BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

BPSC TRE 4.0
18 views

उच्च न्यायलय के कार्यक्षेत्र में बदलाव किसके द्वारा किया जा सकता है ?

Detailed Explanation

उच्च न्यायालय का क्षेत्राधिकार केवल संसद ही बदल सकती है।
Share:

Related Questions

प्राचीन एवं आधुनिक भारतीय इतिहास तथा साहित्य के संदर्भ में निम्नलिखित पुस्तकों और उनके लेखकों की जोड़ियों पर विचार कीजिए: 1. 'अनहैप्पी इंडिया' (Unhappy India) - लाला लाजपत राय 2. 'इंडिया डिवाइडेड' (India Divided) - डॉ. राजेंद्र प्रसाद 3. 'द फिलासफी ऑफ द बॉम्ब' (The Philosophy of the Bomb) - भगवती चरण बोहरा 4. 'पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया' (Poverty and Un-British Rule in India) - सुरेंद्रनाथ बनर्जी उपर्युक्त जोड़ियों में से कौन-सी/से सही सुमेलित है/हैं? पृथ्वी की आंतरिक संरचना, ज्वालामुखी उद्गार के प्रकार और भूकंपीय तरंगों के संचलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भूकंप के उद्गम बिंदु को 'फोकस' (Focus) या हाइपोसेंटर कहा जाता है, जो पृथ्वी के भीतर स्थित होता है, जबकि इसके ठीक ऊपर धरातल पर स्थित बिंदु को 'अधिकरण' (Epicentre) कहा जाता है जहाँ सबसे पहले भूकंपीय तरंगें पहुँचती हैं। 2. प्राथमिक तरंगें (P-Waves) अनुप्रस्थ (Transverse) प्रकृति की होती हैं जो केवल ठोस माध्यम से गुजर सकती हैं, जबकि द्वितीयक तरंगें (S-Waves) अनुदैर्ध्य (Longitudinal) प्रकृति की होती हैं और ठोस, द्रव तथा गैस तीनों माध्यमों में गमन कर सकती हैं। 3. हवाई द्वीप पर पाया जाने वाला 'किलाउएआ' (Kilauea) ज्वालामुखी ढाल (Shield) ज्वालामुखी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो अत्यधिक तरल और कम चिपचिपे बेसिक लावा (Basaltic lava) के शांत उद्गार से निर्मित होता है। 4. विस्फोटे उद्गारों के आधार पर 'पेलियन तुल्य' (Peléean type) ज्वालामुखी उद्गार सबसे अधिक विनाशकारी और भयंकर माने जाते हैं, जिनमें अत्यधिक गाढ़ा लावा, ज्वलनशील गैसों के बादल और पाइरोक्लास्टिक पदार्थ तीव्र गति से बाहर निकलते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? 1857 के महान विद्रोह से पूर्व ब्रिटिश शासन की नीतियों के विरुद्ध भारत के विभिन्न क्षेत्रों में हुए अन्य जन आंदोलनों एवं जनजातीय विद्रोहों (1757-1857) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल में फकीर और संन्यासी विद्रोह (लगभग 1763-1800) का मुख्य कारण ब्रिटिश शासन द्वारा धार्मिक यात्राओं और तीर्थयात्रियों पर कर लगाना तथा पारंपरिक आजीविका के साधनों पर प्रतिबंध लगाना था, जिसका उल्लेख बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास 'आनंदमठ' में मिलता है। 2. असम में अहोम विद्रोह (1828), गोमधर कुंवर के नेतृत्व में हुआ था, क्योंकि ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने प्रथम आंग्ल-बर्मा युद्ध के पश्चात अहोम साम्राज्य से किए गए वादों को पूरा करने के बजाय उस क्षेत्र पर अधिकार कर लिया था। 3. छोटा नागपुर क्षेत्र में कोल विद्रोह (1831-32) का नेतृत्व बुद्ध भगत ने किया था, जो बाहरी लोगों (दिकुओं) द्वारा आदिम जनजातियों की भूमि पर अधिकार करने, भारी लगान वसूलने और न्यायिक व्यवस्था में बाहरी हस्तक्षेप के विरुद्ध एक सशस्त्र प्रतिकार था। 4. रामोसी विद्रोह (1822-29), जो पश्चिमी घाट के क्षेत्र में चित्तूर सिंह के नेतृत्व में हुआ था, का मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों और प्रशासनिक परिवर्तनों के कारण बेरोजगार हुए पारंपरिक सैनिकों (रामोसियों) की आजीविका की रक्षा करना था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भौतिकी की विभिन्न विविध परिघटनाओं और दैनिक जीवन के अनुप्रयोगों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मृगतृष्णा (Mirage) और प्रशीतकों में उपयोग होने वाले ऑप्टिकल फाइबर की कार्यप्रणाली का मुख्य भौतिक आधार पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) है, जिसके लिए प्रकाश का सघन से विरल माध्यम में जाना और आपतन कोण का क्रांतिक कोण से अधिक होना आवश्यक है। 2. जब कोई व्यक्ति लिफ्ट में नीचे की ओर त्वरित गति से गति कर रहा होता है, तो उसे अपना वजन बढ़ा हुआ प्रतीत होता है, क्योंकि इस स्थिति में उसका आभासी भार उसके वास्तविक भार से अधिक हो जाता है। 3. 'रमन प्रभाव' (Raman Effect) के अनुसार जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरता है, तो प्रकीर्णित प्रकाश की तरंगदैर्ध्य में आपतित प्रकाश की तुलना में परिवर्तन होता है, और इसी उत्कृष्ट खोज के लिए सर सी.वी. रमन को वर्ष 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया था। 4. अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष से आकाश का रंग नीला दिखाई देता है, क्योंकि पृथ्वी के वायुमंडल द्वारा सूर्य के प्रकाश के नीले रंग का प्रकीर्णन सबसे अधिक होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? भारतीय न्यायपालिका और अधीनस्थ न्यायालयों की संरचना तथा संघ राज्य क्षेत्रों के न्यायिक प्रशासन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 227 के अंतर्गत प्रत्येक उच्च न्यायालय को अपने अधिकार क्षेत्र के सभी अधीनस्थ न्यायालयों और न्यायाधिकरणों (Tribunals) पर अधीक्षण (Superintendence) करने की व्यापक शक्ति प्राप्त है, जिसमें प्रशासनिक और न्यायिक दोनों प्रकार के नियंत्रण शामिल हैं। 2. भारत के संघ राज्य क्षेत्रों (Union Territories) में से एकमात्र दिल्ली ऐसा संघ राज्य क्षेत्र है जिसका अपना स्वयं का उच्च न्यायालय है, जबकि अन्य सभी केंद्र शासित प्रदेश या तो किसी पड़ोसी राज्य के उच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं या उनके अपने न्यायिक आयुक्त के न्यायालय हैं। 3. जिला न्यायाधीश (District Judge) की नियुक्ति, पोस्टिंग और पदोन्नति से संबंधित मामलों में संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा उस राज्य के उच्च न्यायालय से परामर्श करना अनिवार्य होता है, तथा न्यायिक सेवा के अन्य सदस्यों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा राज्य लोक सेवा आयोग और उच्च न्यायालय से परामर्श के पश्चात की जाती है। 4. अनुच्छेद 235 के तहत जिला न्यायालयों और उनके अधीनस्थ न्यायालयों पर नियंत्रण, जिसमें पोस्टिंग, पदोन्नति और छुट्टी देना शामिल है, पूरी तरह से राज्य सरकार के गृह विभाग के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में आता है, और इसमें उच्च न्यायालय की कोई भूमिका नहीं होती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.