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BPSC TRE 4.0
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राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की हाल ही में आयोजित 7वीं बैठक के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1, 2 और 4 सही हैं; कथन 3 (शेर आबादी) का विवरण त्रुटिपूर्ण है।
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बिहार के जनजातीय आंदोलनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संथाल विद्रोह (1855-56), जिसे 'हु-कूल' के नाम से भी जाना जाता है, का नेतृत्व सिद्धू, कान्हू, चांद और भैरव ने किया था, और यह आंदोलन मुख्य रूप से भागलपुर से राजमहल के बीच फैले 'दामिन-ए-कोह' क्षेत्र में महाजनों, पुलिस और बाहरी लोगों (दीकुओं) के उत्पीड़न के विरुद्ध था। 2. मुंडा उलगुलान (1899-1900) का नेतृत्व बिरसा मुंडा ने किया था, जिनका मुख्य उद्देश्य 'खूंटकट्टी' (सामूहिक स्वामित्व) व्यवस्था की बहाली करना तथा ब्रिटिश राज और सामंतवाद को समाप्त कर 'बिरसा राज' की स्थापना करना था। 3. ताना भगत आंदोलन (1914), जो छोटानागपुर क्षेत्र में जतरा भगत के नेतृत्व में शुरू हुआ था, एक अहिंसक और सुधारवादी आंदोलन था, जिसने आगे चलकर असहयोग आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी के विचारों से प्रेरित होकर स्वदेशी और कर न देने (No-tax) का समर्थन किया था। 4. खरवार आंदोलन (1874), जिसका नेतृत्व भागीरथ मांझी ने किया था, ने एकेश्वरवाद और सामाजिक सुधारों पर बल देते हुए ब्रिटिश सरकार के भू-राजस्व और बंदोबस्त नीतियों का कड़ा विरोध किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? यंग इंडिया किसकी पुस्तक है? रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन तथा असहयोग आंदोलन के कालक्रम, घटनाओं और उनके वैचारिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1919 में पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) के तहत ब्रिटिश सरकार को बिना वारंट के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार करने और बिना मुकदमा चलाए जेल में रखने का असीमित अधिकार मिल गया था, जिसके विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत अखिल भारतीय स्तर पर 'सत्याग्रह सभा' की स्थापना की और 6 अप्रैल 1919 को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया। 2. वर्ष 1919-20 के दौरान तुर्की के खलीफा के अधिकारों और सुन्नी इस्लामिक धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए भारत में शुरू किए गए 'खिलाफत आंदोलन' की केंद्रीय खिलाफत समिति के अखिल भारतीय सम्मेलन (दिल्ली, नवंबर 1919) के अध्यक्ष के रूप में महात्मा गांधी को चुना गया था, जिन्होंने इसे हिंदू-मुस्लिम एकता के एक अद्वितीय अवसर के रूप में देखा। 3. सितंबर 1920 में कलकत्ता में हुए कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में असहयोग आंदोलन के प्रस्ताव का जमकर विरोध किया गया था, तथा चित्तरंजन दास (C.R. Das), मदन मोहन मालवीय और एनी टेंट ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया था, जबकि लाला लाजपत राय ने इस अधिवेशन की अध्यक्षता की थी। 4. फरवरी 1922 में चौरी-चौरा (गोरखपुर जिला) में हुई हिंसक घटना के कारण महात्मा गांधी ने बारदोली में कांग्रेस की बैठक बुलाकर तत्काल प्रभाव से असहयोग आंदोलन को वापस लेने की घोषणा कर दी, जिसके बाद मोतीलाल नेहरू और चित्तरंजन दास ने गांधीजी के इस निर्णय से असंतुष्ट होकर कांग्रेस के भीतर ही 'स्वराज पार्टी' की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? बिहार में 'चंपारण सत्याग्रह' किस वर्ष हुआ था? रक्त में त्रुटिपूर्ण हेमोग्लोबिन निम्न में किसमें दिखता है?
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