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BPSC TRE 4.0
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कोलकाता अधिवेशन 1906 की अध्यक्षता किसने की थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1906 के कोलकाता अधिवेशन की अध्यक्षता दादा भाई नौरोजी ने की थी।
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निम्नलिखित राष्ट्रीय उद्यानों में से कौन-सा एक सही सुमेलित नहीं है?
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प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों, साहित्यिक कृतियों और पुरातात्विक साक्ष्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कौटिल्य द्वारा रचित 'अर्थशास्त्र' ग्रंथ मौर्यकालीन प्रशासनिक व्यवस्था, गुप्तचर प्रणाली और अर्थव्यवस्था की जानकारी का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रमाणिक स्रोत है, जो कुल 15 अधिकरणों और 180 प्रकरणाड़ों में विभाजित है।
2. कलहण द्वारा रचित 'राजतरंगिणी' को संस्कृत साहित्य का प्रथम ऐतिहासिक ग्रंथ माना जाता है, जिसमें मुख्य रूप से कश्मीर के इतिहास का क्रमिक विवरण 8 तरंगों में प्रस्तुत किया गया है, और इसका समापन जयसिंह के शासनकाल के साथ होता है।
3. विशाखदत्त द्वारा रचित संस्कृत नाटक 'मुद्राराक्षस' में चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा चाणक्य की सहायता से नंद वंश के पतन और मौर्य साम्राज्य की स्थापना का विस्तृत विवरण मिलता है, साथ ही इसमें चंद्रगुप्त को 'वृषल' (निम्न कुल का) कहकर संबोधित किया गया है।
4. बानभट्ट द्वारा रचित 'हर्षचरित' में गुप्त वंश के सम्राट समुद्रगुप्त की दिग्विजय यात्राओं और उसकी सांस्कृतिक उपलब्धियों का विशद वर्णन किया गया है, जो गुप्तकालीन स्वर्ण युग की पुष्टि करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार में 'सर्वाधिक साक्षरता' वाला जिला कौन सा है?
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घाटी स्थलरूपों (गॉर्ज और कैन्यन) के संबंध में निम्नलिखित कथनों में से कौन से सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक ढांचा और विशेषकर 'इक्ता प्रणाली' (Iqta System) तथा 'बाजार नियंत्रण नीति' (Market Control Policy) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इक्ता प्रणाली एक प्रकार का भू-राजस्व आवंटन था, जिसे सल्तनत काल में संस्थागत रूप से स्थापित करने का श्रेय इल्तुतमिश को जाता है, जिसके तहत सैनिकों और अधिकारियों को वेतन के बदले भूमि का एक खंड (इक्ता) दिया जाता था और इक्तादार (मुक्ता या वली) को उस क्षेत्र से कर वसूलने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार प्राप्त था।
2. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रख-रखाव और कम वेतन में सैनिकों के भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए क्रांतिकारी 'बाजार नियंत्रण नीति' लागू की थी, जिसके अंतर्गत खाद्यान्न, वस्त्र, घोड़ों और दासों के मूल्य तय करने के लिए 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' नामक विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी।
3. फिरोजशाह तुगलक ने इक्ता प्रणाली को आनुवंशिक (Hereditary) बना दिया और उसने सैनिकों को नगद वेतन देने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर दिया, जिससे सल्तनत की सैन्य व्यवस्था में शिथिलता आई, साथ ही उसने किसानों पर से कई अवैध करों को समाप्त कर केवल शरीयत के अनुसार चार कर (खराज, जकात, जजिया और खुम्स) ही रखे।
4. बलबन ने इक्तादारों की मनमानी और शक्ति पर अंकुश लगाने के लिए 'ख्वाजा' नामक अधिकारियों की नियुक्ति की थी, जो इक्तादारों की आय और व्यय का लेखा-जोखा रखते थे और केंद्र सरकार को उसकी रिपोर्ट भेजते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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