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BPSC TRE 4.0
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हाल ही में शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिक्स पुर्जे निर्माण योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
योजना की शुरुआत (MeitY) और अवधि संबंधी कथन 1 और 2 सही हैं।
Related Questions
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मानव शरीर क्रिया विज्ञान और जीव विज्ञान की विविध शाखाओं (Misc Biology) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव शरीर में 'पाइनियल ग्रंथि' (Pineal Gland) मस्तिष्क के एपीथैलेमस भाग में स्थित होती है, जो 'मेलाटोनिन' (Melatonin) हार्मोन का स्रावण करती है और शरीर की सर्काडियन रिदम (जैविक घड़ी) तथा नींद-जागने के चक्र को नियंत्रित करती है।
2. रुधिर परिसंचरण तंत्र के अध्ययन के दौरान 'आर एच फैक्टर' (Rh Factor) की खोज कार्ल लैंडस्टीनर और अलेक्जेंडर विनर द्वारा रीसस (Rhesus) बंदर में की गई थी, तथा Rh-धनात्मक व्यक्ति का रक्त Rh-ऋणात्मक व्यक्ति को पहली बार चढ़ाने पर कोई विशेष समस्या नहीं होती, किंतु दूसरी बार गंभीर 'एरिथ्रोब्लास्टोसिस फिटलिस' (Erythroblastosis Fetalis) की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
3. पादप जगत में 'क्रेब्स चक्र' (Krebs Cycle) की क्रिया माइटोकॉन्ड्रिया के मैट्रिक्स में संपन्न होती है, जिसे साइट्रिक अम्ल चक्र भी कहा जाता है, और इसके एक पूर्ण चक्र के दौरान ग्लूकोज के एक अणु से सीधे 38 एटीपी (ATP) ऊर्जा अणुओं का शुद्ध लाभ प्राप्त होता है।
4. मानव शरीर की सबसे बड़ी पाचक ग्रंथि 'यकृत' (Liver) है, जिसमें पित्त रस (Bile Juice) का संश्लेषण होता है, हालांकि पित्त रस में किसी भी प्रकार का पाचक एंजाइम नहीं पाया जाता है, किंतु यह वसा के इमल्सीकरण (Emulsification) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की जलवायु, नदी तंत्र और कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जिसमें उत्तर-पश्चिम से आने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में सर्वाधिक वर्षा का कारण बनता है, और यहाँ की औसत वार्षिक वर्षा का वितरण पूर्वी बिहार से पश्चिमी बिहार की ओर क्रमशः घटता जाता है।
2. कोसी नदी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है, जिसका उद्गम तिब्बत में गोसाईं थान चोटी के पास से होता है और यह नेपाल के रास्ते मधेपुरा और सुपौल जिलों में प्रवेश करते हुए अपने मार्ग परिवर्तन (Course shifting) के लिए कुख्यात है, तथा यह पूर्णिया के पास गंगा नदी में मिल जाती है।
3. बिहार में 'सस्य जलवायु क्षेत्रों' (Agro-climatic Zones) के अंतर्गत कृषि निदेशालय द्वारा राज्य को कुल चार प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया है, जिसमें जोन-I (उत्तर-पश्चिम), जोन-II (उत्तर-पूर्व), जोन-IIIक और जोन-IIIख (दक्षिण बिहार) शामिल हैं, जो फसल विविधीकरण में मदद करते हैं।
4. बिहार में पारंपरिक कृषि पद्धतियों के अंतर्गत 'टाल क्षेत्र' (Tall Area) की मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ चिकनी मिट्टी (Heavy Clay) होती है, जहाँ मानसून के दौरान जलभराव के कारण खरीफ की फसलें नहीं उगाई जा सकती हैं, किंतु शीत ऋतु में पानी के उतरने के बाद इस क्षेत्र में रबी फसलों (विशेषकर चना और दलहन) की बंपर पैदावार होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव प्रजातियों (Human Races) के वर्गीकरण, उनके शारीरिक लक्षणों तथा वैश्विक वितरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ग्रिफ़िथ टेलर (Griffith Taylor) द्वारा प्रतिपादित 'प्रवास कटिबंध सिद्धांत' (Migration Zone Theory) के अनुसार, मानव जातियों की उत्पत्ति एशिया के मध्य भाग में हुई थी और सबसे पहले विकसित होने वाली 'प्रिमिटिव' (प्राचीन) प्रजातियाँ प्रवास के कारण सबसे बाहरी परिधीय क्षेत्रों (जैसे ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी और तस्मानियाई) में पहुँच गईं, जबकि सबसे बाद में विकसित होने वाली नवीन प्रजातियाँ केंद्रीय क्षेत्रों में ही रहीं।
2. शारीरिक लक्षणों के आधार पर नॉर्डिक (Nordic) प्रजाति के लोगों की मुख्य विशेषता चौड़ी खोपड़ी (Brachycephalic), गहरी भूरी आँखें, काले व घुंघराले बाल और छोटा कद होती है, और यह प्रजाति मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्वी एशिया और अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाई जाती है।
3. मंगोलियाई (Mongoloid) प्रजाति के लोगों में एपिकैंथिक फोल्ड (Epicanthic fold) आँखें, चपटा चेहरा, सीधी व काले रंग की बाल और मध्यम कद जैसी विशेषताएँ पाई जाती हैं, जिनका मूल निवास क्षेत्र एशिया का मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भाग है।
4. ऑस्ट्रोलाइड (Australoid) प्रजाति के लोगों में घुंघराले बाल, चौड़ी नाक (Platyrrhine), और गहरी त्वचा का रंग पाया जाता है, और यह प्रजाति केवल अफ्रीकी महाद्वीप तक ही सीमित है, एशिया के भारतीय उपमहाद्वीप की जनजातियों में इसका कोई अवशेष नहीं मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के 'षोडश महाजनपद' (सोलह महाजनपद) काल के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुत्तर निकाय और भगवती सूत्र जैसे ग्रंथ बौद्ध एवं जैन साहित्य हैं जो प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदों की स्पष्ट सूची प्रदान करते हैं।
2. वज्जि महासंघ के अंतर्गत लिच्छवी, विदेह और ज्ञात्रिक जैसे कुल आठ से अधिक कुलों का संघ शामिल था, जिसकी राजधानी वैशाली (कुण्डग्राम के समीप) थी और यहाँ राजतंत्रात्मक शासन प्रणाली प्रचलित थी।
3. अश्मक महाजनपद गोदावरी नदी के तट पर स्थित एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो दक्षिण भारत (विंध्य पर्वत के दक्षिण) में स्थित था, और इसकी राजधानी पोतन या पोटली थी।
4. वत्स महाजनपद की राजधानी कौशंबी थी, जो यमुना नदी के तट पर स्थित थी और इस राज्य का प्रसिद्ध शासक उदयन (उदयेन) था, जिसका संबंध महात्मा गांधी के समकालीन बौद्ध धर्म से था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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सेरोलॉजी निम्न का अध्ययन है–
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