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BPSC TRE 4.0
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संसद को राज्य सूची में किसी मामले के सम्बन्ध में कानून बनाने की शक्ति है, बशर्ते यह है
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अनुच्छेद 249 के तहत संसद राष्ट्रीय हित में राज्य सूची पर कानून बना सकती है।
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मौर्य कालीन प्रशासनिक व्यवस्था तथा मौर्योत्तर कालीन आर्थिक एवं सामाजिक संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्य काल में 'तीर्थ' सर्वोच्च अधिकारी होते थे, जिनकी संख्या अर्थशास्त्र के अनुसार अठारह थी, और इनमें 'समहर्ता' आय के संग्रह और 'सनिदाता' राजकीय कोषागार के संरक्षक के रूप में कार्य करता था।
2. अशोक के शिलालेखों में न्याय व्यवस्था के संदर्भ में 'रज्जुक' अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में भू-सर्वेक्षण और सीमांकन के साथ-साथ न्यायिक अधिकार भी प्रदान किए गए थे, जिससे वे ग्रामीण जनता पर दंड और पुरस्कार का निर्णय ले सकें।
3. मौर्योत्तर काल में सातवाहन शासकों ने सबसे पहले ब्राह्मणों और बौद्ध भिक्षुओं को कर-मुक्त भूमि (Agrahara grants) दान देने की प्रथा को बड़े पैमाने पर संस्थागत रूप दिया, जिससे सामंती प्रवृत्तियों का बीजारोपण हुआ।
4. कुषाण काल में अंतराष्ट्रीय व्यापार अपने चरम पर था, और इस काल में रोमन साम्राज्य के साथ भारी मात्रा में सोने के सिक्के (दीनार) भारत आए, जिसके जवाब में कुषाण शासक कनिष्क ने रोमन सिक्कों की तर्ज पर 'शुद्ध स्वर्ण मुद्राएँ' (Dinars) बड़े पैमाने पर जारी कीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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