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BPSC TRE 4.0
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राजनीतिक सुधारों के लिए विरोध शुरू करने का श्रेय किसे दिया जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
भारत में आधुनिक राजनीतिक सुधारों की मांग और विरोध का आरंभिक श्रेय राजा राममोहन रॉय को दिया जाता है।
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बिहार की भौगोलिक विशेषताओं, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों और पर्यावरण संरक्षण पहलों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार राज्य के दक्षिणी पठारी और उच्च भूमि क्षेत्रों (जैसे गया, रोहतास और कैमूर) में ग्रीष्मकाल के दौरान अत्यधिक तापमान वृद्धि और भू-जल स्तर में गिरावट के कारण 'गंभीर सूखा संवेदनशीलता' (Severe Drought Vulnerability) की समस्या उत्पन्न होती है, जिसका सामना करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान के तहत आहर, पाइन और तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
2. बिहार के तराई क्षेत्रों (विशेषकर पश्चिमी चंपारण और सुपौल के उत्तरी हिस्सों) में पिछले कुछ वर्षों में अत्यधिक वर्षा और नेपाल से आने वाली नदियों के कारण अचानक आने वाली बाढ़ की आवृत्ति में वृद्धि हुई है, जिसे कम करने के लिए जैव-विविधता संरक्षण और वेटलैंड (आर्द्रभूमि) विकास को प्राथमिकता दी गई है।
3. भारत की नवीनतम वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) के अनुसार, बिहार में कुल वनावरण और वृक्षावरण (Forest and Tree Cover) राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का लगभग 15 प्रतिशत से अधिक है, जिसमें सबसे अधिक कुल वन आवरण क्षेत्रफल वाला जिला कैमूर है, जबकि प्रतिशत के दृष्टिकोण से भी कैमूर शीर्ष पर है।
4. जलवायु परिवर्तन पर बिहार एक्शन प्लान (BAPCC) के तहत राज्य में कार्बन उत्सर्जन को कम करने और हरित आवरण को बढ़ाने के लिए केवल सरकारी भूमि पर ही पौधे लगाने का प्रावधान है, और इसमें निजी किसानों या सामुदायिक भागीदारी की कोई योजना शामिल नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार आर्थिक सर्वेक्षण (2023-24) और राज्य के हालिया बजट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान बिहार की आर्थिक वृद्धि दर (GSDP Growth Rate) स्थिर कीमतों पर लगभग 10.64 प्रतिशत दर्ज की गई, जो देश के कई अन्य बड़े राज्यों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक रही।
2. राज्य के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) में प्राथमिक क्षेत्र, द्वितीयक क्षेत्र और तृतीयक (सेवा) क्षेत्र में से 'तृतीयक क्षेत्र' का योगदान सर्वाधिक (लगभग 60% से अधिक) है, जबकि प्राथमिक क्षेत्र का हिस्सा दूसरा सबसे बड़ा है।
3. वर्ष 2023-24 के बजट में कुल व्यय का सबसे बड़ा हिस्सा 'सामान्य सेवाओं' (General Services) पर आवंटित किया गया था, जबकि 'सामाजिक सेवाओं' (Social Services) पर होने वाला व्यय शिक्षा और स्वास्थ्य को मिलाकर दूसरे स्थान पर आता है।
4. बिहार सरकार द्वारा प्रति व्यक्ति आय के मामले में पटना जिला लगातार शीर्ष पर बना हुआ है, जबकि सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला जिला शिवहर या अररिया की श्रेणी में आता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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ऊष्मा, ताप और ऊष्मागतिकी के विभिन्न नियमों व परिघटनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी वस्तु को दी जाने वाली ऊष्मा उसके द्रव्यमान और विशिष्ट ऊष्मा धारिता के गुणनफल तथा ताप में परिवर्तन के सीधे आनुपातिक होती है, और गुप्त ऊष्मा (Latent Heat) के दौरान पदार्थ का तापमान स्थिर रहता है क्योंकि दी गई ऊष्मा पूर्ण रूप से अंतराणुक बलों को तोड़ने और अवस्था परिवर्तन में प्रयुक्त होती है।
2. ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) ताप की संकल्पना को परिभाषित करता है, जिसके अनुसार यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ अलग-अलग तापीय साम्य (Thermal Equilibrium) में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्य में होंगे।
