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History of India
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दक्षिण भारत के राज्यों को जीतने के बाद अलाउद्दीन ने उन्हें अपने साम्राज्य में क्यों नहीं मिलाया?

Detailed Explanation

उसका लक्ष्य धन लूटना और वार्षिक कर लेना था।
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छठी शताब्दी ईसा पूर्व में स्थापित 'सोलह महाजनपदों' और मगध साम्राज्य के उत्कर्ष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंगुट् निकाय और भगवती सूत्र जैसे बौद्ध एवं जैन ग्रंथ प्राचीन भारत के सोलह महाजनपदों की सूची प्रदान करते हैं, जिनमें 'अश्मक' (Assaka) एकमात्र ऐसा महाजनपद था जो गोदावरी नदी के तट पर दक्षिण भारत में स्थित था। 2. मगध साम्राज्य के प्रारंभिक उत्कर्ष में बिम्बिसार (श्रेणिक) ने वैवाहिक संबंधों और विजय की नीति अपनाई, तथा उसने अपनी कूटनीति के तहत अवंती के शासक प्रद्योत के पांडुरोग (पीलिया) से ग्रसित होने पर अपने प्रसिद्ध राजवैद्य जीवक को उनकी सेवा के लिए उज्जैन भेजा था। 3. शिशुनाग वंश के शासक कालाशोक (ककवर्ण) के शासनकाल में ही पाटलिपुत्र में द्वितीय बौद्ध संगीति का आयोजन किया गया था, जिसमें बौद्ध संघ का पहली बार स्थविर और महासंघिक के रूप में विभाजन हुआ था। 4. महापदमनंद को पुराणों में 'सर्वक्षत्रान्तक' (सभी क्षत्रियों का नाश करने वाला) और 'एकराट' कहा गया है, जिसने नंद वंश की नींव रखी और कलिंग को जीतकर मगध साम्राज्य में मिला लिया था, जिसका प्रमाण हाथीगुंफा अभिलेख से मिलता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह की असफलता के कारणों और नेतृत्व की कमियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस विद्रोह का नेतृत्व कर रहे अधिकांश भारतीय शासकों और सामंतों के पास एक साझा केंद्रीय दृष्टिकोण, आधुनिक राजनीतिक एजेंडा और भविष्य के प्रशासनिक स्वरूप का पूर्ण अभाव था, जिसके कारण वे अंग्रेजों की सुनियोजित सैन्य और कूटनीतिक रणनीति का मुकाबला करने में विफल रहे। 2. ब्रिटिश सेना के पास आधुनिक हथियारों, त्वरित संचार माध्यमों (टेलीग्राफ) और रेलवे का लाभ था, जबकि भारतीय विद्रोहियों के पास हथियारों की एकरूपता और सैन्य अनुशासन की कमी थी। 3. संपूर्ण भारत के स्तर पर इस विद्रोह ने देश के सभी वर्गों और क्षेत्रों को समान रूप से प्रभावित किया तथा दक्षिण भारत, पंजाब और पश्चिमी भारत के शिक्षित मध्यम वर्ग ने भी खुलकर इस विद्रोह का समर्थन किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? फिरोज शाह तुगलक ने दिल्ली के आसपास फलों के कितने नए बाग लगवाए थे? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली के घटनाक्रम और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मेरठ के विद्रोही सैनिकों के 11 मई 1857 को दिल्ली पहुँचने के बाद उन्होंने वृद्ध मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा से ही सही, भारत का 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित कर दिया था, जिससे इस आंदोलन को एक प्रतीकात्मक अखिल भारतीय वैधता प्राप्त हुई। 2. दिल्ली में विद्रोहियों का वास्तविक सैन्य और प्रशासनिक संचालन एक 'न्याय परिषद' (Court of Administrators) के हाथों में था, जिसमें मुख्य रूप से सैनिक प्रतिनिधि शामिल थे और सम्राट की स्थिति केवल एक संवैधानिक मुखौटे जैसी थी। 3. ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के लिए जनरल जॉन निकलसन के नेतृत्व में सैनिक अभियान चलाया गया, जिसके दौरान हुमायूं के मकबरे में शरण लिए हुए बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर लिया गया था। 4. दिल्ली पर पुनः नियंत्रण स्थापित करने के पश्चात ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा बहादुर शाह जफर पर देशद्रोह और हत्या का मुकदमा चलाया गया, जिसमें उन्हें दोषी ठहराते हुए सिंगापुर निर्वासित कर दिया गया था जहाँ 1862 में उनकी मृत्यु हो गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1858 के दौरान झाँसी और ग्वालियर क्षेत्र में रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे द्वारा चलाए गए सैन्य अभियानों तथा ब्रिटिश जनरल ह्यूरोज़ के आक्रमण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1858 में ब्रिटिश जनरल ह्यूरोज़ द्वारा झाँसी के किले की घेराबंदी किए जाने के पश्चात, तात्या टोपे ने झाँसी को बचाने के लिए कालपी से एक राहत सेना भेजी थी, किंतु ह्यूरोज़ ने तात्या टोपे की सेना को पराजित कर दिया और अंततः झाँसी के पतन के बाद रानी लक्ष्मीबाई सुरक्षित रूप से कालपी निकल गईं। 2. कालपी पहुँचने पर रानी लक्ष्मीबाई और तात्या टोपे ने संयुक्त रूप से ग्वालियर के रणनीतिक किले पर अधिकार करने के लिए अभियान चलाया और ग्वालियर के सिंधिया शासक को पराजित कर किले पर कब्जा कर लिया। 3. ग्वालियर के पतन के बाद जनरल ह्यूरोज़ ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कोटा-की-सराय के युद्ध में विद्रोही सेना का सामना किया, जहाँ 18 जून 1858 को रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुईं। 4. रानी लक्ष्मीबाई की शहादत के तुरंत बाद तात्या टोपे ने अंग्रेजों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद उन्हें ब्रिटिश अदालत द्वारा तुरंत रिहा कर दिया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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