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भोपाल गैस त्रासदी किस वर्ष हुई थी?

Detailed Explanation

भोपाल गैस त्रासदी 2-3 दिसंबर 1984 की रात को हुई थी।
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भारतीय संविधान के भाग I के अंतर्गत 'संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 2 के तहत संसद को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विधि द्वारा 'संघ में नए राज्यों के प्रवेश या उनकी स्थापना' कर सके, जिसका संबंध मुख्य रूप से उन भू-भागों से है जो भारतीय संघ का हिस्सा नहीं हैं, जबकि अनुच्छेद 3 'भारतीय संघ के भीतर मौजूद राज्यों' के पुनर्गठन से संबंधित है। 2. अनुच्छेद 3 के अंतर्गत किसी राज्य के क्षेत्रफल को बढ़ाने, घटाने या उसके नाम में परिवर्तन करने वाला कोई भी विधेयक संसद के किसी भी सदन में राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति (Recommendation) के बिना ही पुनः स्थापित किया जा सकता है। 3. अनुच्छेद 4 के अनुसार, अनुच्छेद 2 और अनुच्छेद 3 के तहत बनाए गए नए राज्यों के प्रवेश या राज्यों के पुनर्गठन से संबंधित कानून संविधान के अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए 'संविधान संशोधन' माने जाएंगे, जिसके लिए विशेष बहुमत का होना अनिवार्य है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के भाग I के अंतर्गत 'संघ एवं उसके राज्य क्षेत्र' (अनुच्छेद 1-4) के प्रावधानों और नए राज्यों के निर्माण की विधायी प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत संसद को किसी राज्य में से उसका क्षेत्र अलग करके अथवा किसी राज्य के क्षेत्रफल या उसकी सीमा में परिवर्तन करने की शक्ति प्राप्त है, किंतु इस प्रकार का कोई भी विधेयक राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश के बिना संसद के किसी भी सदन में पुनःस्थापित नहीं किया जा सकता है, और राष्ट्रपति द्वारा ऐसा विधेयक संबंधित राज्य के विधानमंडल को उसकी राय जानने के लिए भेजा जाना संवैधानिक रूप से अनिवार्य है, भले ही राज्य विधानमंडल द्वारा दी गई राय संसद पर बाध्यकारी न हो। 2. अनुच्छेद 3 के अंतर्गत राज्य के नाम या सीमा में परिवर्तन करने वाले विधेयक पर राज्य विधानमंडल द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर यदि अपनी राय व्यक्त नहीं की जाती है, तो भी संसद उस विधेयक को पारित करने के लिए आगे बढ़ सकती है, क्योंकि राज्य विधानमंडल की सहमति इस प्रक्रिया के लिए एक अनिवार्य शर्त नहीं है। 3. अनुच्छेद 4 के स्पष्ट प्रावधानों के अनुसार, अनुच्छेद 2 (नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना) और अनुच्छेद 3 (नए राज्यों का निर्माण और क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन) के अंतर्गत बनाए गए कानून संविधान के अनुच्छेद 368 के प्रयोजनों के लिए 'संविधान संशोधन' माने जाएंगे, जिसके लिए संसद के विशेष बहुमत के साथ-साथ आधे से अधिक राज्यों के विधानमंडलों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के अंतर्गत 'चार्टर अधिनियम, 1853' (Charter Act of 1853) के प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम द्वारा पहली बार गवर्नर-जनरल की परिषद के विधायी और प्रशासनिक कार्यों को अलग किया गया, तथा परिषद में छह नए पार्षद जोड़े गए जिन्हें 'विधान पार्षद' (Legislative Councillors) कहा गया, जिससे केंद्रीय विधान परिषद की स्थापना हुई। 2. इस अधिनियम ने सिविल सेवकों की भर्ती और चयन के लिए खुली प्रतियोगिता प्रणाली का शुभारंभ किया, जिसके तहत 'मैकाले समिति' की रिपोर्ट (1854) के आधार पर भारतीय नागरिकों के लिए भी सिविल सेवा परीक्षा के दरवाजे खोल दिए गए। 