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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा FCRA 2.0 Portal लॉन्च किया गया, FCRA का पूर्ण रूप क्या है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
FCRA का पूर्ण रूप Foreign Contribution (Regulation) Act (विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम) है।
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'रामसर अभीसमय' (Ramsar Convention) और भारत में 'आर्द्रभूमियों' (Wetlands) के संरक्षण से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. रामसर अभीसमय, आर्द्रभूमियों के संरक्षण और उनके विवेकपूर्ण उपयोग (Wise Use) के लिए वर्ष 1971 में ईरान के रामसर शहर में हस्ताक्षरित एक अंतर-सरकारी संधि है, और भारत इस अभिसमय का एक पक्षकार देश है, जिसने इसे वर्ष 1982 में औपचारिक रूप से लागू किया था।
2. रामसर सूची में शामिल किसी आर्द्रभूमि को जब 'मॉन्ट्रेक्स रिकॉर्ड' (Montreux Record) के अंतर्गत दर्ज किया जाता है, तो इसका तात्पर्य यह होता है कि उस आर्द्रभूमि में मानवीय हस्तक्षेप, प्रदूषण या अन्य पर्यावरणीय कारणों से पारिस्थितिकीय स्वरूप में परिवर्तन हुआ है, हो रहा है या होने की संभावना है।
3. 'आर्द्रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2010' (Wetlands Rules) के प्रावधानों के अंतर्गत भारत में आर्द्रभूमियों के संरक्षण और नियमन का संपूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण और संवितरण प्रत्यक्ष रूप से केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) के पास होता है, और इसमें राज्य सरकारों या केंद्र शासित प्रदेशों की किसी भी प्रकार की वैधानिक भूमिका नहीं होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी एवं जैव विविधता के संदर्भ में, 'राष्ट्रीय उद्यान' (National Parks), 'वन्यजीव अभयारण्य' (Wildlife Sanctuaries) और 'संरक्षित आरक्षित क्षेत्र' (Conservation Reserves) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत किसी क्षेत्र को 'राष्ट्रीय उद्यान' के रूप में घोषित करने की शक्ति केवल राज्य सरकार के पास होती है, और एक बार राष्ट्रीय उद्यान घोषित हो जाने के बाद उस क्षेत्र में पशुओं को चराने या निजी स्वामित्व के अधिकारों की अनुमति पूरी तरह से प्रतिबंधित होती है, जबकि वन्यजीव अभयारण्यों में मुख्य वन्यजीव वार्डन की अनुमति से कुछ सीमित मानवीय अधिकारों की अनुमति दी जा सकती है।
2. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में वर्ष 2003 के संशोधन के माध्यम से 'संरक्षित आरक्षित क्षेत्रों' (Conservation Reserves) और 'सामुदायिक आरक्षित क्षेत्रों' (Community Reserves) की नई श्रेणियों को जोड़ा गया, जिसके तहत केंद्र सरकार राज्य सरकारों के परामर्श से किसी भी निजी या सामुदायिक भूमि को, जो राष्ट्रीय उद्यानों या अभयारण्यों को जोड़ती हो, 'संरक्षित आरक्षित क्षेत्र' के रूप में घोषित कर सकती है।
3. राष्ट्रीय उद्यानों की सीमाओं में परिवर्तन या उनका विघटन केवल संबंधित राज्य के विधानमंडल द्वारा साधारण बहुमत से एक प्रस्ताव पारित करके किया जा सकता है, जिसके लिए राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की पूर्व अनुमति प्राप्त करना आवश्यक नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XIV' (संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं - अनुच्छेद 308 से 323) के अंतर्गत 'लोक सेवा आयोगों' (Public Service Commissions) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 315 के अनुसार, संघ के लिए एक संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और प्रत्येक राज्य के लिए एक राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) का प्रावधान किया गया है, तथा दो या अधिक राज्यों के अनुरोध पर संसद विधि द्वारा उन राज्यों के लिए एक 'संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग' (JSPSC) का गठन कर सकती है, जिसके सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।
2. संघ लोक सेवा आयोग या संयुक्त राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या अन्य सदस्यों को उनके पद से हटाने की शक्ति राष्ट्रपति के पास होती है, परंतु राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के अध्यक्ष या सदस्यों को हटाने का अधिकार केवल संबंधित राज्य के राज्यपाल के पास होता है, क्योंकि वे राज्य की सेवा के अधिकारी होते हैं।
3. संविधान के अनुच्छेद 320 के अनुसार, लोक सेवा आयोगों का मुख्य कार्य सिविल सेवाओं में नियुक्तियों के लिए परीक्षाएं आयोजित करना है, तथा सरकार के लिए यह अनिवार्य है कि वह अखिल भारतीय सेवाओं और केंद्रीय सेवाओं से संबंधित सभी अनुशासनात्मक मामलों पर संघ लोक सेवा आयोग से परामर्श करे, और आयोग द्वारा दी गई सलाह सरकार पर हमेशा बाध्यकारी होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 75' के अंतर्गत मंत्रियों की नियुक्ति, उनकी उत्तरदायिता और 'सामूहिक उत्तरदायित्व' (Collective Responsibility) के सिद्धांत के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री की सलाह पर की जाती है, जिसमें यह संवैधानिक अनिवार्यता है कि मंत्रिपरिषद के सदस्यों की कुल संख्या (प्रधानमंत्री सहित) लोकसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
2. मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से लोकसभा के प्रति उत्तरदायी होती है, जिसका अर्थ यह है कि लोकसभा द्वारा मंत्रिपरिषद के विरुद्ध 'अविश्वास प्रस्ताव' (No-Confidence Motion) पारित किए जाने पर संपूर्ण मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना पड़ता है, भले ही कोई व्यक्तिगत मंत्री उस नीति से असहमत क्यों न रहा हो।
3. भारत के संविधान में 'मंत्रिमंडल' (Cabinet) शब्द का मूल रूप से अनुच्छेद 75 में स्पष्ट उल्लेख किया गया था, और यह मंत्रिपरिषद का एक बड़ा निकाय है जिसके सभी सदस्य कैबिनेट बैठकों में नियमित रूप से भाग लेते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'भाग XV' (निर्वाचन - अनुच्छेद 324 से 329A) तथा 'निर्वाचन आयोग' (Election Commission) के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार संसद, राज्य के विधानमंडलों, राष्ट्रपति और उप-राष्ट्रपति के पदों के निर्वाचनों के अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण की शक्ति निर्वाचन आयोग में निहित है, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त शामिल होते हैं, जिनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा संसद की एक उच्च-स्तरीय चयन समिति की संस्तुति के आधार पर की जाती है।
2. मुख्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर हटाया जा सकता है जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, जबकि अन्य निर्वाचन आयुक्तों या क्षेत्रीय आयुक्तों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सिफारिश के बिना राष्ट्रपति द्वारा उनके पद से नहीं हटाया जा सकता।
3. संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत चुनाव मामलों में न्यायालयों के हस्तक्षेप पर रोक (Bar to interference by courts in electoral matters) का प्रावधान किया गया है, जिसके अनुसार संसद या राज्य विधानमंडल के लिए निर्वाचन से संबंधित किसी भी कानून की वैधता को केवल नियमित चुनाव याचिका (Election Petition) के माध्यम से ही उच्च न्यायालय में चुनौती दी जा सकती है, और चुनाव प्रक्रिया के बीच में किसी भी न्यायालय द्वारा कोई अंतरिम आदेश या रोक नहीं लगाई जा सकती।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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