभाजित किया गया है, और 'अवशिष्ट शक्तियाँ' (वे विषय जो तीनों सूचियों में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं हैं) संविधान के अनुच्छेद 248 के तहत विशेष रूप से राज्यों के विधानमंडलों को प्रदान की गई हैं, जो अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई संविधान की पद्धति के अनुरूप है।
3. जब राज्यसभा अपने उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत द्वारा यह संकल्प पारित कर देती है कि राष्ट्रीय हित में यह आवश्यक या समीचीन है कि संसद को राज्य सूची में प्रगणित किसी भी विषय पर विधि बनानी चाहिए, तब संसद को उस विषय पर पूरे देश या उसके किसी भाग के लिए विधि बनाने की शक्ति प्राप्त हो जाती है, और ऐसा संकल्प अधिकतम एक वर्ष की अवधि के लिए प्रवृत्त रहता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XVIII' (आपात उपबंध - अनुच्छेद 352 से 360) के अंतर्गत 'राष्ट्रीय आपातकाल' (National Emergency) की घोषणा और उसके प्रभावों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 352 के अनुसार राष्ट्रपति पूरे भारत या उसके किसी भाग में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है, यदि युद्ध, बाह्य आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के कारण भारत की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो, और मूल संविधान में 'सशस्त्र विद्रोह' शब्द का ही प्रयोग किया गया था जिसे 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) से प्रतिस्थापित किया गया था।
2. राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर विशेष बहुमत (अर्थात सदन के कुल सदस्यों के बहुमत तथा उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के कम-से-कम दो-तिहाई बहुमत) द्वारा अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है।
3. जब राष्ट्रीय आपातकाल प्रवृत्त होता है, तब संविधान के अनुच्छेद 358 के अंतर्गत अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त छह मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, और अनुच्छेद 359 के तहत राष्ट्रपति को यह अधिकार प्राप्त होता है कि वह आदेश जारी करके भाग III द्वारा प्रदत्त अन्य मूल अधिकारों (अनुच्छेद 20 और 21 को छोड़कर) के प्रवर्तन के लिए किसी भी न्यायालय में जाने के अधिकार को निलंबित कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XX' के अंतर्गत 'संविधान संशोधन प्रक्रिया' (Article 368) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के संशोधन का आरंभ केवल संसद के किसी भी सदन में इस प्रयोजन के लिए विधेयक प्रस्तुत करके ही किया जा सकता है, न कि किसी राज्य विधानमंडल द्वारा, और इस विधेयक को संसद के प्रत्येक सदन द्वारा अलग-अलग विशेष बहुमत (अर्थात उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का कम से कम दो-तिहाई बहुमत तथा सदन की कुल कुल सदस्य संख्या का बहुमत) द्वारा पारित किया जाना अनिवार्य है।
2. संविधान के कुछ विशिष्ट प्रावधानों, जैसे कि राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया, केंद्र और राज्यों की कार्यकारी शक्तियों का विस्तार, या सातवीं अनुसूची की कोई सूची, में संशोधन के लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ कम से कम आधे राज्यों के विधानमंडलों द्वारा साधारण बहुमत से अनुसमर्थन (Ratification) प्राप्त होना भी आवश्यक है।
3. संविधान संशोधन विधेयक को संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किए जाने के बाद राष्ट्रपति की अनुमति के लिए प्रस्तुत किया जाता है, और राष्ट्रपति इस विधेयक पर अपनी अनुमति देने के लिए बाध्य है क्योंकि वह इस विधेयक पर न तो अपनी 'जेब वीटो' (Pocket Veto) शक्ति का प्रयोग कर सकता है और न ही इसे पुनर्विचार के लिए संसद को वापस लौटा सकता है, जिसे 24वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 द्वारा अनिवार्य बनाया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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