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शेरशाह की भू-लगान व्यवस्था की निम्नलिखित में से किससे तुलना की जा सकती है?

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शेरशाह की प्रणाली रैयतवाड़ी के काफी करीब थी।
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बिहार में 'कैमूर नेशनल पार्क' का नया नाम क्या है? 1857 के महान विद्रोह के स्वरूप, उसके कारणों और विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करने वाले प्रमुख व्यक्तित्वों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वी.डी. सावरकर ने अपनी पुस्तक 'द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस 1857' में इस विद्रोह को केवल एक 'सिपाही विद्रोह' न कहकर सुनियोजित प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के रूप में वर्णित किया था, जबकि इतिहासकार आर.सी. मजुमदार ने इसे न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम माना था। 2. बिहार के जगदीशपुर में विद्रोह का नेतृत्व करने वाले बाबू कुंवर सिंह ने दानापुर के विद्रोही सिपाहियों के साथ मिलकर ब्रिटिश सेना के विरुद्ध कड़ा संघर्ष किया था, और उन्होंने ब्रिटिश गवर्नर-जनरल लॉर्ड कैनिंग की नीतियों के विरोध में इस आंदोलन की रूपरेखा पटना में ही तैयार की थी। 3. अवध (लखनऊ) में विद्रोह का नेतृत्व बेगम हज़रत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिश कादिर को नवाब घोषित करके किया था, और ब्रिटिश कमिश्नर हेनरी लॉरेंस तथा आउट्राम के विरुद्ध यहाँ की स्थानीय जनता और तात्या टोपे ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया था। 4. झांसी में रानी लक्ष्मीबाई ने 'व्यपगत सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के तहत उनके दत्तक पुत्र को उत्तराधिकारी न माने जाने के कारण अंग्रेजों के विरुद्ध हथियार उठाया था, और ग्वालियर के पतन के बाद तात्या टोपे के साथ मिलकर उन्होंने अंग्रेजों के विरुद्ध guerilla युद्ध का सफल संचालन किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक ढांचा और विशेषकर 'इक्ता प्रणाली' (Iqta System) तथा 'बाजार नियंत्रण नीति' (Market Control Policy) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इक्ता प्रणाली एक प्रकार का भू-राजस्व आवंटन था, जिसे सल्तनत काल में संस्थागत रूप से स्थापित करने का श्रेय इल्तुतमिश को जाता है, जिसके तहत सैनिकों और अधिकारियों को वेतन के बदले भूमि का एक खंड (इक्ता) दिया जाता था और इक्तादार (मुक्ता या वली) को उस क्षेत्र से कर वसूलने तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार प्राप्त था। 2. अलाउद्दीन खिलजी ने अपनी विशाल सेना के रख-रखाव और कम वेतन में सैनिकों के भरण-पोषण को सुनिश्चित करने के लिए क्रांतिकारी 'बाजार नियंत्रण नीति' लागू की थी, जिसके अंतर्गत खाद्यान्न, वस्त्र, घोड़ों और दासों के मूल्य तय करने के लिए 'दीवान-ए-रियासत' और 'शहना-ए-मंडी' नामक विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की गई थी। 3. फिरोजशाह तुगलक ने इक्ता प्रणाली को आनुवंशिक (Hereditary) बना दिया और उसने सैनिकों को नगद वेतन देने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर दिया, जिससे सल्तनत की सैन्य व्यवस्था में शिथिलता आई, साथ ही उसने किसानों पर से कई अवैध करों को समाप्त कर केवल शरीयत के अनुसार चार कर (खराज, जकात, जजिया और खुम्स) ही रखे। 4. बलबन ने इक्तादारों की मनमानी और शक्ति पर अंकुश लगाने के लिए 'ख्वाजा' नामक अधिकारियों की नियुक्ति की थी, जो इक्तादारों की आय और व्यय का लेखा-जोखा रखते थे और केंद्र सरकार को उसकी रिपोर्ट भेजते थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? पृथ्वी के वायुमण्डल के संगठन (Composition of Atmosphere) और विभिन्न गैसों की प्रतिशत मात्रा तथा उनकी परतों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वायुमण्डल में आयतन के अनुसार नाइट्रोजन (लगभग 78.08%) और ऑक्सीजन (लगभग 20.95%) के पश्चात तीसरी सबसे प्रचुर मात्रा में पाई जाने वाली गैस ऑर्गन (Argon) है, जिसका प्रतिशत लगभग 0.93% है, जबकि कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा लगभग 0.036% से 0.04% के बीच पाई जाती है। 2. क्षोभमण्डल (Troposphere) वायुमण्डल की सबसे निचली परत है, जिसमें ऊँचाई में वृद्धि के साथ तापमान में सामान्य ह्रास दर (Normal Lapse Rate) के तहत प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर 1°C की दर से तापमान घटता है, तथा इस परत में वायुमण्डल की कुल जलवाष्प और धूलकणों का लगभग 90 प्रतिशत भाग पाया जाता है। 3. समतापमण्डल (Stratosphere) में ओजोन गैस की अधिकता पाई जाती है जो सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों को अवशोषित करती है, और इस परत के निचले हिस्से में तापमान स्थिर रहता है जबकि ऊपरी हिस्से में ऊँचाई के साथ तापमान में वृद्धि होती है। 4. आयनमण्डल (Ionosphere), जो मध्यमण्डल के ऊपर स्थित होता है, में विद्युत आवेशित कण (आयन) पाए जाते हैं जो पृथ्वी से प्रेषित रेडियो तरंगों को पुनः सतह की ओर परावर्तित करते हैं, और इसी परत में उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुवीय ज्योति (Aurora Borealis and Aurora Australis) की परिघटनाएँ घटित होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? रॉलेट एक्ट (1919), खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के कालक्रम तथा उनके ऐतिहासिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1919 में पारित 'रॉलेट एक्ट' (अराजक और क्रांतिकारी अपराध अधिनियम) के तहत ब्रिटिश सरकार को बिना वारंट के किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार करने और बिना मुकदमा चलाए जेल में रखने का असीमित अधिकार मिल गया था, जिसके विरोध में महात्मा गांधी ने 'रॉलेट सत्याग्रह' के तहत देशव्यापी हड़ताल और 'सत्याग्रह सभा' की स्थापना की थी। 2. वर्ष 1919 के अंत में अमृतसर में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में खिलाफत आंदोलन के प्रश्न पर असहयोग आंदोलन शुरू करने का प्रस्ताव औपचारिक रूप से पारित कर दिया गया था, क्योंकि कांग्रेस ने तुर्की के खलीफा के अधिकारों की रक्षा और खिलाफत के अन्याय के विरुद्ध मुस्लिम समुदाय को राष्ट्रीय धारा से जोड़ने का ऐतिहासिक अवसर माना था। 3. फरवरी 1922 में घटित 'चौरी-चौरा कांड' (गोरखपुर, उत्तर प्रदेश) के हिंसक उपद्रव के कारण महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया था, जिसके बाद चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू ने कांग्रेस के गया अधिवेशन (1922) के पश्चात कांग्रेस से अलग होकर 'स्वराज पार्टी' का गठन किया था। 4. खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन के एकीकरण के दौरान अली बंधुओं (मौलाना मुहम्मद अली और मौलाना शौकत अली) ने प्रमुख भूमिका निभाई थी, तथा इस जन-आंदोलन के दौरान कलकत्ता के विशेष सत्र (सितंबर 1920) में असहयोग का प्रस्ताव स्वयं चित्तरंजन दास द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जिसका महात्मा गांधी ने कड़ा विरोध किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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