3. इस अधिनियम के द्वारा कंपनी के भारतीय क्षेत्रों पर नियंत्रण को एक निश्चित अवधि के लिए पुनः बढ़ा दिया गया था, जैसा कि पिछले चार्टर अधिनियमों में होता था, ताकि ब्रिटिश क्राउन सीधे शासन की बागडोर अपने हाथ में न ले सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद से संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 67 के अनुसार, उपराष्ट्रपति को उसके पद से हटाने के लिए राज्य सभा द्वारा अपने तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित ऐसे संकल्प द्वारा हटाया जा सकता है जिससे लोक सभा सहमत हो, किंतु इस प्रकार के संकल्प को प्रस्तुत करने के लिए चौदह दिन की पूर्व लिखित सूचना देना अनिवार्य है और लोक सभा की इस संदर्भ में सहमति केवल साधारण बहुमत से ही अपेक्षित होती है। 2. संविधान के अनुच्छेद 75(1ए) के अनुसार, मंत्रिपरिषद में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या लोक सभा के सदस्यों की कुल संख्या के पंद्रह प्रतिशत से अधिक नहीं होगी, और यह प्रावधान 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 द्वारा अंतर्स्थापित किया गया था, जो केंद्र के साथ-साथ राज्यों की मंत्रिपरिषद पर भी समान रूप से लागू होता है। 3. संविधान के अनुच्छेद 78 के अंतर्गत प्रधानमंत्री का यह संवैधानिक कर्तव्य है कि वह संघ के प्रशासन संबंधी और विधान के प्रस्तावों से संबंधित मंत्रिपरिषद के सभी विनिश्चय राष्ट्रपति को संसूचित करे, तथा यदि राष्ट्रपति ऐसी कोई सूचना मांगता है, तो प्रधानमंत्री उसे उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है, भले ही संबंधित विषय पर मंत्रिपरिषद द्वारा सामूहिक रूप से कोई निर्णय न लिया गया हो। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान के अंतर्गत भारत के महान्यायवादी (Attorney General for India) और नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) के संवैधानिक उपबंधों, शक्तियों तथा उनके विशेषाधिकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 76 के अनुसार भारत के महान्यायवादी की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है और वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यंत पद धारण करता है, जिसके लिए यह आवश्यक है कि वह व्यक्ति उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश बनने की अर्हता रखता हो, तथा महान्यायवादी को भारत सरकार के विधि मामलों में सलाह देने के साथ-साथ देश के सभी न्यायालयों में सुनवाई का अधिकार प्राप्त है। 2. महान्यायवादी को संसद के दोनों सदनों या उसकी संयुक्त बैठक में तथा संसद की किसी भी समिति में, जिसका उसे सदस्य बनाया जाए, बोलने और उसकी कार्यवाही में भाग लेने का अधिकार प्राप्त है, किंतु उसे संविधान के अनुच्छेद 88 के तहत संसद में मतदान करने का कोई अधिकार नहीं होता है। 3. नियंत्रक-महालेखापरीक्षक (CAG) का पद भारत सरकार अधिनियम, 1935 के प्रावधानों से अत्यधिक प्रभावित रहा है, और CAG भारत की संचित निधि तथा प्रत्येक राज्य व संघ राज्य क्षेत्र (जहाँ विधानसभा हो) की संचित निधि से होने वाले सभी व्ययों की लेखापरीक्षा करता है, तथा अपनी लेखापरीक्षा रिपोर्ट राष्ट्रपति और राज्यपालों के माध्यम से क्रमशः संसद और राज्य विधानमंडलों के समक्ष रखवाता है। 4. CAG को पद से हटाने की प्रक्रिया सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के समान ही होती है, किंतु महान्यायवादी को हटाने के लिए संविधान में किसी विशिष्ट प्रक्रिया या महाभियोग का कोई प्रावधान नहीं है; इसके अतिरिक्त महान्यायवादी भारत सरकार का पूर्णकालिक सरकारी सेवक होता है, जिसके कारण वह अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी प्रकार की निजी वकालत या प्रैक्टिस नहीं कर सकता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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