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विश्व क्षुद्रग्रह दिवस हर साल कब मनाया जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
विश्व क्षुद्रग्रह दिवस (World Asteroid Day) हर साल 30 जून को मनाया जाता है।
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भारत के राज्य सचिव (Secretary of State) के कार्य में सहायता हेतु कितनी सदस्यीय परिषद का गठन किया गया था?
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इब्न बतूता किस क्षेत्र/देश से भारत आया था?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 356' (राष्ट्रपति शासन) और 'राज्यपाल की भूमिका' से संबंधित ऐतिहासिक न्यायिक निर्णयों और प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत यदि राष्ट्रपति को किसी राज्य के राज्यपाल की रिपोर्ट या अन्य माध्यम से यह समाधान हो जाता है कि ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई है जिसमें राज्य का शासन संविधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चलाया जा सकता है, तो राष्ट्रपति उस राज्य के शासन के सभी या कोई कृत्य अपने हाथ में ले सकता है।
2. ऐतिहासिक 'एस.आर. बोम्मई बनाम भारत संघ (1994)' वाद में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया था कि राष्ट्रपति शासन की घोषणा का न्यायिक पुनरावलोकन (Judicial Review) किया जा सकता है, और यदि यह घोषणा दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है या अपर्याप्त आधारों पर आधारित है, तो न्यायालय भंग की गई विधानसभा को पुनर्जीवित कर सकता है।
3. अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा की गई उद्घोषणा को संसद के दोनों सदनों द्वारा उसकी जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर अनुमोदित किया जाना अनिवार्य है, और यदि एक बार संसद के दोनों सदनों द्वारा इसका अनुमोदन कर दिया जाए, तो यह उद्घोषणा अनिश्चित काल के लिए बिना किसी अधिकतम समय सीमा के लागू रह सकती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय राजव्यवस्था और संविधान के संदर्भ में, भारतीय संविधान के 'अनुच्छेद 72' के अंतर्गत 'राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति' (Pardoning Power) और उसकी न्यायिक समीक्षा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 72 के तहत राष्ट्रपति को सेना न्यायालय (Court Martial) द्वारा दिए गए दंड के मामलों में तथा ऐसे सभी मामलों में जहाँ दंड या दंडादेश किसी ऐसे विषय के संबंध में है जिस पर संघ की कार्यकारी शक्ति का विस्तार होता है, क्षमा, विलंब, विराम या परिहार करने की शक्ति प्राप्त है।
2. ऐतिहासिक 'इEुई एप्परन बनाम तमिलनाडु राज्य' (Epuru Sudhakar case, 2006) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्धारित किया था कि राष्ट्रपति और राज्यपालों द्वारा प्रदत्त क्षमादान शक्तियों की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है, यदि यह शक्ति दुर्भावनापूर्ण, मनमाने ढंग से, किसी अप्रासंगिक आधार पर या प्रासंगिक तथ्यों को नजरअंदाज करके प्रयोग की गई हो।
3. दया याचिका (Mercy Petition) पर निर्णय लेने के लिए राष्ट्रपति के पास कोई निश्चित समय-सीमा संविधान द्वारा निर्धारित नहीं की गई है, किंतु सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि यदि राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका के निपटान में अत्यधिक और अस्पष्टीकृत (Unexplained) देरी की जाती है, तो कैदी के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आधार पर मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय पर्यावरण, पारिस्थितिकी और जैव विविधता संरक्षण के संदर्भ में, भारत में 'राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड' (National Board for Wildlife - NBWL) तथा 'वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972' के विधिक एवं संस्थागत प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड' (NBWL) की स्थापना 'वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972' (वर्ष 2003 के संशोधनों के उपरांत) के अंतर्गत एक सांविधिक (Statutory) शीर्ष सलाहकार निकाय के रूप में की गई है, जिसकी अध्यक्षता पदेन रूप से केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री द्वारा की जाती है, और यह देश में वन्यजीवों तथा संरक्षित क्षेत्रों से जुड़ी नीतियों के निर्धारण के लिए उत्तरदायी है।
2. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के अनुसार, किसी भी राष्ट्रीय उद्यान (National Park) या वन्यजीव अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuary) की सीमाओं में परिवर्तन या उसके अंतर्गत किसी भी गैर-वानिकी गतिविधियों के लिए वाणिज्यिक उपयोग हेतु 'राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड' की स्थायी समिति (Standing Committee) की पूर्व अनुमति या संस्तुति लेना अनिवार्य है।
3. 'गोवा फाउंडेशन बनाम भारत संघ' और अन्य संबंधित न्यायिक मामलों में सर्वोच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि प्रत्येक संरक्षित क्षेत्र (Protected Area) के चारों ओर पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील जोन (Eco-Sensitive Zone - ESZ) का सीमांकन करना अनिवार्य है, जिसकी न्यूनतम चौड़ाई अधिनियम के तहत सभी राज्यों के लिए एकसमान रूप से कम से कम 10 किलोमीटर तय की गई है, जिसमें किसी भी प्रकार के छूट का कोई प्रावधान नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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