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BPSC TRE 4.0
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बिहार में 1937 में गठित प्रथम भारतीय मंत्रिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1937 में गठित पहले मंत्रिमंडल के मुखिया मुहम्मद यूनुस थे।
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पंचेत की जागीर बिहार में एक भाग के रूप में निश्चित ही वर्णित है
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भारतीय संविधान के भाग-I के अंतर्गत आने वाले अनुच्छेद 1 से 4 तथा राज्यों के पुनर्गठन के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 1 में भारत को 'राज्यों का संघ' (Union of States) कहा गया है, जिसका तात्पर्य यह है कि भारतीय संघ अमेरिकी संघ की भांति राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और किसी भी घटक राज्य को संघ से अलग होने का कोई अधिकार नहीं है।
2. अनुच्छेद 3 के तहत संसद को किसी भी राज्य के क्षेत्र, सीमा या नाम में परिवर्तन करने की शक्ति प्राप्त है, और इस प्रकार के किसी भी विधेयक को संसद में प्रस्तुत करने से पूर्व राष्ट्रपति की पूर्व सिफारिश आवश्यक है, तथा राष्ट्रपति के लिए संबंधित राज्य विधानमंडल द्वारा व्यक्त किए गए विचारों को मानना संवैधानिक रूप से बाध्यकारी है।
3. वर्ष 1948 में गठित 'धर आयोग' (SK Dhar Commission) ने राज्यों के पुनर्गठन का आधार भाषाई प्रशासनिक सुविधा के स्थान पर मुख्य रूप से प्रशासनिक सुगमता, वित्तीय आत्मनिर्भरता और भौगोलिक निकटता को बनाया था, जिसे जेवीपी समिति (JVP Committee) ने भी अपनी रिपोर्ट में स्वीकार किया था।
4. भाषाई आधार पर गठित होने वाला भारत का प्रथम राज्य आंध्र प्रदेश था, जिसका गठन 1 अक्टूबर 1953 को हुआ था, और इसके तुरंत पश्चात न्यायमूर्ति फज़ल अली की अध्यक्षता में 'राज्य पुनर्गठन आयोग' (States Reorganisation Commission) का गठन किया गया जिसने भाषाई राज्यों की सैद्धांतिक रूप से पुष्टि की।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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2025 में 18वीं बिहार विधानसभा के लिए कितनी महिला उम्मीदवार निर्वाचित हुईं?
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भारतीय संविधान के संदर्भ में 'संघ और इसके राज्यक्षेत्र' (भाग-I, अनुच्छेद 1-4) के प्रावधानों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 1 में भारत को 'राज्यों का संघ' (Union of States) कहा गया है, जिसका अर्थ है कि भारतीय संघ राज्यों के बीच किसी समझौते का परिणाम नहीं है और न ही किसी राज्य को संघ से अलग होने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
2. अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद को नए राज्यों के प्रवेश या उनकी स्थापना करने की शक्ति प्राप्त है, तथा इसी अनुच्छेद के तहत संसद किसी भी राज्य का क्षेत्र घटा सकती है, बढ़ा सकती है या उसके नाम और सीमा में परिवर्तन कर सकती है।
3. अनुच्छेद 3 के अधीन बनाए जाने वाले किसी भी नए राज्य के निर्माण या सीमा परिवर्तन से संबंधित विधेयक को राष्ट्रपति की पूर्व अनुमति के बिना संसद के किसी भी सदन में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता है, और ऐसा विधेयक भेजने से पूर्व राष्ट्रपति के लिए संबंधित राज्य विधानमंडल के विचारों को जानना अनिवार्य होता है, यद्यपि राज्य का विचार राष्ट्रपति या संसद पर बाध्यकारी नहीं होता है।
4. सर्वोच्च न्यायालय के 'बेरुबारी यूनियन वाद (1960)' में दिए गए निर्णय के अनुसार, संसद अनुच्छेद 3 के अंतर्गत प्रदत्त अपनी सामान्य विधाई शक्ति का प्रयोग करके देश का कोई भी भू-भाग किसी विदेशी देश को नहीं सौंप सकती है, बल्कि इसके लिए अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन करना अनिवार्य होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार की जलवायु, नदी तंत्र और कृषि पद्धतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बिहार की जलवायु मुख्य रूप से मानसूनी प्रकार की है, जिसमें उत्तर-पश्चिम से आने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में सर्वाधिक वर्षा का कारण बनता है, और यहाँ की औसत वार्षिक वर्षा का वितरण पूर्वी बिहार से पश्चिमी बिहार की ओर क्रमशः घटता जाता है।
2. कोसी नदी को 'बिहार का शोक' कहा जाता है, जिसका उद्गम तिब्बत में गोसाईं थान चोटी के पास से होता है और यह नेपाल के रास्ते मधेपुरा और सुपौल जिलों में प्रवेश करते हुए अपने मार्ग परिवर्तन (Course shifting) के लिए कुख्यात है, तथा यह पूर्णिया के पास गंगा नदी में मिल जाती है।
3. बिहार में 'सस्य जलवायु क्षेत्रों' (Agro-climatic Zones) के अंतर्गत कृषि निदेशालय द्वारा राज्य को कुल चार प्रमुख जोनों में विभाजित किया गया है, जिसमें जोन-I (उत्तर-पश्चिम), जोन-II (उत्तर-पूर्व), जोन-IIIक और जोन-IIIख (दक्षिण बिहार) शामिल हैं, जो फसल विविधीकरण में मदद करते हैं।
4. बिहार में पारंपरिक कृषि पद्धतियों के अंतर्गत 'टाल क्षेत्र' (Tall Area) की मिट्टी अत्यधिक उपजाऊ चिकनी मिट्टी (Heavy Clay) होती है, जहाँ मानसून के दौरान जलभराव के कारण खरीफ की फसलें नहीं उगाई जा सकती हैं, किंतु शीत ऋतु में पानी के उतरने के बाद इस क्षेत्र में रबी फसलों (विशेषकर चना और दलहन) की बंपर पैदावार होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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