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Indian Polity
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संसार में 90% प्रकाश-संश्लेषण होता है?

Detailed Explanation

पृथ्वी पर होने वाले कुल प्रकाश-संश्लेषण का लगभग 90% समुद्री शैवालों द्वारा होता है।
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भारतीय संविधान के अंतर्गत महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 के माध्यम से अनुच्छेद 352 में संशोधन करके राष्ट्रपति को यह शक्ति दी गई कि वह पूरे देश में या उसके किसी हिस्से में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर सकता है, तथा राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, जिसके लिए राष्ट्रपति द्वारा अलग से कोई पृथक आदेश जारी करने की आवश्यकता नहीं होती है। 2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा केवल 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' या 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) के आधार पर ही की जा सकती है, और 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को संविधान से हटा दिया गया, साथ ही मंत्रिमंडल की लिखित संस्तुति को आपातकाल की घोषणा के लिए अनिवार्य बना दिया गया। 3. राष्ट्रीय आपातकाल के प्रवर्तन के दौरान संविधान के अनुच्छेद 359 के अंतर्गत राष्ट्रपति को यह शक्ति प्राप्त है कि वह आदेश द्वारा भाग III द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 20 और 21 को छोड़कर) के प्रवर्तन को निलंबित कर सकता है, किंतु अनुच्छेद 359 के अधीन जारी ऐसा प्रत्येक आदेश संसद के दोनों सदनों के समक्ष अनुमोदन के लिए रखा जाना अनिवार्य होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? वित्तीय आपातकाल अनुच्छेद? भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संशोधनों और आपातकालीन उपबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा का आधार 'आंतरिक अशांति' (Internal Disturbance) शब्द को प्रतिस्थापित कर 'सशस्त्र विद्रोह' (Armed Rebellion) किया गया, तथा यह भी प्रावधान किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को केवल मंत्रिमंडल (Cabinet) के लिखित अनुमोदन के पश्चात ही राष्ट्रपति द्वारा जारी किया जा सकता है। 2. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा यह उपबंधित किया गया कि राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 20 और अनुच्छेद 21 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों को निलंबित नहीं किया जा सकता है। 3. अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राष्ट्रपति शासन की अधिकतम अवधि, बिना किसी विशेष अनुमोदन या समीक्षा के, लगातार बढ़ाई जाकर कुल 3 वर्ष तक की जा सकती है, किंतु 44वें संशोधन अधिनियम के पश्चात यह अनिवार्य कर दिया गया कि 1 वर्ष के पश्चात इसे आगे बढ़ाने के लिए यह आवश्यक है कि पूरे देश में या संबंधित राज्य के किसी भाग में राष्ट्रीय आपातकाल लागू हो तथा निर्वाचन आयोग यह प्रमाणित करे कि राज्य में विधानसभा के चुनाव कराना कठिन है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? पंचायत राज व्यवस्था किस संशोधन से जुड़ी है? भारतीय संविधान के अंतर्गत भारत के राष्ट्रपति की विधायी शक्तियों और अध्यादेश प्रख्यापित करने की शक्ति (अनुच्छेद 123) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राष्ट्रपति की अध्यादेश जारी करने की शक्ति संसद की विधि बनाने की शक्ति के सह-विस्तृत (Co-extensive) है, जिसका तात्पर्य यह है कि राष्ट्रपति केवल उन्हीं विषयों पर अध्यादेश प्रख्यापित कर सकता है जिन पर संसद को कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है, और अध्यादेश द्वारा मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी प्रावधान में संशोधन किया जा सकता है। 2. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 'डी.सी. वाधवा बनाम बिहार राज्य' (1987) मामले में यह स्पष्ट किया गया कि अध्यादेशों का पुनरुत्पादन (Repromulgation) बिना उन्हें संसद के समक्ष रखे निरंतर जारी रखना संवैधानिक धोखाधड़ी (Constitutional Fraud) के समान है और यह कार्यपालिका की विधायी शक्ति का दुरुपयोग है। 3. राष्ट्रपति द्वारा प्रख्यापित प्रत्येक अध्यादेश को संसद के पुनः समवेत होने पर दोनों सदनों के समक्ष रखना अनिवार्य होता है, और यदि संसद के दोनों सदन इसे अस्वीकृत करने वाला संकल्प पारित कर देते हैं, तो वह संकल्प पारित होने की तिथि से निष्प्रभाव हो जाता है, भले ही इसके छह सप्ताह की अवधि अभी समाप्त न हुई हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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