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Geography
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भारत में 'मानसूनी वर्षा' के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र 'वर्षा छाया क्षेत्र' (Rain Shadow Area) के अंतर्गत आता है?

Detailed Explanation

पश्चिमी घाट के पूर्वी ढाल पर नमी कम हो जाने के कारण इसे वृष्टि छाया या वर्षा छाया क्षेत्र कहा जाता है।
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भारत में सिंचाई पद्धतियों, कृषि पद्धतियों और प्रमुख फसलों के वितरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सूक्ष्म सिंचाई (Micro-irrigation) के अंतर्गत ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणालियों को शामिल किया जाता है, जो पारंपरिक बाढ़ सिंचाई की तुलना में जल उपयोग दक्षता (Water Use Efficiency) को अत्यधिक बढ़ाती हैं और भूजल स्तर के अत्यधिक दोहन को नियंत्रित करने में सहायक हैं। 2. भारत में कृषि-जलवायु क्षेत्रों (Agro-Climatic Zones) का निर्धारण राष्ट्रीय नीति आयोग (पूर्व में योजना आयोग) द्वारा मुख्य रूप से वर्षा, तापमान, मृदा प्रकार और स्थलाकृति जैसी भौगोलिक विशेषताओं के आधार पर किया गया है, जिसके अंतर्गत देश को कुल 15 प्रमुख कृषि-जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया गया है। 3. 'धान की गहनता प्रणाली' (System of Rice Intensification - SRI) पारंपरिक बाढ़ सिंचाई पद्धति की तुलना में अधिक पानी की खपत करती है, क्योंकि इसमें पौधों की जड़ों में निरंतर जल भराव बनाए रखना अनिवार्य होता है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत में कुल बोए गए क्षेत्र का सबसे बड़ा हिस्सा चावल (Paddy) की कृषि के अंतर्गत आता है, और इसके उत्पादन में पश्चिम बंगाल देश का अग्रणी राज्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के अपवाह तंत्र के संदर्भ में, हिमालयी नदियों और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हिमालयी नदियाँ 'पूर्ववर्ती' (Antecedent) अपवाह का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, जिसका तात्पर्य है कि इन नदियों ने हिमालय के उत्थान से पहले भी अपने मार्ग को बनाए रखा और गहरी गॉर्ज (Gorges) व महाखड्डों का निर्माण किया। 2. प्रायद्वीपीय भारत की नदियाँ 'अध्यारोपित' (Superimposed) अपवाह प्रतिरूप का अनुसरण करती हैं, जिसमें गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी नदियाँ अपनी पुरानी संरचनाओं को काटकर बहती हैं और बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले विशाल डेल्टा का निर्माण करती हैं। 3. नर्मदा और ताप्ती नदियाँ प्रायद्वीपीय पठार की अपवाद स्वरूप नदियाँ हैं जो पश्चिम की ओर बहते हुए खंभात की खाड़ी में गिरती हैं, और ये नदियाँ डेल्टा बनाने के बजाय एच्युरी (Estuary) या ज्वारनदमुख का निर्माण करती हैं क्योंकि ये भ्रंश घाटियों (Rift Valleys) से होकर प्रवाहित होती हैं। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्य रूप से वर्षा पर आधारित होने के कारण अनित्य (Non-perennial) होती हैं और ग्रीष्मकाल में इनमें जल की मात्रा अत्यंत कम हो जाती है, जबकि हिमालयी नदियाँ बारहमासी (Perennial) होती हैं क्योंकि इन्हें वर्षा के साथ-साथ ग्लेशियरों के पिघलने से भी निरंतर जल प्राप्त होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के भौगोलिक विस्तार, स्थिति और अक्षांश-देशांतर रेखाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांश के बीच है, जबकि इसका देशांतर विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के मध्य है। 2. भारत का कुल क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किलोमीटर है, जो विश्व के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 2.4% है, और क्षेत्रफल की दृष्टि से यह विश्व का सातवां सबसे बड़ा देश है। 3. कर्क रेखा (23.5° उत्तर) भारत के लगभग मध्य से गुजरती है और यह कुल आठ राज्यों (गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम) से होकर निकलती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत का सबसे पूर्वी बिंदु 'किबिथु' अरुणाचल प्रदेश में स्थित है, और इसके पूर्वी तथा पश्चिमी छोर के स्थानीय समय में लगभग 2 घंटे का वास्तविक समयांतर पाया जाता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के भौगोलिक विस्तार, अक्षांशीय व देशांतर रेखाओं तथा प्रामाणिक समय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत की मुख्य भूमि का विस्तार 8°4' उत्तर से 37°6' उत्तर अक्षांशों के मध्य है, जिसके कारण देश के सबसे दक्षिणी और सबसे उत्तरी बिंदु के बीच लगभग 30 डिग्री अक्षांशीय अंतर पाया जाता है और इस व्यापक अक्षांशीय विस्तार का प्रभाव दक्षिणी भारत में दिन और रात की अवधि के अंतर पर स्पष्ट रूप से पड़ता है। 2. भारत का देशांतरीय विस्तार 68°7' पूर्व से 97°25' पूर्व देशांतर के मध्य है, जिसके परिणामस्वरूप देश के सबसे पश्चिमी छोर (गुजरात के गुहारमोती) और सबसे पूर्वी छोर (अरुणाचल प्रदेश के किबिथू) के बीच स्थानीय समय में लगभग दो घंटे (116 मिनट) का वास्तविक समयान्तर होता है। 3. भारत की मानक याम्योत्तर रेखा (Standard Meridian) 82°30' पूर्व देशांतर है, जो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश कुल पाँच राज्यों से होकर गुजरती है तथा यह रेखा इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के नैनी के समीप से निकलती है। 4. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार भारत की भू-सीमा (Land Frontier) की कुल लंबाई लगभग 15,200 किलोमीटर है, जबकि इसकी मुख्य भूमि, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह सहित समुद्र तट की कुल कुल लंबाई 7,516.6 किलोमीटर है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारत के प्रमुख पर्वतीय दर्रों (Passes) और उनकी विशिष्ट भौगोलिक अवस्थिति तथा उनको जोड़ने वाले मार्गों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 'बुर्जिला दर्रा' (Burzil Pass) कश्मीर घाटी को लद्दाख के देवसाई मैदानों से जोड़ता है, जो श्रीनगर से गिलगित और स्कार्दू जाने का ऐतिहासिक मार्ग प्रदान करता है। 2. 'बारालाचा ला' (Baralacha La) जाँस्कर श्रेणी में स्थित एक उच्च पर्वतीय दर्रा है, जो लेह को मनाली से जोड़ता है और यहीं से 'चिनाब' नदी की दो प्रमुख स्रोत नदियाँ - भागा और चंद्रा - निकलती हैं। 3. 'नीति दर्रा' (Niti Pass) उत्तराखंड के कुमाऊँ क्षेत्र में स्थित है, जो भारत को तिब्बत के मानसरोवर और कैलाश क्षेत्र से जोड़ता है और यह शीतकाल में बर्फबारी के कारण बंद रहता है। 4. 'से ला दर्रा' (Sela Pass) अरुणाचल प्रदेश के तवांग जिले में स्थित है, जो तवांग घाटी को असम के तेजपुर और गुवाहाटी क्षेत्र से जोड़ने वाला एक सामरिक और अत्यंत महत्वपूर्ण मोटर योग्य दर्रा है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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