त्वरित लिंक्स
Child Development
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निम्नलिखित में से कौन-सा सामाजिक अध्ययन शिक्षक द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं का उदाहरण “नहीं” है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
वास्तविक जीवन से संबंध बनाना एक चुनौती नहीं, बल्कि एक प्रभावी शिक्षण कौशल है।
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विद्यालय आधारित समस्याओं के त्वरित समाधान, कक्षा-कक्ष की शिक्षण विधियों में सुधार और शिक्षकों द्वारा स्वयं की कार्यप्रणाली के वैज्ञानिक मूल्यांकन के लिए 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) का प्रयोग किया जाता है। स्टीफन एम. कोरे (Stephen M. Corey) और अन्य शिक्षाविदों द्वारा प्रतिपादित इस अनुसंधान प्रक्रिया के चरणों का सही और तार्किक वैज्ञानिक क्रम निम्नलिखित में से कौन-सा है?
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एडवर्ड थार्नडाइक के सीखने के मुख्य नियमों—तत्परता का नियम (Law of Readiness), अभ्यास का नियम (Law of Exercise), और प्रभाव का नियम (Law of Effect)—तथा उनके गौण नियमों के अंतर्गत 'सहचर्यात्मक स्थानांतरण का नियम' (Law of Associative Shifting) का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन नियमों की वास्तविक अधिगम गतिकी को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
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विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत, जब किसी शिक्षार्थी को गणितीय गणनाएँ करने, संख्याओं को समझने, गणितीय प्रतीकों (जैसे +, -, ×, ÷) को पहचानने और स्थानिक संबंधों (Spatial Relationships) को मानसिक रूप से संकलित करने में गंभीर कठिनाई होती है, भले ही उसकी सामान्य बौद्धिक क्षमता, संवेदी अंग और पारंपरिक शैक्षणिक अवसर पर्याप्त हों, तो इस विशिष्ट न्यूरोलॉजिकल विकासात्मक विकार को क्या कहा जाता है?
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अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs Theory) तथा एडवर्ड डेसी एवं रिचर्ड रायन (Edward Deci and Richard Ryan) द्वारा प्रतिपादित 'आत्म-निर्णय सिद्धांत' (Self-Determination Theory) का तुलनात्मक और गहन विश्लेषण करने पर, आंतरिक अभिप्रेरणा (Intrinsic Motivation) और मैस्लो के पदानुक्रम में सर्वोच्च स्तर की आवश्यकताओं के अंतर्संबंध के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन तात्विक और वैज्ञानिक दृष्टि से सर्वाधिक प्रामाणिक है?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage) की एक प्रमुख सीमा 'विकेंद्रीकरण का अभाव' या 'अहंदर्शक' (Egocentrism) और 'संरक्षण' (Conservation) की समझ का न होना है। पियाजे द्वारा किए गए प्रसिद्ध 'तीन पर्वत कार्य' (Three-Mountain Problem) के प्रयोग में, इस अवस्था का एक बालक अपनी ही दृश्य-दृष्टि (Perspective) को दूसरों पर आरोपित करता है। इसके विपरीत, जब बालक मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में प्रवेश करता है, तो वह किस मुख्य संज्ञानात्मक क्षमता को प्राप्त करके इस सीमा को पार कर लेता है?
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