3. जब किसी गैस का अचानक (रुद्धोष्म या Adiabatic प्रक्रिया द्वारा) संपीडन किया जाता है, तो बाहरी कार्य के कारण गैस की आंतरिक ऊर्जा बढ़ जाती है, जिससे उसका तापमान बढ़ जाता है, और इस प्रक्रिया में ऊष्मा का आदान-प्रदान परिवेश के साथ शून्य होता है।
4. किसी काले पिंड (Black Body) से उत्सर्जित विकिरण की कुल ऊर्जा उसके निरपेक्ष तापमान की चौथी घात के सीधे आनुपातिक होती है, जिसे स्टीफन-बोल्ट्जमैन का नियम कहा जाता है, तथा तरंगदैर्ध्य और तापमान का व्युत्क्रमानुपाती संबंध वीन के विस्थापन नियम द्वारा व्यक्त किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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प्रकाश के परावर्तन, अपवर्तन तथा पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) की परिघटनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है, तो आपतन कोण का वह मान जिसके लिए अपवर्तन कोण 90 डिग्री हो जाता है, 'क्रांतिक कोण' (Critical Angle) कहलाता है, और यदि आपतन कोण क्रांतिक कोण से अधिक हो जाए तो किरण सघन माध्यम में ही परावर्तित हो जाती है जिसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं।
2. हीरे का चमकना, रेगिस्तान में मरीचिका (Mirage) का बनना तथा ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fibre) के माध्यम से सिग्नल का संचार पूर्ण आंतरिक परावर्तन के प्रमुख प्राकृतिक और तकनीकी उदाहरण हैं।
3. जब प्रकाश किसी प्रिज्म से गुजरता है, तो विभिन्न रंगों का विचलन (Deviation) उनके तरंगदैर्ध्य (Wavelength) पर निर्भर करता है; लाल रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होने के कारण उसका विचलन न्यूनतम होता है, जबकि बैंगनी रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे कम होने के कारण उसका विचलन अधिकतम होता है।
4. गोलीय दर्पण (अवतल और उत्तल) के लिए दर्पण सूत्र (Mirror Formula) में फोकस दूरी (f), वस्तु दूरी (u) और प्रतिबिंब दूरी (v) के बीच संबंध 1/f = 1/v - 1/u होता है, जो सभी प्रकार की परिस्थितियों में वास्तविक और आभासी दोनों प्रतिबिम्बों के लिए लागू होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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दिल्ली सल्तनत और मुगल काल के प्रशासनिक ढांचे, राजस्व प्रणालियों तथा सैन्य व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सल्तनत काल में 'इक्ता' प्रणाली एक विशिष्ट भू-राजस्व और प्रशासनिक व्यवस्था थी, जिसके तहत सैन्य अधिकारियों (इक्तेदारों) को उनके वेतन के बदले भूमि या उसका राजस्व आवंटित किया जाता था, और अलाउद्दीन खिलजी ने इस व्यवस्था को केंद्रीय नियंत्रण में लाने के लिए 'पैमाइश' की शुरुआत कर भू-राजस्व को बढ़ाकर उपज का आधा (50%) कर दिया था।
2. शेरशाह सूरी द्वारा प्रशासनिक सुधारों के तहत 'जब्ती प्रणाली' और 'दहशाला पद्धति' के प्रारंभिक रूपों को लागू किया गया, जिसमें भूमि की पैमाइश (सिकंदरी गज द्वारा) और उसकी उर्वरता के आधार पर वर्गीकरण किया जाता था, तथा किसानों को 'पट्टा' देने और 'कबूलियत' लेने की प्रथा शुरू की गई।
3. अकबर के शासनकाल में टोडमॉर (राजा टोडरमल) की सहायता से विकसित 'दहशाला बंदोबस्त' (आदाइन-ए-दहशाला) के अंतर्गत पिछले दस वर्षों के उत्पादन और औसत मूल्यों के आधार पर मालगुजारी तय की जाती थी, और इस प्रणाली में राज्य की मांग फसल का ठीक एक-तिहाई (33%) हिस्सा निर्धारित की गई थी।
4. मुगलकालीन 'मनसबदारी व्यवस्था' पूरी तरह से आनुवंशिक थी, जिसमें प्रत्येक मनसबदार को अपने पद के अनुसार 'जात' (व्यक्तिगत पद और प्रतिष्ठा) और 'सवार' (घुड़सवार सैनिकों की संख्या) रखनी पड़ती थी, और जहांगीर के शासनकाल में इस व्यवस्था में 'दो-अस्पा और सिंह-अस्पा' (Do-aspa and Sih-aspa) की नवीन उप-व्यवस्था जोड़ी गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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